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घर पहुंचे गोल्ड मेडल विजेता अनीश का ऐसे हुआ वेलकम, आज देगा 10वीं की परीक्षा

3 वर्ष पहले
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करनाल(हरियाणा)। ऑस्ट्रेलिया 2018 कॉमनवेल्थ खेल में 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के बाद रविवार को अनीश अपने घर पहुंचा। जहां उनका स्वागत शहरवासियों ने मालाओं व फूलों से किया गया। अनीश को सेक्टर-6 के चौक से जीप में बिठाकर ढोल बजाते हुए घर तक लाया गया। अनीश जब घर पहुंचा तो अनीश ने बचपन की शूटिंग प्रेक्टिस की जगह फोटो लेने को कहा क्योंकि उसने बताया ये जगह ऐसी है जहां से उसने शूटिंग खेल की शुरुआत पिछले चार साल पहले की थी। अनीश की बहन मुस्कान ने बताया कि सोमवार को अनीश एसडी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा दसवीं की परीक्षा देगा। जिसके लिए सीबीएसई बोर्ड की ओर से ऑनलाइन हिंदी का पेपर आएगा। परीक्षा का आयोजन सुबह 10:30 बजे से 1:30 बजे तक होगा। मुस्कान ने बताया कि उसने अपने भाई अनीश के लिए ऑस्ट्रेलिया आने से पहले ही नोट्स तैयार कर लिए है। 17 को एसएस, 18 को गणित की परीक्षा शामिल है। 

 

परीक्षा के बाद 21 को कोरिया वर्ल्ड कप की करनी है तैयारी 
- अनीश ने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम एक बड़ा स्तर है जिसके लिए खिलाड़ी को जीतने का एक ही मौका मिलता है।  उन्होंने बताया कि देश को गोल्ड मेडल लाने से पहले परीक्षाओं को लेकर चिंता थी।

- जिसको लेकर अनीश ने अपने पापा को फोन कर सीबीएसई की ओर से होने वाली कक्षा दसवीं की परीक्षाओं को लेकर परमिशन लेने के बारे में पूछा था।

- उसके पिता ने कहा कि यदि परीक्षा की परमिशन मिल जाए तो तुम अपने पिता को क्या दोगे तो मैंने कहा देश के लिए गोल्ड लाकर दूंगा।

- अनीश ने बताया कि परीक्षा के बाद 21 अप्रैल को कोरिया वर्ल्ड कप की तैयारी करनी है। 



पिता ने वकालत की प्रेक्टिस छोड़ बढ़ाया बेटे का हौसला 
- अनीश ने बताया कि उसके पिता ने अपने बेटे को 25 मीटर की फायर पिस्टल शूटिंग में गोल्ड मेडल दिलाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए वकालत की प्रेक्टिस छोड़ अनीश को पिछले पिछले सात सालों से करनाल से लेकर देहरादून तथा फरीदाबाद तक अपने बेटे के साथ रहकर उनका हौसला बढ़ाया है। 



अभिभावक बेटे को बेटा नहीं दोस्त समझकर साथ रहें 

- अनीश के पिता जगपाल ने कहा कि वे अपने बेटे के साथ बेटे की तरह नहीं रहते हैं । बल्कि एक दोस्त समझकर उसके साथ रहकर हौसला बढ़ाता हूं।

- ऐसा ही सभी अभिभावकों को करना चाहिए जिससे बेटे का हौसला बढ़ता है। 
- अनीश जब अपने घर सेक्टर-6 पहुंचे तो अनिश की मां पूनम रानी के खुशी के आंसू रुक नहीं पाए।

- अनीश की मां ने बताया कि उसके दोनों बेटा-बेटी अपनी गलतियों को सुधारने के लिए एक दूसरे की मदद करते हैं। 



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