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डाउनलोड करेंभोपाल. परवलिया सड़क के चंदूखेड़ी में गुरुवार देर रात हथियारबंद नकाबपोश डकैतों ने सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवान दीपक कुमार पीपले के घर में डाका डाल दिया। उनके 10 महीने के बेटे को गोद में लेकर जान से मारने की धमकी देकर पत्नी के पूरे जेवर उतरवा लिए। जाते वक्त बोले कि यदि किसी को बताया तो पूरे परिवार को मार डालेंगे। सेंट्रल लॉक तोड़कर घर में घुसे डकैत 15 मिनट तक घर में रुके। 26 वर्षीय दीपक मूलत: छिंदवाड़ा के रहने वाले हैं।
थाना प्रभारी परवलिया खुद थे रात के पहरेदार, नहीं लगी भनक
घटना की सूचना पर सुबह करीब 4 बजे परवलिया पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। एसआई परवलिया गिरजा शंकर महोबिया ने बताया कि चोरी गया माल करीब 15 हजार रुपए कीमत का है। अज्ञात चार बदमाशों के खिलाफ महिला की शिकायत पर घर में घुसकर लूटपाट का मामला दर्ज किया है। घटना की रात इलाके की पहरेदारी थाना प्रभारी जीएस महोबिया की थी, लेकिन उन्हें भी डकैतों की भनक नहीं लगी। ठीक एक महीने पहले रातीबड़ में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के रिटायर्ड सुरक्षा अधिकारी के घर हुई डकैती का खुलासा भी राजधानी पुलिस नहीं कर पाई है।
आरोपियों ने की होगी रैकी
दीपक ने बताया कि वे गुरुवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात करीब 1 बजकर 55 मिनट पर घर से निकले थे। हमेशा की तरह घर से बाहर आने पर मकान का सेंट्रल लॉक बाहर से लगा दिया था। संध्या और बेटा अंदर सो रहे थे। मेरे घर से निकलने के करीब 10 मिनट के अंदर ही बदमाश अंदर घुस आए। उन्हें मेरे घर से निकलने से लेकर अन्य सभी जानकारियां थी। ऐसा तभी संभव है, जब उन्होंने रैकी की हो। दीपक ने आशंका जताई कि हो सकता है कि बदमाश आसपास के ही हों।
महिला ने घटना के बारे में जो कुछ बताया है उससे लगता है कि आरोपी आसपास के होंगे। दीपक के घर से आने-जाने की उन्हें पूरी जानकारी थी। अब तक आरोपियों के किसी तरह के वाहन का उपयोग करने की जानकारी नहीं मिली है। कुछ प्वांइट मिले हैं, उम्मीद है कि हम जल्द ही आरोपियों तक पहुंच जाएंगे।
-समीर यादव, एएसपी जोन-4
रात करीब दो बजे चार-पांच बदमाश कमरे में खड़े नजर आए। उनमें से एक मेरे 10 माह के बेटे को लिए था। उन्होंने मुझे धमकाया- अगर शोर मचाया तो बच्चे को जान से मार देंगे। मैं बच्चे की सलामती के लिए चुपचाप हो गई। उनके कहने पर मैंने मंगलसूत्र, पायल और कान के टॉप्स उन्हें उतारकर दे दिए। मुझे बच्चा देते हुए कहा- चुपचाप इसे गोद में लेकर बैठ जाओ। वह घर की तलाशी लेते हुए कह रहे थे कि अगर किसी को इसके बारे में बताया तो हम दोबारा आएंगे। तेरे पति को भी मार देंगे। हमें पता है कि वह क्या करता है? कब आता है? कहां जाता है? डर के कारण मैं एक कोने में बैठी रही। उन्होंने घर का एक-एक सामान फेंक दिया। घर से नकदी तो छोड़ो बच्चे की गुल्लक तक ले गए। उनके जाने के बाद मैंने शोर मचाया।
-जैसा घटना के बारे में संध्या ने बताया
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