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25-28 सितंबर तक जर्मनी में होगा पहला ग्लोबल विंड समिट, भारत समेत 100 देशों के 250 स्पीकर जुटेंगे

1,400 प्रदर्शनी लगाई जाएंगी, भारत से भी कई कंपनियां शामिल होंगी

DainikBhaskar.com| Last Modified - May 26, 2018, 04:50 PM IST

Hamburg to host the first edition of Global Wind Summit in septerber 2018
25-28 सितंबर तक जर्मनी में होगा पहला ग्लोबल विंड समिट, भारत समेत 100 देशों के 250 स्पीकर जुटेंगे

 

  • विंड एनर्जी के लिए भारत ने 2022 तक 60 गीगाबाइट का लक्ष्य तय किया है
  • ग्लोबल विंड समिट इस सेक्टर का अब तक का बड़ा आयोजन होगा

 

हैम्बर्ग. पहला ग्लोबल विंड समिट 25-28 सितंबर को जर्मनी में होगा। आयोजकों को उम्मीद है कि इसमें भारत,   चीन,   अमेरिका,     स्पेन और डेनमार्क समेत करीब 100 देशों से स्पीकर शामिल होंगे। विंडएनर्जी हैम्बर्ग के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अनजा होलिंस्की के मुताबिक इस समिट में बड़ी संख्या में भारतीय कंपनियां हिस्सा लेंगी। उन्होंने कहा कि वो भारत सरकार के संपर्क में हैं। 
विंड एनर्जी पर ये सबसे बड़ी कॉन्फ्रेंस होगी और इंडस्ट्री के जुड़े लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण मौका होगा। 

 

1,400 कंपनियां, 250 स्पीकर शामिल होंगे
इस इवेंट के तहत विंडएनर्जी हैम्बर्ग और विंडयूरोप नाम से दो कॉन्फ्रेंस का आयोजन होगा। इन दोनों सम्मेलनों में दुनियाभर के 1,400 एग्जिबिटर और 250 स्पीकर हिस्सा लेंगे। 
इंडियन विंड पावर एसोसिएशन के महासचिव एस ज्ञानशेखरन के मुताबिक इस आयोजन के जरिए दुनियाभर के विशेषज्ञों को विंड एनर्जी के क्षेत्र में नए-नए आइडिया पर चर्चा करने का मौका मिलेगा।  

 

स्मार्ट एनर्जी पर रहेगा फोकस
दोनों कॉन्फ्रेंस में कम खर्च, स्मार्ट एनर्जी और बाजार की संभावनाएं बढ़ाने पर फोकस रहेगा। इस दौरान बेहतर प्रोडक्ट और सभी एनर्जी उपकरणों में विंड पावर के इस्तेमाल पर चर्चा होगी। 
ज्ञानशेखरन के मुताबिक विंड एनर्जी उत्पादन में चीन, अमेरिका और जर्मनी के बाद भारत 33 गीगाबाइट के साथ चौथे नंबर पर है। सरकार ने 2022 तक 60 गीगाबाइट का लक्ष्य तय किया है।  

 

भारत में विंड एनर्जी का बड़ा बाजार: ग्लोबल वर्ल्ड एनर्जी काउंसिल
काउंसिल के महासचिव स्टीव सॉयर का कहना है कि भारत अपने लक्ष्य को हासिल करने की क्षमता रखता है। इस सेक्टर में भारत एक बड़ा बाजार भी है और दुनिया की कई कंपनियों की नजर भारत पर टिकी हुई हैं। 

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