• Home
  • Jeevan Mantra
  • Jyotish
  • Rashi Aur Nidaan
  • hanuman chalisa ke upay, how to pray to lord hanuman, हनुमान चालीसा का उपाय, इससे दूर होते हैं 5 क्लेश और 6 बुरी आदतें
--Advertisement--

हनुमान चालीसा का उपाय, इससे दूर होते हैं 5 क्लेश और 6 बुरी आदतें

हनुमानजी की पूजा करते रहने से कुंडली के सभी दोष भी दूर हो सकते हैं।

Danik Bhaskar | May 05, 2018, 05:00 PM IST

रिलिजन डेस्क। जिन लोगों की कुंडली में ग्रहों से संबंधित दोष होते हैं, वे भाग्य का साथ प्राप्त नहीं कर पाते हैं। साथ ही, व्यक्ति बुराइयों में गलत आदतों में घिर जाता है। ग्रह दोष के कारण घर में शांति नहीं रहती है, क्लेश होता रहता है। उज्जैन के इंद्रेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी और भागवत कथाकार पं. सुनील नागर के अनुसार तेज बुद्धि के साथ ही 5 क्लेश यानी अशांति और 6 विकार यानी बुराइयों को दूर करने के लिए सबसे सरल उपाय है नियमित रूप से हनुमान चालीसा का या इसकी एक खास चौपाई का जाप 108 बार किया जाए। यहां जानिए ये चौपाई...

ये हैं 5 क्लेश- अविद्या यानी अज्ञान, अस्मिता यानी अपमान, राग यानी लगाव, द्वेष मन-मुटाव, अभिनिवेश यानी मृत्यु का भय।

ये हैं 6 विकार- यानी बुरी आदतें- काम यानी वासना, क्रोध यानी गुस्सा, लोभ यानी लालच, मद यानी नशा, मोह यानी आसक्ति या अत्यधिक लगाव, मत्सर यानी बुरी लत।

बुद्धि बढ़ाने के लिए इन पंक्तियों का पाठ करें 108 बार

बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन कुमार।

बल-बुद्धि बिद्या देह मोहिं, हरहु कलेस बिकार।।

इन पंक्तियों का अर्थ यह है कि हे पवन कुमार। मैं खुद को बुद्धि हीन मानता हूं और आपका ध्यान, स्मरण करता हूं। आप मुझे बल-बुद्धि और विद्या प्रदान करें। मेरे सभी कष्टों और दोषों को दूर करने की कृपा कीजिए।

यदि हम हर रोज हनुमान चालीसा का पाठ नहीं कर सकते हैं तो सप्ताह में दो दिन मंगलवार और शनिवार को पाठ कर सकते हैं। यदि सप्ताह में दो दिन भी संभव ना हो सके तो सप्ताह में किसी भी एक दिन पाठ कर सकते हैं। अगर एक दिन भी पूरी हनुमान चालीसा का पाठ नहीं सकते हैं तो किसी एक चौपाई का जाप भी कर लेंगे तो हनुमानजी की कृपा प्राप्त की जा सकती है।

ऐसे करें जाप

सुबह जल्दी उठें और स्नान आदि कर्मों के बाद किसी हनुमान मंदिर जाएं और हनुमानजी के सामने दीपक जलाएं। इसके बाद हनुमानजी का ध्यान करते हुए हनुमान चालीसा का या इसकी चौपाई का जाप करें।

Related Stories