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डाउनलोड करेंपटना। जदयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने दलित हत्या के मामले में गुजरात की भाजपा सरकार को निशाने पर ले लिया है। रजक ने कहा कि गुजरात के राजकोट में एक दलित युवक की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। सवाल उठता है कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात को दलितों के साथ हो रहे अत्याचार और प्रताड़ना के लिए याद किया जाएगा। कभी ऊना, कभी राजकोट तो कभी कहीं और। दलितों के खिलाफ उत्पीड़न की स्थिति आज भयावह रूप लेती जा रही है। यह एक बहुत ही चिंतनीय प्रश्न है, इसपर सभी को विचार करने की जरूरत है।
रजक ने कहा कि लगातार हो रही ऐसी घटनाएं तमाम दलित वर्ग, दलित चिंतकों, राजनेताओं व सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए खतरे की घंटी है। केंद्र सरकार में अनुसूचित जाति/ जनजाति के जितने भी मंत्री और सांसद हैं। उन्हें इस मामले पर कड़ा फैसला लेने की जरूरत है।
इस तरह की घटनाएं बढ़ने पर भी केंद्र की नरेंद्र मोदी की सरकार अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम पर कोई ठोस निर्णय नहीं ले रही है। अब चुप बैठने से कुछ नहीं होगा। इस पर जल्द से जल्द कोई सख्त कदम उठाने की जरूरत है। इस तरह की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार जल्द से जल्द अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 को अध्यादेश लाकर संविधान के नौवीं अनुसूची में शामिल करें।
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