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जीएसटी: वॉशिंग मशीन, फ्रिज, एसी सस्ते होंगे, 28% से घटाकर 18% स्लैब में, सैनेटरी नैपकिन अब टैक्स मुक्त

जीएसटी काउंसिल की बैठक में जीएसटी रिटर्न भरने की प्रक्रिया को और आसान बनाने की मंजूरी दी

Dainik Bhaskar

Jul 21, 2018, 10:30 PM IST
gst council may reduce tax on around 40 product including sanitary napkin

- संगमरमर, लकड़ी से बनी देवी-देवताओं की मूर्तियां टैक्स फ्री

- 80 लाख कारोबारियों को राहत देते हुए सिंगल रिटर्न को मंजूरी

- छोटे और मध्यम कारोबारियों के मुद्दों पर 4 अगस्त को विशेष बैठक

नई दिल्ली. जीएसटी काउंसिल ने शनिवार को आम लोगों को राहत देते हुए टीवी, फ्रिज, एसी, वॉशिंग मशीन जैसे 17 कंज्यूमर ड्यूरेलबल इलेक्ट्रॉनिक गुड्स समेत 100 उत्पादों पर टैक्स घटा दिया। वहीं, सैनेटरी नैपकिन, बिना सोने-चांदी वाली राखियां, संगमरमर-लकड़ी से बनी मूर्तियों और फूलझाडू को टैक्स फ्री कर दिया। पेट्रोल में इस्तेमाल होने वाले एथेनॉल पर जीएसटी 18% से घटाकर 5% किया गया। वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने जीएसटी काउंसिल की 28वीं बैठक के बाद कहा कि नई टैक्स दरें 27 जुलाई से लागू होंगी। जीएसटी में 9 महीने में यह तीसरा बड़ा बदलाव है। इससे पहले नवंबर 2017 में 213 सामान और जनवरी 2018 में 54 सेवाएं और 29 चीजें सस्ती हुई थीं। शनिवार की बैठक में काउंसिल ने जीएसटी कानून में प्रस्तावित 46 बदलावों को मंजूरी दी। चीनी पर सेस लगाने को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ।

टैक्स स्लैब उत्पाद
टैक्स फ्री

सैनेटरी नैपकिन, बिना सोने-चांदी वाली राखियां, मार्बल या लकड़ी से बनने वाली मूर्तियां, हैंडीक्राफ्ट से जुड़ी चीजें, फूलझाडू, नारियल के रेशे से बनी ऑर्गनिक खाद, फोर्टिफाइड मिल्क, आरबीआई या सरकार की ओर से जारी विशेष सिक्के

28% से घटाकर18%

68 सेमी तक के टीवी, फ्रिज, एसी, वॉशिंग मशीन, मिक्सर-जूसर, ग्राइंडर, वॉटर कूलर, वॉटर हीटर, शेवर, लीथियम-आययन बैटरी, वैक्यूम क्लीनर, स्पेशल पर्पज व्हीकल (फायर फाइटिंग व्हीकल, कंक्रीट मिक्सर लॉरी), वेयर हाउस और फैक्ट्रियों में इस्तेमाल होने वाले ट्रक, पेंट्स, वॉर्निश, वॉल पुट्टी, रेजिन सीमेंट, हेयर ड्रायर, हैंड ड्रायर, पाउडर पफ, कॉस्मेटिक पैड, सेंट, परफ्यूम, टॉयलेट क्लीनर, इलेक्ट्रिक आयरन, आइसक्रीम फ्रीजर, रेफ्रिजरेटिंग उपकरण, चमड़े के सामान, लकड़ी के फ्रेम (पेंटिंग, फोटो, शीशे के लिए), वीडियो गेम्स

12% से घटाकर 5% हैंडलूम की दरियां, 1,000 रुपए से कम कीमत वाली हाथ से बनी टोपियां, फर्टिलाइजर ग्रेड का फॉस्फोरिक एसिड, हाथ से बने कारपेट, हाथ से बने गलीचे, हाथ से बनी लेस
18% से घटाकर12%

हैंडबैग, ज्वेलरी बॉक्स, लकड़ी के फ्रेम, आर्टवर्क, स्टोन आर्ट, ग्लास स्टेच्यू, ग्लास आर्टवेयर, आयरन आर्टवेयर, कॉपर आर्टवेयर, एल्युमिनियम आर्टवेयर हैंडक्राफ्टेड लैंप, बांस की फ्लोरिंग, पीतल का प्रेशर स्टोव, हाथ से चलने वाले रबर रोलर, सुसज्जित फ्रेम वाले शीशे, मोम के सामाान, कपड़े पर हाथ से बनाई गई पेंटिंग, तोरण

18% से घटाकर 5% पेट्रोल-डीजल में इस्तेमाल होने वाला एथेनॉल, 1000 रुपए तक के फुटवियर, सॉलिड बायो फ्यूल के पेलेट्स, ई-बुक्स

जीएसटी रिटर्न भरने की प्रक्रिया आसान की: काउंसिल की बैठक में जीएसटी रिटर्न भरने की प्रक्रिया को और आसान बनाने की मंजूरी दी। अब कारोबारियों को सिंगल पेज रिटर्न भरना होगा। इसके अलावा, अब एक महीने में तीन की जगह सिर्फ एक रिटर्न दाखिल करना होगा। सालाना पांच करोड़ रुपए तक टर्नओवर वाले कारोबारी तिमाही रिटर्न भर सकेंगे। हालांकि टैक्स मंथली जमा करवाना होगा। इस बदलाव से 80 लाख कारोबारियों को राहत मिलेगी। कंपोजिट डीलर के लिए अलग रिटर्न फॉर्म की मंजूरी दी। जो कारोबारी रजिस्ट्रेशन कैंसिल करवाना चाहेंगे उनका नंबर आवेदन वाले दिन ही सस्पेंड कर दिया जाएगा और उन्हें रिटर्न नहीं भरना पड़ेगा। ई-कॉमर्स कंपनियों को उन उत्पादों के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना होगा जिन पर जीएसटी लगता है।
छोटे कारोबारियों के लिए 4 अगस्त को विशेष मीटिंग: वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि दिल्ली में जीएसटी काउंसिल की स्पेशल मीटिंग होगी। बैठक में सिर्फ छोटे और मध्यम कारोबारियों (एमएसएमई) की चिंताओं पर बात की जाएगी। उन्होंने कहा कि शनिवार की बैठक में काउंसिल के सदस्यों ने एमएसएमई के मुद्दे रखे जिन पर काफी चर्चा हुई। काउंसिल के मेंबर अगले रविवार तक एजेंडा तय कर लेंगे।

gst council may reduce tax on around 40 product including sanitary napkin
पिछले साल 1 जुलाई से देशभर में जीएसटी लागू किया गया था।- सिंबॉलिक पिछले साल 1 जुलाई से देशभर में जीएसटी लागू किया गया था।- सिंबॉलिक
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gst council may reduce tax on around 40 product including sanitary napkin
gst council may reduce tax on around 40 product including sanitary napkin
पिछले साल 1 जुलाई से देशभर में जीएसटी लागू किया गया था।- सिंबॉलिकपिछले साल 1 जुलाई से देशभर में जीएसटी लागू किया गया था।- सिंबॉलिक
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