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Google doodle: गूगल ने सती प्रथा को खत्म करने वाले समाज सुधारक राजा राममोहन राय को doodle के जरिए किया याद

3 वर्ष पहले
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नई दिल्ली. भारत के सबसे बड़े समाज सुधारकों में से एक राजा राममोहन राय को गूगल ने उनके 246वें जन्मदिन पर डूडल के जरिए याद किया है। राजा राममोहन राय को आधुनिक भारत का निर्माता भी कहा जाता है। उन्होंने सती प्रथा को समाप्त कर देश को पुर्नजागरण के दौर में पहुंचाया। गूगल के इस डूडल को कनाडा में रहने वाली भारतीय मूल की डिजायनर बीना ने डिजाइन किया है। राजा राममोहन राय के समाज को दिए योगदान की वजह से ही गूगल ने उन्हें अपने डूडल के जरिए सलाम किया है। 

क्या है इस डूडल में?
- इस डूडल को बहुत खूबसूरत तरीके से बनाया गया है। इसमें राजा राममोहन राय बीच में हैं और उनके हाथ में एक किताब है। वो अपने हाथ से इशारा करते नजर आते हैं। उनकी दाईं और बाईं तरफ कुछ लोग खड़े दिखाई देते हैं। 
- बता दें कि राजा राममोहन राय का जन्म 22 मई 1972 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के राधानगर में हुआ था। राजा राममोहन राय अंधविश्वास के सख्त खिलाफ थे। बहुत छोटी उम्र में ही वो कट्टरतावाद के खिलाफ आवाज उठाने लगे थे। खास बात ये है कि राजा राममोहन राय एक ब्राह्मण परिवार से थे और उनके पिता रमाकांत राय का समाज में काफी सम्मान था। 
- बहरहाल, जब परिवार और खासकर पिता से उनके मतभेद हुए तो राय ने किशोर अवस्था में ही घर छोड़ दिया। कहा जाता है कि वो पहले हिमालय और फिर तिब्बत गए। जब घर लौटे तो परिवार वालों ने उनका विवाह कर दिया। 

धर्म में तार्किकता
- राममोहन राय उस रास्ते पर चलते रहे जो उन्हें सत्य का मार्ग लगता था। समाज में कुरीतियों और अंध विश्वास के खिलाफ वो लोगों को जागरुक करते रहे। 
- उस दौर में भारतीय समाज में सती प्रथा प्रचलित थी। राय ने इसके खिलाफ आवाज उठाई। उनकी इस पहल का काफी विरोध भी हुआ लेकिन राममोहन राय इसके खिलाफ खड़े रहे। वो इसे कुरीति बताते रहे। 
- लंबी सामाजिक प्रक्रिया या कहें विरोध के बाद वो इस पर रोक लगाने में कामयाब रहे।  

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