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महाभारत 2019: राहुल भाजपा मुक्त भारत की बात करेंगे तो मैं साथ नहीं हूं, फैसले लेने में वे काफी स्लो हैं: हार्दिक पटेल

Dainik Bhaskar

Aug 01, 2018, 11:57 PM IST

हार्दिक के मुताबिक, जिस वर्ग की जैसी जनसंख्या उसी अनुपात में उसे आरक्षण मिलना चाहिए

हार्दिक पटेल के मुताबिक प्रधा हार्दिक पटेल के मुताबिक प्रधा
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नई दिल्ली. पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल इस महीने बेमियादी हड़ताल पर उतरने का एेलान कर चुके हैं। भास्कर संवाददाता अमित कुमार निरंजन ने उनसे कई मुद्दों पर बातचीत की। इसमें राहुल गांधी को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अगर राहुल भाजपा मुक्त भारत की बात करेंगे तो मैं साथ नहीं हूं। साथ ही उन्होंने राहुल को फैसले लेने में काफी स्लो भी बताया।

Q. आपकी बहन को स्कॉलरशिप न मिलने से लेकर अब तक का आपका संघर्ष कैसा रहा। क्या आंदोलन अभी भी सही रास्ते पर है?
A.
जब बहन को स्कॉलरशिप नहीं मिली तब तक हमारा मानना था कि आरक्षण न मिलने से हम लोग शिक्षा और रोजगार में पिछड़ गए हैं। पर 25 अगस्त 2015 को आंदोलन शुरू हुआ तब देखा कि गांवों में किसान के बेटे बेरोजगार हैं, शिक्षा का इंतजाम ठीक नहीं है। उनके लिए आरक्षण मांगना पड़ा। 25 अगस्त को आंदोलन के तीन साल हो जाएंगे। सरकार से बातचीत हुई, लेकिन इसका राजनीतिक फायदा अमित शाह ने उठाया।

Q. गुजरात में तो पाटीदारों की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत है, फिर क्यों आरक्षण चाहिए?
A.
आप जिनकी बात कर रहे हैं, वो पूरे गुजरात में 5-7% ही हैं। सूरत जाएंगे तो लगेगा कि बड़ा तबका संपन्न है। सूरत में 13 लाख वोट पाटीदारों के हैं, पर तीन लाख ही शहर के हैं। बाकी गांव से हैं। उन्हें नौकरी के लिए शहर आना पड़ता है।

Q. मायावती और रामविलास पासवान ने कहा है कि गरीब सवर्णों को भी आरक्षण मिले, आप क्या कहेंगे?
A.
जिस वर्ग की जैसी जनसंख्या उसी अनुपात में उसे आरक्षण मिले, लेकिन अभी उल्टा हो रहा है।

Q. क्या आर्थिक रूप से आरक्षण नहीं देना चाहिए?
A.
जब ऐसा होगा, उस दिन से कचहरी में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार होंगे। वहां 100 रुपए में आय प्रमाण-पत्र बन जाता है।

Q. आंदोलन के समय पाटीदारों ने आपका जमकर समर्थन किया। विधानसभा चुनाव आते-आते दूरी बना ली?

A. ये सही है। जब आंदोलन होता है तो उसे कमजोर करने की साजिश होती है। मुझ पर 24 केस लगाए। दो केस देशद्रोह के लगाए। 25 अगस्त से बेमियादी हड़ताल करूंगा।

Q. क्या आप चुनाव में उतरने के लिए तैयार हैं?
A.
मैं राजनीति में तभी आना चाहूंगा, जब मेरे पास किसी समस्या का समाधान हो। समाधान की राजनीति चाहता हूं, विरोध की राजनीति नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस हो चाहे बीजेपी।

Q. आप कब तक समाधान निकाल पाएंगे?
A.
जैसे-जैसे मैं गांव घूमूंगा। उम्मीद है तीन साल में शिक्षा, किसानों और बेरोजगारी का समाधान ढूंढ निकालूंगा। मैं अभी तक चार हजार गांव घूम चुका हूं। 800 से ज्यादा गांवों की समस्या को सीधे मंत्री तक भेजा है। पर उनके कोई जवाब नहीं आए। हमारी बड़ी तकलीफ यह है कि हमारे साथ बुद्धिजीवी खुलकर नहीं आते हैं। हमें ऐसे लोगों का साथ चाहिए।

Q. 2019 के लोकसभा चुनाव में नहीं उतर रहे हैं?
A.
नहीं उतर रहा हूं।

Q. मोदी की कौन-सी चीज उनका ग्राफ गिरा रही है?
A. उनकी तानाशाही।

Q. क्या राहुल गांधी 2019 में मोदी को टक्कर दे पाएंगे?
A.
जैसे मोदीजी कांग्रेस मुक्त भारत की बात करते हैं, अगर ऐसे टक्कर देनी है तो मैं राहुल गांधी के साथ नहीं हूं कि वे कहें कि भाजपा मुक्त देश हो। उनका सम्मान करता हूं, क्योंकि उन्होंने हमेशा कहा है कि देश के लिए कुछ करना है। राहुल पर भरोसा करना चाहिए। आज जिस अस्पताल में हमारा इलाज होता है, जिन स्कूलों में पढ़ते हैं, वो कांग्रेस ने ही बनाए हैं।

Q. महागठबंधन में किसे प्रधानमंत्री पद का दावेदार मानेंगे?
A.
मेरा व्यक्तिगत मानना है कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का दावेदार माना जाना चाहिए।

Q. राहुल गांधी को अभी कहां और सुधार की जरूरत है?
A.
उन्हें फैसले तुरंत लेने होंगे। अभी वे बहुत स्लो हैं। कुछ प्रदेशों में गुटबाजी है, कई जगहों पर कांग्रेस के उम्मीदवार ही कांग्रेस को हराते हैं, ऐसे लोगों को पार्टी से निकालना चाहिए।

Q. कई कांग्रेसी कहते हैं कि अगर आपका साथ गुजरात में न लिया होता तो वे ज्यादा सीटें जीत लेते?
A.
2002, 2007 और 2012 में कांग्रेस 60 सीटों से ज्यादा नहीं जीती। 2017 में 82 सीटें जीत गई। अगर उन्हें ऐसा लगता है तो लोकसभा 2019 में हमारा साथ नहीं लेना चाहिए।

Q. जब आप आंदोलन कर रहे थे तब नीतीश कुमार ने सपोर्ट किया। वे 2019 में बीजेपी के साथ चुनाव लड़ेंगे। क्या कहेंगे आप?
A.
राजनीतिक मजबूरी में वे ऐसा कर रहे हैं। बिहार की मजबूरी होती तो उनके साथ खड़ा रहता। मैं बिहार जाकर आया हूं। काफी दुखी हैं लोग। शिक्षा में बिहार पिछड़ता जा रहा है।

Q. आप किस रास्ते की बात कर रहे हैं?
A.
पिछड़ों की राजनीति और संविधान बचाने का रास्ता।

Q. राजस्थान और मध्यप्रदेश को लेकर आपकी क्या रणनीति रहेगी?
A.
एमपी पर ज्यादा फोकस है। वहां बेरोजगारी व किसानों पर रैली की हैं। राजस्थान में झालावाड़ से शुरुआत करूंगा।

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