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डाउनलोड करेंमुरैना. शराबबंदी के बाद गुर्जर समाज में अब दहेज प्रथा को बंद करने का संकल्प लिया है। चंबल नदी के किनारे विंडवा गांव में बुधवार को 22 पंचायतों की महापंचायत में 15 से 20 हजार लोग एकत्रित हुए। समाज के संत हरिगिरिदास महाराज के आह्वान पर समाज के लोगों ने संकल्प लिया कि वे अपनी बेटी की शादी में होने वाली रस्मों में सिर्फ 12 हजार 400 रुपए (5100 रुपए का भात, 5100 का बेला, 1100 रुपए लगुन व 1100 टीका) खर्च करेंगे। साथ ही विदाई के साथ कूलर-पंखा व 5 बर्तन उपहार में देंगे।
महापंचायत में मुरैना जिले की 22 पंचायतों के अलावा राजस्थान के धौलपुर, बाड़ी-बसेड़ी व पड़ोसी जिले ग्वालियर के ग्रामीण क्षेत्र से भी समाज के प्रबुद्धजन शामिल हुए थे। इस दौरान संत हरिगिरिदास महाराज ने एलान किया कि हमें समाज को आगे बढ़ाने के लिए दहेज प्रथा पर पूर्णत: रोक लगानी होगी। इसके बाद सभी समाजबंधुओं ने हाथ उठाकर इस प्रथा को बंद करने का संकल्प लिया।
देवउठनी एकादशी से होगा अमल
संत हरिगिरिदास महाराज ने कहा कि-हमें इस फैसले पर आगामी देवउठनी एकादशी से अमल शुरू करना होगा। दहेज पर रोक लगाने के लिए यह अभियान अभी मुरैना की 22 पंचायतों से शुरू होगा। बाद में अन्य राज्यों में जाकर लोगों से बुराई को खत्म करने के लिए अपील की जाएगी।
दहेज लिया या दिया तो सामाजिक बहिष्कार
महापंचायत में यह भी तय किया गया कि जो भी समाजबंधु अपनी बेटी की शादी में दहेज देगा या बेटे की शादी में दहेज मांगेगा या लेगा तो उसका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा फिर चाहे वह गरीब हो या पैसे वाला। समाज का कोई भी व्यक्ति उसके यहां न तो किसी कार्यक्रम में शरीक होगा और न ही कोई उसे अपने यहां बुलाएगा।
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