--Advertisement--

दुनिया की सबसे रेयर बीमारी का भारतीय डॉक्टर्स ने किया सफल ऑपरेशन

लिवर और बाकी ऑर्गन वापस लगाने के लिए साउदा के पेट में बिल्कुल भी जगह नहीं थी।

Danik Bhaskar | Jun 19, 2018, 12:44 PM IST
  • बचपन से ही साउदा को थी ये रेयर बीमारी
  • 5 साल की उम्र में दो बार फेल हुए थे ऑपरेशन
  • चेन्नई के डॉक्टर्स ने वापस लिवर की जगह पर किया ट्रांसप्लांट

चेन्नई. तंजानिया की 19 वर्षीय साउदा सुलेमन ऐमोर को भारत में जीवनदान मिला है। बचपन से ही साउदा दुनिया की सबसे रेयर बीमारी के साथ जी रही थी। उसका लिवर उसके शरीर के बाहर धड़क रहा था। बेहद पतली चमड़ी के साथ ये उसके पेट के निचले हिस्से में लटकता रहता था। ऐसे मामलों में डॉक्टर्स जन्म के बाद ही ऑपरेशन कर इसे ठीक करने की कोशिश करते हैं पर साउदा के साथ ऐसा नहीं हो सका। पांच साल की उम्र में दो बार उसके ऑपरेशन फेल हो चुके थे। इसकी वजह से साउदा के लिए जिंदगी जीना किसी जंग से कम नहीं है। हालत देख लोग करते थे भद्दे कमेंट्स...


- पेट पर निकले लिवर की वजह से साउदा को 4 साल पहले स्कूल भी छोड़ना पड़ा। उसे देखकर लोग ताने मारते थे कि वह प्रेग्नेंट है। भद्दे कमेंट्स सुनकर साउदा परेशान हो चुकी थी। उसे डर सताता था कि कहीं उसे लिवर में किसी तरह की चोट न लग जाए।

भारतीय डॉक्टर्स ने किया करिश्मा
- इसके बाद किसी की सलाह पर साउदा का परिवार तंजानिया से भारत पहुंचा। यहां चेन्नई के एसआईएमएस हॉस्पिटल में उनका इलाज शुरू हुआ। यहां डॉ. राधाकृष्णा पाटा ने बताया कि किस तरह पेशेंट का लिवर और कुछ आंते वापस अंदर लगाने के लिए उन्हें पेट में जगह बनानी पड़ी।

- डॉक्टर ने बताया, "लिवर और बाकी ऑर्गन वापस लगाने के लिए साउदा के पेट में बिल्कुल भी जगह नहीं थी। हमें कई दिनों तक उसके पेट में हवा भरकर जगह बनानी पड़ी। ऐसा करने में हमें दो हफ्ते का वक्त लगा। जब जगह बन गई तो हमने ऑपरेशन कर लिवर को अंदर फिट किया। ऑपरेशन के बाद उसे वेंटीलेटर और लिक्विड डाइट पर रखा गया। तीन हफ्ते भारत में गुजारने के बाद साउदा अब तंजानिया जा चुकी हैं और अपने घर पर आराम कर रही हैं।"

क्यों होती है ये बीमारी?
- डॉक्टर पाटा ने कहा, "जब हमने उसे देखा तो हम हैरान थे। एक फुटबॉल की तरह उसका लिवर और कुछ आंते बाहर निकली थीं। ये सब एक खराब हो चुकी स्किन के अंदर कवर था। जरा सी भी चोट उसकी जान ले सकती थी।
- डॉक्टर ने बताया कि प्रेग्नेंसी के दौरान जब बच्चा पेट में होता है, तब उसका पाचन तंत्र शरीर के बाहर ही विकसित होता है, पर जब गर्भ 11 हफ्ते का हो जाता है तो ये पेट के अंदर चला जाता है, लेकिन साउदा के साथ ऐसा नहीं हुआ था।