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पिता के वहशीपन की शिकार युवती की वीडियो कॉल पर काउंसलिंग से बचाई थी जान, अब मां भी बनी उसकी जान की दुश्मन

3 वर्ष पहले
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इंदौर. पहले पिता के वहशीपन और फिर पति की हरकतों से परेशान होकर जान देने की कोशिश करने वाली हनुमानगढ़ (राजस्थान) की रहने वाली 25 वर्षीय मूक-बधिर लड़की पर सितम कम नहीं हो रहे। अपने ऊपर हो रहे जुल्म की दास्तां दुनिया को बताने और पिता के खिलाफ केस दर्ज करवाने के बाद लड़की को उसकी मां और अन्य परिजन प्रताड़ित करने लगे हैं। मां ने तो उस पर दबाव बनाकर बयान भी पलटवा दिए और पिता को जमानत पर रिहा करवाकर उसे फिर परेशान करने लगे हैं। लड़की घर छोड़कर मंगलवार को ट्रेन से इंदौर आ गई। ये था मामला...

 

शादी के 6 दिन बाद ही 16 मार्च को लड़की ने फांसी लगाने से पहले इंदौर पुलिस के मूक-बधिर पुलिस संस्थान के संचालकों से वीडियो चैट की थी। संचालकों ने मूक-बधिर शिक्षिका की मदद से चंद मिनटों की काउंसलिंग कर राजस्थान पुलिस के सहयोग से उसकी जान बचा ली। उसे राजस्थान पुलिस की महिला सेल में सुरक्षित रखवाया गया था। संस्थान के संचालक ज्ञानेंद्र पुरोहित ने बताया कि तब से ही वो हमारे पास आने के लिए प्रयासरत थी। मंगलवार को वह ट्रेन से इंदौर आ गई। उसे डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र के सामने पेश कर हमने संस्थान में ही शेल्टर दिया है। 

 

मां कहती है तूने पिता को जेल कराई

 

उसका कहना है कि अब मर जाऊंगी लेकिन माता-पिता के पास वापस नहीं जाऊंगी। मां बोलती है- तूने पिता को जेल कराई है, समाज में बदनामी हुई है, हम भी मर जाएंगे...लड़की ने इशारों में बताया।