Hindi News »Business» GDP Data Release For FY 2018 Quarterly GDP Stood 7.7 Percent

जनवरी-मार्च में 7.7% रही जीडीपी ग्रोथ, पिछली 7 तिमाही में सबसे तेज; पूरे वित्त वर्ष में 6.7% की दर

तीसरी तिमाही की जीडीपी ग्रोथ 7.2% से संशोधित कर 7% की गई

DainikBhaskar.com | Last Modified - May 31, 2018, 11:50 PM IST

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    • कंस्ट्रक्शन सेक्टर की ग्रोथ तिमाही आधार पर 6.6% से बढ़कर 11.5% हुई
    • सरकार ने 2019 के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान 7.5% बरकरार रखा है

    नई दिल्ली. वित्त वर्ष 2017-18 के लिए जीडीपी के आंकड़े जारी किए गए। जनवरी-मार्च तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 7.7% जबकि पूरे वित्त वर्ष के लिए 6.7% रही है। पिछली तीनों तिमाही के लिए विकास दर संशोधित की गई है। 2017-18 की पहली तिमाही के लिए ग्रोथ रेट 5.7% से रिवाइज कर 5.6% कर दी गई है। दूसरी तिमाही के लिए ये 6.5% की बजाय 6.3% और तीसरी तिमाही के लिए 7.2% से 7% कर दी गई है।

    वित्त वर्ष 2017-18जीडीपी ग्रोथ
    जनवरी-मार्च7.7%
    अक्टूबर-दिसंबर7% (7.2% से संशोधित)
    जुलाई-सितंबर6.3% (6.5% से संशोधित)
    अप्रैल-जून5.6% (5.7% से संशोधित)

    7 तिमाही में सबसे तेज 7.7% जीडीपी ग्रोथ

    - अप्रैल-जून 2016 के बाद इस बार सबसे ज्यादा ग्रोथ रही
    - 2016-17 की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 8.1% रही
    - 2016-17 की चौथी तिमाही में 6.1% ग्रोथ रही

    कंस्ट्रक्शन ग्रोथ 6.6% से बढ़कर 11.5% हुई

    - मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन और सर्विस सेक्टर के शानदार प्रदर्शन और कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी से ग्रोथ में तेजी आई है।

    सेक्टर

    ग्रोथ

    (जनवरी-मार्च 2018)

    ग्रोथ

    (अक्टूबर-दिसंबर 2017)

    एग्रीकल्चर4.5%3.1%
    मैन्युफैक्चरिंग9.1%8.5%
    कंस्ट्रक्शन11.5%6.6%
    फाइनेंस, रिएल एस्टेट, इंश्योरेंस5%6.9%
    माइनिंग2.7%1.4%
    पब्लिक एडमिन, डिफेंस13.3%7.7%

    सालाना आधार पर ग्रोथ 7.1% से घटकर 6.7% हुई
    - तिमाही आधार पर जीडीपी ग्रोथ में इजाफा हुआ है लेकिन पूरे साल के लिए ग्रोथ 6.7% रही जबकि 2016-17 में ये 7.1% थी।

    चीन की 6.8% ग्रोथ से आगे निकला भारत

    - जनवरी-मार्च तिमाही में भारत 7.7% ग्रोथ के साथ चीन से आगे रहा है। इस दौरान चीन की तिमाही जीडीपी ग्रोथ 6.8% रही।

    प्रति व्‍यक्‍ति आय 5.4% की दर से बढ़ी
    - 2017-18 के दौरान प्रति व्‍यक्‍ति आय बढ़कर 86,668 रुपये हो गई। 2016-17 में ये 82,229 रुपए थी।
    - 2017-18 में प्रति व्‍यक्‍ति आय वृद्धि दर 5.4% रही, जो पिछले वर्ष 5.7% थी।

    -प्रति व्यक्ति शुद्ध राष्ट्रीय आय 8.6% की दर से बढ़कर 1,12,835 रुपए रही जबकि 2016-17 में

    ये 10.3% की दर से बढ़ते हुए 1,03,870 रुपए रही थी।

    सकल राष्ट्रीय आय (जीएनआई) ग्रोथ 7.1% से घटकर 6.7% रही
    - पिछले साल 120.52 लाख करोड़ की तुलना में इस बार ग्रॉस नेशनल इनकम 128.64 लाख करोड़ रुपए रही। जीएनआई ग्रोथ रेट 2016-17 में 7.1% की तुलना में इस बार 6.7% रही है।

    इकोनॉमी में तेजी की उम्मीद
    - आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने कहा कि चौथी तिमाही के लिए पहले से ही बेहतर उम्मीदें थीं और जीडीपी के आंकड़ों में इसकी झलक दिखी है। मैन्युफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन सेक्टर के आंकड़ों को देखते हुए कहा जा सकता है कि आगे भी इकोनॉमी में तेजी आएगी।

    2019 के लिए 7.5% ग्रोथ का अनुमान
    - सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान में कोई बदलाव नहीं किया है। गर्ग ने कहा कि तेल कीमतें बढ़ने का ग्रोथ पर कोई असर पड़ने की उम्मीद नहीं है।

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