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दिलचस्प : गुलामी से बचने के लिए झील पर बसाया गांव, 20 हजार है आबादी, रेस्त्रां, घर और दुकानें सब तैरती हुई नजर आती हैं यहां

इस अनोखे गांव का नाम है गेनवी और नोकोऊ लेक पर बसाया गया है।

Danik Bhaskar | Jul 30, 2018, 07:04 PM IST

लाइफस्टाइल डेस्क. गुलामी की जिंदगी से बचने के लिए पश्चिमी अफ्रीका के बेनिन में एक अनोखे गांव की स्थापना हुई। 20 हजार की आबादी वाले इस अनोखे गांव का नाम है गेनवी। इसे नोकोऊ लेक पर बसाया गया है। ज्यादातर लोगों के घर झील के बीचों-बीच हैं। इसे झील पर बसा अफ्रीका का सबसे बड़ा गांव भी माना जाता है। टूरिस्ट इस गांव को देखने के लिए दूर-दूर से पहुंचते हैं। जानते हैं इस गांव से जुड़ी दिलचस्प बातें...

- कुछ रिपोर्ट के अनुसार 16वीं या 17वीं शताब्दी में तोफिनु समुदाय के लोगों ने खुद की सुरक्षा के लिए यहां बसने का फैसला किया। फोन नाम की जनजाति के लोग इन ग्रामीणों को गुलाम बनाने के लिए आते थे, लेकिन अपनी धार्मिक मान्यताओं के कारण वे पानी में प्रवेश नहीं करते थे। अब इतने सालों तक यहां रहने के कारण गेनवी गांव ने पानी के ऊपर ही अपना कल्चर डेवलप कर लिया है और आगे भी यहीं रहना चाहते हैं।

- यहां सारे घर, दुकानें और रेस्त्रां पानी के कई फीट ऊपर लकड़ी के बने हुए हैं। झील के ऊपर तैरता हुआ बाजार भी लगता है। गांव वालों के पास एक जमीन का टुकड़ा भी है, जहां पर एक स्कूल बनाया गया है। हालांकि इस जमीन को भी लोगों के खुद तैयार किया। इसके लिए उन्हें नावों पर मिट्टी भर-भरकर लाना पड़ा था। यहां के लोग मछली पालन करते हैं। इसे वेनिस ऑफ अफ्रीका भी कहते हैं।

- गेनवी को 1996 में यूनेस्को ने वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में शामिल किया था। यहां लेक की सैर करने के लिए नावों को किराए पर दिया जाता है। अपने अनोखे कल्चर के कारण यह गांव काफी प्रसिद्ध हुआ और एक पॉप्युलर टूरिस्ट प्लेस के तौर पर जाना गया। यहां ग्रामीणों के पास जमीन का कुछ हिस्सा है जहां बच्चे पढ़ाई खत्म करने के बाद स्पोर्ट्स एक्टिविटीज में भाग लेते हैं।

- झील पर बनी 3000 बिल्डिंग्स में से यहां का स्कूल ही एकमात्र ऐसी जगह है जो जमीन बनी है। यहां पोस्ट ऑफिस, बैंक, हॉस्पिटल, चर्च और मस्जिद भी पानी पर तैरते हुए मिल जाएंगे। हालांकि यहां के निवासी धीरे-धीरे आसपास के क्षेत्रों से मिट्टी लाकर झील में डालरहे हैं ताकि इसे एक आईलैंड के तौर पर विकसित किया जा सके। यहां की आबादी बढ़ने के साथ यहां झील में जगह कम होती जा रही है।