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कश्मीर में आर्मी पर हो रहे हमलों को लेकर फूटा गंभीर का गुस्सा, बोले- थोड़ी इच्छाशक्ति दिखाओ

गौतम गंभीर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया। जिसमें कश्मीर में पत्थरबाज आर्मी पर हमला करते दिख रहे हैं।

Dainik Bhaskar

Jun 03, 2018, 03:54 PM IST
Gambhir said Make it mandatory for politicians to spend a week in troubled parts of Kashmir along with their families&without security. Only then they b allowed to contest 2019 elections. No other way to make them understand d plight of armed forces & a well-meaning Kashmiri

* कश्मीर में सेना पर हो रही पत्थरबाजी पर फूटा गंभीर का गुस्सा
* गौतम गंभीर ने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया वीडियो, सरकार से इच्छाशक्ति दिखाने के लिए कहा
* नेताओं के लिए परिवार समेत एक हफ्ते कश्मीर में रुकना अनिवार्य करने की सलाह दी

स्पोर्ट्स डेस्क. देशहित खासकर आर्मी से जुड़े मुद्दों पर अक्सर मुखर होकर बोलने वाले इंडियन क्रिकेटर गौतम गंभीर ने इस बार कश्मीर में सेना के जवानों पर होने वाली पत्थरबाजी को लेकर अपना गुस्सा जताया है। हाल ही में श्रीनगर में सेना की गाड़ी के नीचे आने की वजह से हिंसक भीड़ में से एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई। इसी मुद्दे को लेकर आर्मी के जवानों की हो रही आलोचना के बीच, उन्होंने एक वीडियो पोस्ट करते हुए जवानों को होने वाली समस्या का ध्यान दिलाया और सरकार से थोड़ी इच्छा शक्ति दिखाने की बात की। इसके साथ ही उन्होंने अपनी ओर से इस समस्या का एक समाधान भी बताया। गंभीर ने किया ये ट्वीट...

- गौतम गंभीर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया। जिसमें कश्मीर में पत्थरबाज आर्मी वाहन पर हमला करते दिख रहे हैं।
- इस वीडियो के साथ गंभीर ने लिखा, 'इसे देखकर मैं हिल गया हूं, क्या अब भी भारत को लगता है कि इन पत्थरबाजों से कमरे में बैठकर बात की जा सकती है, अरे यार, सच को पहचानो। मुझे और मेरे सुरक्षाबलों को कुछ राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाइए, हमारे CRPF के जवान आपको रिजल्ट बता देंगे।'

गंभीर ने बताया समस्या का समाधान


- एक ट्वीट करने के बाद गंभीर रूके नहीं। इसके बाद उन्होंने उसी वीडियो के साथ एक और ट्वीट किया। जिसमें उन्होंने लिखा, 'मेरे पास इस समस्या का एक उपाय है। नेताओं के लिए ये अनिवार्य कर दिया जाए कि वे अपने परिवार के साथ एक हफ्ता कश्मीर के समस्या वाले इलाकों में बिना सुरक्षा के गुजारेंगे। इसके बाद ही उन्हें 2019 के चुनावों में उतरने की इजाजत मिलेगी। सुरक्षाबलों को होने वाली समस्याओं और कश्मीरी होने का असली मतलब समझाने का इससे अच्छा कोई दूसरा तरीका नहीं है।'

- बता दें कि शनिवार को CRPF की एक जीप पर पत्थरबाजों ने जबर्दस्त हमला कर दिया था। जीप पर पत्थर और डंडे बरसाए जा रहे थे। कोई जीप से लटक रहा था तो कोई इसके बोनट पर चढ़ रहा था। इसी मारीमारी के बीच एक पत्थरबाज जीप के नीचे आकर जख्मी हो गया। उसकी बाद में अस्पताल में मौत हो गई। अब इसी पर राजनीति शुरू हो गई है।

