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डाउनलोड करेंभोपाल. नेपाल के जनकपुर से भारत में अयोध्या तक रामायण सर्किट में शामिल चित्रकूट में तीर्थयात्रियों को आकृष्ट करने के लिए इसके कायाकल्प की तैयारी हो रही है। मध्यप्रदेश तीर्थ स्थान और मेला प्राधिकरण ने चित्रकूट को संवारने के लिए 25 करोड़ रुपए का प्लान तैयार किया है। इसमें श्री राम थीम पार्क में भगवान राम के वनवास की झांकी बनाई जाएगी। मंदाकिनी नदी पर दो नए घाट तैयार किए जाएंगे। साथ ही यात्रियों की सुविधा के लिए सेवा सदन भी बनाए जाएंगे।
मध्यप्रदेश सरकार का तर्क है कि भगवान राम ने अपने वनवास के दौरान 11 साल चित्रकूट में व्यतीत किए थे। इसलिए तीर्थ यात्रियों के लिए इसका महत्व बिल्कुल अयोध्या जैसा ही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल यात्रा के दौरान जनकपुर से अयोध्या बस यात्रा को हरी झंडी दिखाई है।
क्या-क्या खासियत
- 25 करोड़ रुपए की लागत से चित्रकूट में होंगे निर्माण कार्य।
- 02 दो नए घाट तैयार होंगे मंदाकिनी नदी पर, यात्री सदन भी बनेंगे।
अगला चरण...अयोध्या से श्रीलंका के बीच भी यात्रा
जनकरपुर से अयोध्या के बीच बस यात्रा शुरू होने के बाद अगले चरण में अयोध्या से श्रीलंका के बीच भी बस यात्रा शुरू करने की तैयारी है। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इसकी औपचारिक घोषणा कर चुके हैं। यह बस चित्रकूट से होकर श्रीलंका रवाना होगी।
स्वदेश दर्शन... रामायण सर्किट में है चित्रकूट
स्वदेश दर्शन के तहत भारत सरकार भगवान राम से जुड़े 13 तीर्थ स्थलों का रामायण सर्किट बना रही है। इसमें अयोध्या, श्रृंगवेरपुर और चित्रकूट, सीतामढ़ी, बक्सर और दरभंगा, नंदीग्राम, महेंद्रगिरी, जगदालपुर, भद्रचलम, रामेश्वरम, हम्पी व नासिक और नागपुर शामिल है।
मध्य प्रदेश तीर्थ स्थान एवं मेला प्राधिकरण, भोपाल के अध्यक्ष अजय दुबे ने बताया कि चित्रकूट रामायण सर्किट का हिस्सा है। हम इसके धार्मिक स्वरूप को बरकरार रखकर इसके डेवलपमेंट की योजना बना रहे हैं। हमने इसके लिए राज्य सरकार को एक प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद ही हम अपना काम शुरू कर देंगे। अगले चरण में प्रदेश के दूसरे तीर्थ स्थलों के भी कायाकल्प के लिए योजनाएं लाई जाएंगी।
श्रीराम पार्क में दिखेगी वनवास की झांकी
प्रस्ताव के मुताबिक तीर्थ के अलग-अलग सेवा सदन बनाए जाएंगे। इनमें कामदगिरी तीर्थ सेवा सदन, मुनि सुतीक्ष्ण और गोस्वामी तुलसीदास तीर्थ यात्री कॉटेज का निर्माण होगा। इसके अतिरिक्त मंदाकिनी नदी पर सती अनुसुइया और गोस्वामी तुलसीदास के नाम पर दो नए घाट भी बनेंगे। विभाग वहां एक मंदाकिनी विहार आश्रम भी बनाएगा। इस आश्रम का उपयोग शासकीय कर्मचारियों को नैतिकता के प्रशिक्षण के लिए भी किया जाएगा। यह तीर्थ यात्रियों को आध्यात्मिकता से जोड़ेगा। विभाग यहां श्री राम पैनोरामा या थीम पार्क का निर्माण करेगा। इसमें भगवान राम के वनवास की पूरी झांकी दिखाई जाएगी।
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