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फोटो में दो साल की बच्ची की आंख में नजर आया एक अजीबोगरीब धब्बा, मां को हुआ शक, पहुंच गई बेटी को डॉक्टर को दिखाने

dainikbhaskar.com

Apr 16, 2019, 07:55 PM IST

अब बच्ची की मां कहती है, अगर उस दिन वो फोटो ना देखती तो हो जाती बड़ी अनहोनी

Girl’s glowing white pupil prompted her mother to take her to hospital – where doctors removed her eye after finding 10 tumours
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ओरेगन. अमेरिका में रहने वाली एक महिला की अलर्टनेस की वजह से उसकी बेटी की जान बच गई। कुछ साल पहले महिला अपनी बेटी के फोटोज देख रही थी, इसी दौरान उसे बच्ची की एक आंख में एक धब्बा नजर आया जो कि बेहद अजीब था। इसके बाद महिला बेटी को लेकर डॉक्टर के पास पहुंची। महिला का शक बिल्कुल सही था, क्योंकि वो धब्बा साधारण निशान ना होकर एक गंभीर किस्म के कैंसर का लक्षण था। इसके बाद बच्ची की उस आंख को निकाल देना पड़ा, लेकिन उसकी जान बच गई। अब करीब तीन साल बाद बच्ची पूरी तरह ठीक हो चुकी है और प्रोस्थेटिक आंख से काम चला रही है।

मां का शक निकला बिल्कुल सही...

- ये स्टोरी अमेरिका के ओरेगन में रहने वाली महिला एली स्मिथ और उसकी पांच साल की बेटी ग्रेसी कोरिगेन की है। एली को मई 2016 में बच्ची की आंख में कैंसर होने की बात पता चली थी। ग्रेसी को रेटिनोब्लास्टोमा नाम का कैंसर हुआ था, जो कि आमतौर पर 5 साल से कम उम्र के बच्चों में पाया जाता है।
- मई 2016 में जब सिर्फ दो साल की थी। तब एली उसके कुछ फोटोज देख रही थी, इसी दौरान उसे ग्रेसी की आंख की पुतली में एक सफेद रंग का अजीबोगरीब धब्बा नजर आया। जो कि आंख में कैमरे का फ्लेश चमकने की वजह से दिख रहा था।
- एली के मुताबिक इसके बाद वो उसे लेकर डॉक्टर के पास पहुंची, जिन्होंने उसे आंखों के स्पेशलिस्ट के पास भेज दिया। जांच के बाद डॉक्टर थोड़ा परेशान दिखे और उन्होंने बच्ची की आंख में रेटिनोब्लास्टोमा नाम के एक कैंसर की बात बताई।
- डॉक्टर के मुताबिक आमतौर पर पांच साल से कम उम्र के बच्चों को ये कैंसर होता है। महिला के मुताबिक इस बात का पता चलने के बाद वो रोने लगी और बेटी से कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए तुम ठीक हो जाओगी।

आंख में मिले 10 ट्यूमर, लेकिन इलाज था नामुमकिन

- बीमारी का पता चलने के बाद बेहतर इलाज के लिए एली बेटी को साथ लेकर करीब 4 हजार किलोमीटर दूर फिलाडेल्फिया के विल्स आई हॉस्पिटल पहुंची। जहां बच्ची की आंख में 10 ट्यूमर होने की बात पता चली। इसके बाद डॉक्टर्स ने जल्द से जल्द बच्ची की आंख निकालने की बात कही। डॉक्टर्स का कहना था कि अगर आंख ना निकाली तो उसकी जान भी खतरे में पड़ सकती है।
- ये बात सुनने के बाद एली को बहुत बड़ा झटका लगा, लेकिन कोई और उपाय नहीं होने की वजह से वे इसके लिए तैयार हो गए। अगले ही दिन यानी 1 जून 2016 को सर्जरी के जरिए बच्ची की आंख निकाल दी गई। इस दौरान ग्रेसी के पिता भी वहां आ चुके थे।
- ऑपरेशन दो महीने बाद भी बच्ची की दिक्कतें कम नहीं हुईं, इस दौरान कीमोथैरेपी की वजह से उसके पैरों की नसों पर बहुत बुरा असर पड़ा था। जिससे उबरने में उसे काफी वक्त लग गया। सर्जरी के तीन महीने बाद ग्रेसी को प्रोस्थेटिक आंख मिल गई। हालांकि अब तीन साल बाद वो पूरी तरह ठीक हो चुकी है।
- बच्ची की मां के मुताबिक नकली आंख होने के बाद भी बच्ची उसके लगने से बेहद खुश है और सबको इस बारे में खुशी-खुशी बताती है। खेलते वक्त वो अपने दोस्तों को अपनी 'मैजिक आई' के बारे में बताती है।

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