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जीएसटी में कमी का फायदा ग्राहकों को मिलना चाहिए, ई-कॉमर्स कंपनियों की जांच करेगा टैक्स डिपार्टमेंट

Dainik Bhaskar

Jul 23, 2018, 12:14 PM IST

नेशनल एंटी प्रॉफिटीयरिंग अथॉरिटी ने दिए जांच के निर्देश

टैक्स एक्सपर्ट का कहना है कि ई- टैक्स एक्सपर्ट का कहना है कि ई-

- नवंबर 2017 और जनवरी 2018 में जीएसटी काउंसिल ने कई वस्तुओं पर टैक्स घटाया

- ग्राहकों को फायदा नहीं पहुंचाने पर मई में कई कंपनियों को नोटिस दिया

नई दिल्ली. ई-कॉमर्स कंपनियों को टैक्स ऑडिट का सामना करना पड़ सकता है। नेशनल एंटी प्रॉफिटीयरिंग अथॉरिटी (एनएपीए) ने महानिदेशक-ऑडिट को जांच के निर्देश दिए हैं। इसका मकसद ये पता लगाना है कि कंपनियां जीएसटी दरें घटाने का फायदा ग्राहकों को दे रही हैं या नहीं। पिछले साल नवंबर में जीएसटी काउंसिल ने चॉकलेट, टूथपेस्ट, वॉशिंग पाउडर और शेविंग क्रीम जैसी घरेलू जरुरत की वस्तुओं पर टैक्स कम किया। इन पर 28% की बजाय 18% जीएसटी लागू किया था। टैक्स एक्सपर्ट का कहना है कि ई-कॉमर्स कंपनियों को उपभोक्ताओं से लिया गया ज्यादा टैक्स जल्द से जल्द लौटाना चाहिए।
मई में नेस्ले, एचयूएल को दिया नोटिस : एनएपीए ने नेस्ले और हिंदुस्तान यूनीलीवर (एचयूएल) जैसी कई कंपनियों को मई में नोटिस दिया था। इन्हें जीएसटी में कमी से हुए फायदे को उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा कराने के लिए कहा गया। नेस्ले ने उस वक्त कहा कि एनएपीए से बात की गई है और कंपनी पहले से ही कंज्यूमर को रिफंड देने के प्रोसेस पर काम कर रही है। इनके अलावा जुबिलेंट फूडवर्क्स, हार्डकैसल रेस्टोरेंट और लाइफस्टाइल इंटरनेशनल को भी नोटिस दिया गया था। जीएसटी काउंसिल ने दो दिन पहले शनिवार की बैठक में भी करीब 100 वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी में बदलाव किया। सैनेटरी नैपकिन समेत कई चीजों पर टैक्स पूरी तरह खत्म कर दिया और बहुत से उत्पादों पर दरें कम की गईं। ऐसे में टैक्स विभाग कंपनियों पर निगरानी रख रहा है ताकि ग्राहकों तक फायदा पहुंच सके।

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टैक्स एक्सपर्ट का कहना है कि ई-टैक्स एक्सपर्ट का कहना है कि ई-
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