- प्रदर्शनकारी की मौत मामले में पुलिस ने सीआरपीएफ की श्रीनगर यूनिट के खिलाफ दो FIR दर्ज की हैं। वहीं J&K के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस मामले में सीएम मेहबूबा मुफ्ती और सेना पर निशाना साधते हुए कहा है कि रमजान में बंदूक नहीं चलाने का मतलब ये नहीं कि गाड़ी चढ़ा दी जाए।

- इसी वजह से गंभीर ने सीआरपीएफ जवानों के वाहन पर हुए हमले को दिखाने वाला ये वीडियो पोस्ट करते हुए उन्हें होने वाली समस्याओं की ओर लोगों का ध्यान दिलाने की कोशिश की है।

Gambhir said Make it mandatory for politicians to spend a week in troubled parts of Kashmir along with their families&without security. Only then they b allowed to contest 2019 elections. No other way to make them understand d plight of armed forces & a well-meaning Kashmiri
Gambhir said Make it mandatory for politicians to spend a week in troubled parts of Kashmir along with their families&without security. Only then they b allowed to contest 2019 elections. No other way to make them understand d plight of armed forces & a well-meaning Kashmiri
उमर अब्दुल्ला ने लिखा, 'पहले उन्होंने लोगों को अपनी जीप के आगे बांधा और फिर प्रदर्शनकारियों को डराने के लिए गांव में उनकी परेड लगाई। अब वे अपनी जीप को प्रदर्शनकारियों के ऊपर चढ़ा रहे हैं। क्या यही आपका नया SOP है मेहबूबा मुफ्ती साहिबा? युद्धविराम का मतलब बंदूक नहीं है तो जीप का इस्तेमाल करना है क्या?' उमर अब्दुल्ला ने लिखा, 'पहले उन्होंने लोगों को अपनी जीप के आगे बांधा और फिर प्रदर्शनकारियों को डराने के लिए गांव में उनकी परेड लगाई। अब वे अपनी जीप को प्रदर्शनकारियों के ऊपर चढ़ा रहे हैं। क्या यही आपका नया SOP है मेहबूबा मुफ्ती साहिबा? युद्धविराम का मतलब बंदूक नहीं है तो जीप का इस्तेमाल करना है क्या?'
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Gambhir said Make it mandatory for politicians to spend a week in troubled parts of Kashmir along with their families&without security. Only then they b allowed to contest 2019 elections. No other way to make them understand d plight of armed forces & a well-meaning Kashmiri
Gambhir said Make it mandatory for politicians to spend a week in troubled parts of Kashmir along with their families&without security. Only then they b allowed to contest 2019 elections. No other way to make them understand d plight of armed forces & a well-meaning Kashmiri
Gambhir said Make it mandatory for politicians to spend a week in troubled parts of Kashmir along with their families&without security. Only then they b allowed to contest 2019 elections. No other way to make them understand d plight of armed forces & a well-meaning Kashmiri
उमर अब्दुल्ला ने लिखा, 'पहले उन्होंने लोगों को अपनी जीप के आगे बांधा और फिर प्रदर्शनकारियों को डराने के लिए गांव में उनकी परेड लगाई। अब वे अपनी जीप को प्रदर्शनकारियों के ऊपर चढ़ा रहे हैं। क्या यही आपका नया SOP है मेहबूबा मुफ्ती साहिबा? युद्धविराम का मतलब बंदूक नहीं है तो जीप का इस्तेमाल करना है क्या?'उमर अब्दुल्ला ने लिखा, 'पहले उन्होंने लोगों को अपनी जीप के आगे बांधा और फिर प्रदर्शनकारियों को डराने के लिए गांव में उनकी परेड लगाई। अब वे अपनी जीप को प्रदर्शनकारियों के ऊपर चढ़ा रहे हैं। क्या यही आपका नया SOP है मेहबूबा मुफ्ती साहिबा? युद्धविराम का मतलब बंदूक नहीं है तो जीप का इस्तेमाल करना है क्या?'
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