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सीतापुर में आवारा कुत्तों का आतंक: CM के दौरे के बाद 2 मौतें, अबतक 14 बच्चों की गई जान; ग्रामीणों ने कहा- स्लाटर हाउस बंद होने से हिंसक हुए कुत्ते

3 वर्ष पहले
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लखनऊ. यूपी की राजधानी लखनऊ से 81 किलोमीटर दूर सीतापुर जिले के खैराबाद में इन दिनों आवारा कुत्तों का आंतक है। कुत्तों के हमले के कारण अब तक 14 लोगों की मौत हो गई है जबकि सात पुरुष और 23 बच्चे घायल हैं। मामले को गंभीरता लेते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ 11 मई को सीतापुर जिले का दौरा किया था उसके साथ ही गुरपलिया गांव भी पहुंचे थे। सीएम ने इस दौरान मामले की जांच करने को कहा था। सीएम के दौरे के बाद जिले में कुत्तों के हमले से दो और मौते हो गई है। गुरुवार को एक बच्ची पर कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया और शुक्रवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सीतापुर में कुत्तों के हमलों की सच्चाई जानने के लिए दैनिक भास्कर के आदित्य तिवारी अपनी टीम के साथ सीतापुर पहुंचे। हालांकि सीएम के दौरे के बाद गुरपलिया में कुत्तों द्वारा हमले की कोई जानकारी नहीं है।

 

 

 

केस नंबर एक
- करीब डेढ़ हफ्ते पहले 11 साल का खालिद स्कूल के लिए निकला था और रास्ते के इसी बाग में आम बिनने लगा था इसी दौरान पांच से छह आवारा कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। आसपास के लोग चीख सुनकर दौड़े लेकिन तब तक खालिद की मौत हो चुकी थी। वहां मौजूद एक शख्स ने बताया कि 'आदमख़ोर कुत्ते' हमले के बाद जंगलों में गायब हो चुके थे। आज भी खालिद का परिवार सदमे से बाहर नहीं निकल सका है।

 

केस नंबर 2
- 1 मई को खैराबाद इलाके में कुत्तों के हमले से दो और बच्चों की जान चली गई। फिलहाल डर और खौफ के कारण इलाके के लोगों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है। हालांकि अभी तक इस बात का पता किसी को नहीं चल रहा है कि अचानक जिले में कुत्ते बच्चों पर हमला क्यों करने लगे हैं। ज्यादातर ग्रामीण एक बंद हो चुके अवैध बूचड़खाने को कुत्तों के हमले के लिए जिम्मेदार बता रहे हैं। ग्रामीणों को कहना है कि कुत्तों को यहां से मांस खाने को मिलता था पर बूचड़खाने बंद हो जाने के कारण कुत्ते अब हिंसक हो चुके हैं।

 

केस नंबर 3
- खैराबाद थाना क्षेत्र के महेशपुर चिलवारा गांव में 10 साल की मासूम खेत में आम बीनने गई हुई थी। इसी दौरान आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। इस हमले में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। कुत्तों का शोर और बच्ची की चिल्लाने की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे तो देखा बच्ची खून से लतपथ पड़ी हुई है। इसके बाद बच्ची को सीएचसी में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

 

ग्रामीणों ने हमले के बताई ये वजह
- ग्रामीणो के अनुसार, खैराबाद, टिकरिया, महेशपुर, चिलवारा, गुरपलिया, कोलिया, पहाड़पुर समते 27 गांवों में कुत्तों का आतंक है।
- ढाई लाख की आबादी वाले खैराबाद में नवंबर, 2017 तक करीब 20 छोटे-बड़े स्लाटर हाउस संचालन हो था। लेकिन चार के पास ही लाइसेंस थे। ऐसा स्थानीय लोगों का कहना हैं।
-खैराबाद क्षेत्र के टिकरिया गांव के रहने वाले दिवाकर खेलावन का मानना है कि स्लाटर हाउस बंद होने के कारण कुत्तों को मांस नहीं मिल रहा औऱ वो हिंसक हो गए हैं। वहीं, बूचड़खाने का ठेकेदार नफीस के अनुसार, कुत्तों के हिंसक होने की वजह बूचड़खानों का बंद होना नहीं है। ये वो कुत्ते नहीं है जो बूचड़खाने के सामने बैठ कर मांस खाते थे। ऐसा लगता है की कहीं बाहर से ये कुत्ते आये हैं।
 महेशपुर गांव के 45 साल के सुरेश का कहना हैं स्लाटर हाउस गांव की आबादी से दूर तो बने थे लेकिन मांस इलाके में अक्सर फेंके मिलते थे और उनको कुत्ते खाते थे। खैरनपुर गांव के राम सनेही का कहना हैं मास मंडी के पास के कुत्तो का झुण्ड वहीं रहता था और गांव की आबादी में रहने वाले कुत्ते अलग रहते थे।

 
स्कूल में कम हुई बच्चों की संख्या
- शिक्षाविद आशीष जायसवाल के अनुसार स्कूल में बच्चों की संख्या कम हुई है। अभिभावक काफी डरे हुए हैं। बच्चों को खुद स्कूल छोड़ने आते हैं। स्कूल का समय प्रशासन ने बदला है।

