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डाउनलोड करेंरांची. झारखण्ड से दिल्ली रोजगार की तलाश में राजधानी दिल्ली गई नाबालिग की उसके मालिकों ने निर्मम हत्या कर दी। इसका खुलासा रविवार को हुआ। मृतका की उम्र 16 साल थी।
- दिल्ली पुलिस के एडिशनल डीसीपी (आउटर) राजेंद्र सिंह सागर के मुताबिक मृतका सोनी कुमारी को मंजीत सिंह करकेता नाम का शख्स तीन साल पहले काम दिलाने के नाम पर झारखण्ड से दिल्ली लाया था।
- सोनी को पहली नौकरी ईस्ट कैलाश स्थित एक घर में मिली थी, जहां उसे 6 हजार रुपए महीना मिलते थे। मंजीत और उसके साथी पूरी सैलरी सोनी को देने की जगह खुद ही रख लेते थे।
- डीसीपी सागर ने बताया, "आरोपियों ने कबूलनामे में बताया कि कुछ दिनों पहले सोनी अपनी सैलरी की डिमांड करने लगी थी। उसका कहना था कि वो अपनी कमाई के पैसे घर भेजना चाहती है। मंजीत को यह बात नागवारा गुजरी और उसने बच्ची का मर्डर कर दिया।"
- मंजीत सोनी को अपने दो साथी शालू और गौरी के साथ बीते 3 मई को अपने नांगलोई स्थित घर लेकर गया।
- वहां उसने पहले सोनी को समझाकर शांत करवाने की कोशिश की, लेकिन जब वो नहीं मानी तो उसकी गला दबाकर हत्या कर दी।
- मर्डर के बाद तीनों ने लड़की के शव को टुकड़ों में काटा और प्लास्टिक बैग में भरकर नाले में फेंक दिया।
- पुलिस को शिनाख्त के लिए बॉडी पार्ट्स जोड़कर देखना पड़ा था।
- पुलिस ने नांगलोई के आसपास के एरिया में लगभग 200 घरों में लड़की की फोटो दिखाई। एक शख्स ने लड़की को भूतों वाली गली स्थित एक घर के पास देखने की बात कही।
- गुरुवार 17 मई को पुलिस ने मंजीत को उस घर से पकड़ा। दो दिन की कड़ी पूछताछ के बाद उसने अपना जुर्म कबूल किया।
- पुलिस के मुताबिक मंजीत मृतका को अपने घर झारखण्ड बात नहीं करने देता था। उन्होंने सोनी को अपना रिश्तेदार बताकर एक घर में उसकी नौकरी लगवाई थी। उसे नौकरी देने वाली फैमिली पर भी चाइल्ड लेबर का केस दर्ज हो सकता है।
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