पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंमोहाली. शहर में इमिग्रेशन कंपनियां और प्लेसमेंट कंपनियों ने अपना जाल बिछा रखा है। इनमें से ज्यादातर कंपनियों की ओर से लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। गुरूवार को फेज-5 की साई एसोसिएट प्लेसमेंट एजेंसी के ऑफिस के बाहर पंजाब के अलग-अलग जिलों से आए कैंडिडेट्स ने एजेंसी के खिलाफ प्रदर्शन किया।
नवांशहर की जीवन रानी ने बताया कि उसने अक्टूबर 2017 में कंपनी में जॉब के लिए संपर्क किया था। कंपनी की ऑनर अंजली शर्मा ने उससे पहले तीन हजार रुपए लिए। बाद में उससे 3500 रुपए फिर ले लिए। कंपनी कर्मचारियों ने पैसे लेने के बाद न ताे उसे नौकरी दिलाई और न ही उसके पैसे वापस किए। उसने बताया कि उसने किसी से उधार लेकर कंपनी को पैसे दिए थे। इसके बाद वह घर नहीं जा पाई, बल्कि गुरुद्वारे में ठहरकर समय बिताया और मजदूरी की। तंग आकर उसने सुसाइड तक का मन बना लिया था।
उधार लेकर एजेंसी को दिए थे पैसे, नौकरी न मिलने पर घर भी नहीं जा सकी
नवांशहर की जीवन रानी ने बताया कि नौकरी पाने के लिए उसने किसी से उधार लेकर कंपनी को 6700 रुपए दिए थे, लेकिन उसे नौकरी नहीं दिलाई गई। इसके बाद वह मजबूरी के चलते यह सोचकर वापस घर भी नहीं जा सकी कि घरवालों को क्या जवाब देगी।
बाहर से आए युवाओं को बनाया जाता है निशाना
प्लेसमेंट एजेंसियों की ओर से बाहरी राज्यों से आए युवाओं को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। कंपनी की ओर से बाहरी राज्यों के न्यूजपेपर्स में कंपनी का विज्ञापन दिया जाता है। इससे बाहर के राज्यों के कैंडिडेट्स कंपनी में आकर नौकरी पाने के लिए संपर्क करते हैं और कंपनी में उनसे रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर शुरुआत में ही तीन से पांच हजार रुपए ले लिए जाते हैं, लेकिन उनको न तो नौकरी दिलाई जाती है और न ही पैसे वापिस किए जाते हैं।
एयरपोर्ट और बैंक में नौकरी का झांसा
कंपनी की ओर से कैंडिडेट्स को एयरपोर्ट और पंजाब नेशनल बैंक जैसे सरकारी बैंकों में नौकरी दिलाने का अाश्वासन देकर जाल में फंसाया जाता था। गुरुवार को कंपनी के बाहर इकट्ठे हुए कैंडिडेंट्स में से रोपड़ की रमनदीप कौर ने बताया कि उसने 12 मई को कंपनी में नौकरी के लिए संपर्क किया था। उससे दो हजार रुपए लिए गए, लेकिन नौकरी नहीं दिलाई गई। वो बार बार कंपनी के चक्कर काटती रही।
पुलिस बोली-जांच के बाद दर्ज करेंगे केस
थाना फेज-1 के एसएचओ राजन परमिंदर सिंह बराड़ ने कहा कि कंपनी के खिलाफ दो लड़कियों की शिकायत आई है कि कंपनी ने उनसे नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लिए, लेकिन नौकरी नहीं दिलाई। कंपनी कर्मियों को भी थाने बुलाया गया है। जांच के बाद केस दर्ज किया जाएगा।
एक कैंडिडेट के पैसे कर दिए हैं वापस
अंजली-साई एसोसिएट की मालिक अंजली शर्मा ने कहा कि उनकी कंपनी के खिलाफ जीवन रानी और रमनदीप कौर ने थान में शिकायत दी थी। उन्होंने जीवन रानी से बात करके उसके पैसे वापस कर दिए हैं। जीवन ने 6500 रुपए दिए थे, जबकि उसे दस हजार रुपए वापस कर दिए गए हैं। वहीं रमनदीप कौर से बात हो चुकी है। उसे शुक्रवार को पैसे वापस कर दिए जाएंगे।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.