 

इन बच्चों की हो चुकी हो चुकी मौत
- नवम्बर 2017- 2 बच्चे की मौत (हिमांशी और सोनम)
- जनवरी में 1 मौत हुई (मोबीन)
- फरवरी में 1 मौत हुई (शगुन)
- मार्च में 2 बच्चो की मौत हुई (अरबाज़ और शानिया)
- मई में 6 बच्चों की मौत (शावनी, खालिद, कोमल, गीता, वीरेंद्र और कासिम)
- मई 13 को महेशपुर चिल्वारा में बच्ची को शिकार बनाकर मार डाला।
- 16मई की रात खैराबाद इलाके में बच्ची को ज़ख़्मी किया और दो बच्चियों ने भाग कर जान बचाई, ज़ख़्मी बच्ची को लखनऊ भेजा गया है जिनमे से सोनम नाम की बच्ची की मौत इलाज दौरान शुक्रवार को हो गई हैं।   

 

वर्ल्ड वाइल्डलाइफ की टीम कर रही है दौरा
-खैरपुर में कुत्तों का हमला बढ़ने के कारण वर्ल्ड वाइल्डलाइफ़ फंड की टीम और भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान की टीमें यहां का दौरे कर रही हैं। जिससे हमला करने वालों की असल पहचान हो सके। एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया के चीफ ट्रेनर विवेक शर्मा भी ज़िले में चश्मदीदों से मिलकर शिनाख्त करने में जुटे हैं।
उन्होंने कहा "मुझे हैरानी नहीं होगी अगर ये पता चले कि हमला कुत्ते नहीं बल्कि भेड़िये कर रहे हैं। अगर भेड़ियों में रेबीज़ की बीमारी हो जाती है तो वे एक से 20 किलोमीटर तक के दायरे में घूमकर शिकार करने लगते हैं।

 

क्या कहना है एक्सपर्ट का
- लखनऊ के डॉग-ब्रीडर असगर जमाल का मानना है कि कुत्तों का सियार या भेड़ियों के साथ प्रजनन होना भी एक वजह हो सकती है। शायद इस वजह से कुछ ऐसे कुत्ते पैदा हो गए हों जिनमें शिकारी हाउंड जैसे कुत्तों की नस्ल वाले लक्षण आ गए हों।

 

एनिमल एनजीओ ने उठाए जांच कमेठी पर सवाल
- एनिमल एनजीओ की अध्यक्ष कामना पांडेय का कहना हैं कि हम चाहते इस मामले की जांच हो और जो भी जनावरों बच्चों को अपना शिकार बना रहा हों उसे चिन्हित कर उसे रोका जाए। लेकिन सीतापुर जिले का प्रशासन पूरे मामले को कुत्ते को दोषी बनाने के लिए ज़ोर दे रहे हैं और जांच करने वाली टीम सिर्फ इसी पर ज़ोर देकर पूरे मामले में कुत्ते को ही दोषी बनाकर जांच बंद देना चाहती हैं।
-एनजीओ की टीम सीतापुर जिले खैरपुर में जाकर आता किया तो अब तक बीते चार महीने में 100 के करीब बच्चो पर अटैक हो चुके हैं। उनका कहना हैं कि 23 बच्चे अभी भी घायल हैं। प्रशासन ने इलाज के नाम पर 25 हजार रूपए दे रही हैं लेकिन उनका इलाज नहीं पा रहा हैं।

 

सीएम के दौरे के बाद कार्रवाई

- 11 मई को सीएम योगी आदित्यनाथ सीतापुर जनपद में आदमखोर कुत्तों के हमलों से घायल बच्चों का हाल चाल जानने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे थे।
- इससे पहले घटना की गंभीरता को लेते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सारे आवारा कुत्तों को पकड़ने का निर्देश भी दिया था, जिसके बाद अब तक 35 कुत्तों को पकड़ा जा चुका है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आ चुका है। कुत्तों को गोली मारने के साथ ही पकड़कर उनकी नसबंदी की जा रही है। इसके बाद उन्हें जंगल में ले जाकर छोड़ दिया जा रहा है।

 

क्या कहना है प्रशासन का
- डीएम सीतापुर शीतल वर्मा का कहना है पूरे मामले को गंभीरता से लिया गया है हमने एक वन विभाग की टीम के साथ जांच कमेठी बैठाई है। घायलों का इलाज कराया जा रहा है।
- वहीं, एसपीएस कुल्हरी के मुताबिक 8-9 महीने से घटनाएं लगातार हो रही हैं। मामला नवम्बर से शुरू हुआ अब तक 14 बच्चो की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा 3 बच्चे मारे गए तीनों कहिराबाद इलाके के हैं।
- आईजी रेंज लखनऊ सुजीत कुमार के अनुसार, इलाके में करीब 6 हिंसक कुत्ते बचे हैं। बाकी को मार गिराया गया है। करीब 8 से 10 के झुंड में रहते हैं। पुलिस और वन विभाग काम कर रहा है कई थानों की पुलिस लगायी गई है।

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