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रेस्तरां में बैरे को कितनी बख़्शीश दें?

6 वर्ष पहले
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आपने किसी रेस्तरां में अच्छा सा खाना खाया होगा और आपके सामने इसका बिल पेश कर दिया गया होगा.

आप बिल तो देंगे ही लेकिन आपको खाने खिलाने वाले वेटर को कितनी बख़्शीश देनी चाहिए. बीबीसी की अलग अलग भाषा सेवाओं के साथियों की इस बारे में अलग राय है.

बख़्शीश देने के तौर तरीक़ों को लेकर किसी मुसाफ़िर को दुनिया भर में अलग अलग तरह के सामाजिक और सांस्कृतिक चलन का अनुभव हो सकता है.

वेटर को बख़्शीश

किसी विदेशी के लिए ये एक मुश्किल भरा फ़ैसला हो सकता है कि वेटर को बख़्शीश देना ठीक रहेगा या नहीं.

और फिर असमंजस इस बात को लेकर भी हो सकता है कि बख़्शीश कितनी देनी चाहिए.

तक़रीबन दुनिया भर में बिल के दस फ़ीसदी के बराबर बख़्शीश दी जाने की रवायत रही है.

अर्जेंटीना, अज़रबैजान, ब्राज़ील, नेपाल और वेनेज़ुएला में मौजूद हमारे साथियों का कहना है कि उनके यहां भी यही चलन है.

टिप का चलन

लातिन अमरीका में क्रिसमस या शादियों के मौक़े पर वेटरों को ज़्यादा बख़्शीश की उम्मीद रहती है- ख़ासकर तब जबकि आप चाहें कि आपकी ड्रिंक आती रहे!

ईरान में ज्यादा बख़्शीश देने का चलन है- यह बिल के 10 से 15 फ़ीसदी के क़रीब हो सकता है.

और अगर ईरानियों के लिए ये नए साल का मौक़ा हो तो दिल दरिया हो जाता है.

ईरान में कचरा बीनने वाले भी महीने की बख़्शीश की उम्मीद रखते हैं और न मिलने की सूरत में आपके कचरे का बैग फ़ुटपाथ पर छोड़ा हुआ मिल सकता है.

बख़्शीश की उम्मीद

लेबनान में भी बख़्शीश को ख़ासी अहमियत दी जाती है.

वहां मौजूद हमारी संवाददाता कैरीन टॉर्बे कहती हैं कि उनके ख़र्चों का एक बड़ा हिस्सा बख़्शीश देने में चला जाता है. लेबनान के पड़ोसी इसराइल में भी कुछ ऐसे ही हालात हैं.

बीबीसी एकेडमी के मार्क शेया और उनके साथियों का वहां एक महिला वेटर ने बख़्शीश के लिए दूर तक पीछा किया क्योंकि वो अपनी टिप से नाख़ुश थीं.

पूर्वी एशिया में कहानी कुछ अलग है. ताइवान, चीन और वियतनाम में हमारे पत्रकारों ने बताया कि उनके देशों में किसी बख़्शीश की उम्मीद नहीं की जाती है.

\'चाय के लिए छुट्टे\'

लेकिन इसका मतलब ये नहीं हुआ कि बख़्शीश का वो स्वागत नहीं करेंगे.

उज़्बेकिस्तान में बीबीसी उज़्बेक सेवा के रुस्तम क़ोबिलोव कहते हैं कि उनके यहां बख़्शीश को \'चाय के लिए छुट्टे\' कहा जाता है.

रुस्तम बताते हैं कि सोवियत अतीत की वजह से शायद यहां के लोग बख़्शीश को अच्छा नहीं मानते हैं.

श्रीलंका, इंडोनेशिया, पाकिस्तान और भारत में बख़्शीश आम बात है.

तौर तरीक़े

बीबीसी हिंदी के संवाददाता फ़ैसल मोहम्मद अली कहते हैं कि अगर आप ज़्यादा बख़्शीश देते हैं तो आपके साथी आपको घमंडी कह सकते हैं.

लेकिन अमरीका में बख़्शीश देने के तौर तरीक़े बिलकुल ही अलग हैं.

मैड्रिड में इंटरनेशनल स्कूल ऑफ़ प्रोटोकॉल के प्रेसिडेंट गेरार्डो कोरियास ने बीबीसी मुंडो को बताया, \"दुनिया में शायद सबसे ज़्यादा बख़्शीश अमरीका में दी जाती है.\"

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