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डाउनलोड करें- मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इस मसले पर ब्राह्मण समुदाय से दुख जताया
- राज्य के शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा ने बताया कि कमेटी जल्द रिपोर्ट सौंपेगी
चंडीगढ़. राज्य सरकार ने गुरुवार को हरियाणा एसएससी (स्टाफ सिलेक्शन कमीशन) के चेयरमैन भारत भूषण भारती को सस्पेंड कर दिया। राज्य में 10 अप्रैल को जूनियर सिविल इंजीनियर (जेई) की परीक्षा में ब्राह्मण समुदाय से संबंधित पूछे गए एक विवादित सवाल पर उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई। बता दें कि जेई परीक्षा के प्रश्न पत्र में ब्राह्मणों के खिलाफ विवादित सवाल को लेकर राज्य में जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ था। संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कारवाई की मांग की गई थी।
परीक्षा में पूछा सवाल- हरियाणा में अपशकुन क्या है?
- हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने 10 अप्रैल को सिविल जूनियर इंजीनियर की परीक्षा आयोजित की थी। इसमें सवाल नंबर 75 में को लेकर बवाल खड़ा हुआ था।
- सवाल था, " हरियाणा में निम्न में कौन अपशकुन नहीं माना जाता।"
- उत्तर में चार विकल्प दिए गए थे। 1- पानी से भरा मटका। 2- काला ब्राह्मण। 3- ब्राह्मण कन्या को देखना। 4- फ्यूल भरा कास्केट।
- परीक्षार्थियों को इन्हीं विकल्पों में से एक को चुनने के लिए कहा गया था। जब यह विवाद हुआ था, उस समय मुख्यमंत्री विदेश यात्रा पर थे।
जांच कमेटी गठित- शिक्षा मंत्री
- राज्य के शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा ने बताया, "सरकार ने प्रश्न पत्र सेट करने वाली दिल्ली की कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही पेपर तैयार करने वाले और छापने वाले पब्लिशर्स के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। हरियाणा एसएससी एक स्वायत्त संस्था है। ऐसे में मौजूदा या रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की जाएगी।"
- सरकार ने महाधिवक्ता से सुझाव मांगे हैं। मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी।
- मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इस मसले पर ब्राह्मण समुदाय से दुख प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि इससे मुझे भी भावनात्मक रूप से ठेस लगी है।
विपक्षी पार्टियों ने साधा निशाना
- हरियाणा एसएससी के इस सवाल पर विपक्षी दलों ने सत्ताधारी पार्टी भाजपा पर निशाना साधा। विपक्षी दलों का कहना है कि यह सवाल भाजपा सरकार की ब्राह्मण विरोधी मानसिकता को प्रदर्शित करता है।
-राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने कहा, "यह सामान्य गलती नहीं है। यह बेहद शर्मनाक गलती है। इससे न सिर्फ समुदाय की भावनाएं आहत हुईं बल्कि अंधविश्वास को भी बढ़ावा मिलेगा।
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