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वॉट्सऐप की कॉलिंग सर्विस पर बैन लगा सकती है भारत सरकार, वजह- आतंकी गतिविधियों में इसका इस्तेमाल होना

पूछताछ में आतंकियों ने बताया था कि वे वॉट्सऐप के जरिए सीमापार से निर्देश ले रहे थे।

Dainik Bhaskar

Jun 13, 2018, 06:36 PM IST
government may ban whatsapp calling service because of terrorist activities

गैजेट डेस्क। इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप के वॉइस कॉलिंग फीचर पर भारत सरकार बैन लगा सकती है। हालांकि ये बैन सिर्फ कुछ खास जगहों पर ही लगाया जा सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में गृह मंत्रालय की बैठक में इस बात का प्रस्ताव रखा गया है और अगर ऐसा होता है तो जम्मू-कश्मीर समेत कई अशांत इलाकों में वॉट्सऐप की वॉइस कॉलिंग फीचर पर बैन लगाया जा सकता है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि इस सर्विस का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों में किया जा रहा है।

आतंकियों ने बताया था- वॉट्सऐप के जरिए होती है बात

- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में होम सेक्रेटरी राजीव गौबा ने एक मीटिंग बुलाई थी। इस मीटिंग में 2016 में नगरोटा में आर्मी कैंप पर हुए आतंकी हमले में की गई गिरफ्तारियों पर भी बात हुई थी।
- बताया जा रहा है कि गिरफ्तार किए जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने पुलिस को बताया था कि वे वॉट्सऐप कॉलिंग के जरिए ही सीमा पार से निर्देश ले रहे थे।

क्यों हुई थी ये मीटिंग?

- सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल को लेकर ये मीटिंग बुलाई गई थी। दरअसल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आतंकियों की तरफ से कई पोस्ट की जा रहीं हैं।
- इस तरह की पोस्ट से हमेशा से सांप्रदायिक हिंसा होने का खतरा बना रहता है।
- मीटिंग के दौरान अधिकारियों ने ये भी बताया कि गल्फ कंट्रीज़ समेत दुनिया के कई देशों में वॉट्सऐप की वीडियो और वॉइस कॉलिंग को बैन रखा गया है।

कानून बनाने की चल रही तैयारी

- इलेक्ट्रॉनिक्स और इंफोर्मेंशन टेक्नोलॉजी मिनिस्ट्री, सिक्योरिटी एजेंसी समेत जम्मू-कश्मीर पुलिस का भी ये मानना है कि वॉट्सऐप का इस्तेमाल आतंकी और देश-विरोधी गतिविधियों में किया जाता है।
- हालांकि इसके बाद भी वॉट्सऐप के जरिए होने वाली किसी भी बातचीत की जानकारी सरकार को नहीं मिल सकती, क्योंकि कंपनी ने एंड-टू-एंड इन्क्रिप्शन रखा है।
- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके लिए सरकार एक कानून बनाने की तैयारी कर रही है, जिसके तहत ये प्रावधान रहेगा कि वॉट्सऐप जैसी मैसेजिंग ऐप्स सिक्योरिटी एजेंसियों से यूजर्स की जानकारी शेयर कर सकेंगी।

वॉट्सऐप को बैन करने की उठ चुकी है मांग

- ये कोई पहली बार नहीं है जब भारत में वॉट्सऐप को लेकर इस तरह की खबरें सामने आ रही हैं। इससे पहले जून 2016 में गुरुग्राम के सुधीर यादव ने वॉट्सऐप बैन करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
- हालांकि कोर्ट ने इस याचिका को ये कहते हुए खारिज कर दिया था कि उन्हें इस मांग को कोर्ट में नहीं बल्कि सरकार के सामने उठाना चाहिए।

आतंकी गतिविधियों में कैसे होता है इसका इस्तेमाल?

- हाल ही में एनआईए ने तीन लोगों को हिरासत में लिया था। इन पर कथित तौर पर आतंकियों की मदद करने का आरोप था। पता चला था कि ये सोशल मीडिया के जरिए आतंकियों की मदद करते थे।
- इसके अलावा इंटेलिजेंस के मुताबिक, जैश-ए-मोहम्मद समेत कई खतरनाक आतंकी संगठन लगातार भारत के खिलाफ काम कर रहे हैं और इसके लिए वो युवाओं को बरगलाते हैं।
- युवाओं को बरगलाने और उनका माइंड वॉश करने के लिए आतंकी सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं और इसी के जरिए बातचीत करते हैं।
- इसके साथ ही कई बार ये बात भी सामने आई है कि जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजों को बुलाने के लिए वॉट्सऐप जैसी सोशल ऐप्स की मदद ली जाती है। इसी पर मैसेज सर्कुलेट किया जाता है।

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