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मजदूरों और अपने घर न जा सकने वाले लोगों के लिए बेरी में शुरू हुई रसोई, महिलाएं कर रही सेवा

Jhajjar News - बेरी में दिहाड़ी मजदूरी करने वाले और लॉकडाउन में अपने घर न जा पाने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। ऐसे लोगों के...

Mar 27, 2020, 07:30 AM IST

बेरी में दिहाड़ी मजदूरी करने वाले और लॉकडाउन में अपने घर न जा पाने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। ऐसे लोगों के लिए लोकल प्रशासन ने रसोई शुरू की है, ताकि कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं सोए। इसके लिए बेरी के एसडीएम डाॅक्टर राहुल नरवाल ने किचन आरंभ की है, ताकि स्थानीय प्रशासन उन लोगों को खाना खिला सके जिन लोगों के पास खाने पीने की व्यवस्था नहीं है। एसडीएम का कहना कि रसोई में उन लोगों को भोजन उपलब्ध करवाया जाएगा जो लोग होटल पर खाना खाते थे और अब उन्हें खाना मिलने में दिक्कत आ रही है। उन्हें दोनों टाइम का शुद्ध खाना फ्री में उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके लिए बेरी कस्बे की महिलाएं ही सेवा कर रही हैं। खाने पीने की वस्तुओं की कमी नहीं आएगी किस गांव में कितने दूध की खपत हैं पूरा डेटा जुटाया अगर जरूरत पड़ी तो सप्लाई बढ़वाई जाएगी। एसडीएम के अनुसार रसोई शुरू होने के पहले दिन 50 लोगों के लिए खाना बना है जो उन स्थानों पर भेजा गया जहां मजदूर और अप्रवासी लोग रुके हुए हैं। इसी प्रकार रोजाना ऐसे स्थानों को चिह्नित कर वहां खाना बंटवाया जाएगा। इसी प्रकार एसडीएम राहुल नरवाल थाना, प्रभारी जयभगवान यादव, चौकी प्रभारी सुन्दर पाल ने बाजार में घूमकर खाद्य सामग्री व सब्जियों के बारे में जानकारी ली। कहा जमाखोरी को बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कहा लॉकडाउन के दौरान लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। जनता को भी इसमें सहयोग करना चाहिए।

लंबी दूरी के रुके ट्रक, ढाबा संचालक उपलब्ध करा रहे खाना

झज्जर| झज्जर देशभर में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए घोषित किए गए 21 दिन के लाॅकडाउन में अब ट्रक चालक भी परेशानी झेल रहे हैं। ऐसे बहुत से ट्रक ड्राइवर हैं जो अब बीच रास्ते में ही फंस गए हैं। हालांकि ढाबे व होटल बंद में शामिल है, लेकिन इन ढाबों के संचालक यहां रुके ड्राइवर को खाना उपलब्ध करा रहे हैं। इसका असर यह हुआ कि जो व्यक्ति जहां था वह वही फंस कर रह गया। ऐसे काफी लोगों ने अब हाईवे के पेट्रोल पंप व ढाबों पर शरण ली है। ट्रक ड्राइवरों का कहना है कि सुरक्षा के लिहाज से पेट्रोल पंप व ढाबे उचित हैं एक तो यहां उन्हें अन्य लोगों की भी मदद मिल रही है और खाने-पीने की उपलब्धता रहती है। उन्होंने कहा कि कई ढाबों पर सामग्री की उपलब्धता कम है। इसके बाद वे जैसे-तैसे कर उन्हें खाना उपलब्ध करा रहे हैं।


प्रवासी मजदूरों ने भोजन की व्यवस्था कराने की मांग की

भास्कर न्यूज | बादली

भवन निर्माण का कार्य करने वाले प्रवासी मजदूरों ने सरकार व प्रशासन से गुहार लगाई है कि उन्हें भोजन की व्यवस्था कराई जाए। उनके काम धंधे बिल्कुल ठप हो हो चुके हैं। उनके पास करने के लिए कुछ भी नहीं है। मजदूरों ने कहा कि ऐसे माहौल में खाली रहकर वे अपने घर और प्रदेश से दूर किस प्रकार से अपना गुजारा करेंगे। क्या कमा कर अपने घर भेजेंगे और क्या खुद खाएंगे। भवन निर्माण का कार्य करने वाले मजदूर और मिस्त्री सुरेश कुमार, इंद्र सिंह, अशोक मिस्त्री, नरेश मिस्त्री, उमाशंकर मिस्त्री, अरुण, यानेंद्र, कैलाश, मिथलेश, गजेंद्र, अंतिम, राम-लखन, चांदनी देवी, राहुल, नंदू, खट्टर के अलावा ठेकेदार शंकर, अशोक कुमार, सुरेश, नरेश, जितेंद्र, गजेंद्र, रामू, बलराम व मनोज ने बादली उपमंडल, जिला झज्जर, प्रशासन के उच्च अधिकारियों, जिला उपायुक्त व सरकार के सम्मुख गुहार
लगाई है।

बादली में प्रवासी मजदूर समस्या से सरकार व प्रशासन को अवगत कराते।

सरकार को निकालना चाहिए रास्ता

ट्रक यूनियन के महासचिव रविंद्र ने बताया कि काफी ट्रक अलग अलग राज्य में फंसे हुए हैं और अब लॉकडाउन होने के कारण उनको वहां से निकलने का कोई रास्ता नहीं है। इस बीच में ट्रक ड्राइवर होटल संचालकों से मदद मांग कर जैसे-तैसे खाने की व्यवस्था बना रहे हैं। लेकिन दूरदराज फंसे ड्राइवरों को निकालने के लिए कुछ योजना तैयार होनी चाहिए। ताकि ये सुरक्षित भी रहे और अपने गंतव्य या घर तक पहुंच सकें।

जमा पूंजी भी खत्म हो गई, ज्यादा समय तक घर नहीं चला सकेंगे

प्रवासी मजदूरों ने बताया कि पिछले कई दिनों से काम को नहीं जा पा रहे हैं। उनके पास जो जमा पूंजी थी उसमें से वह कुछ अपने घर भेज चुके हैं और जो बची है वह उनके हर रोज के खर्चों में यहां पर खर्च हो रही है। वे इतने लंबे समय तक खाली रहकर अपना पेट नहीं पाल सकते। मजदूरों ने कहा कि समस्या का कोई समाधान किया जाए। 21 दिन उन्हें व उनके परिवार को रोटी मिले इसका प्रबंध हो या फिर उन्हें काम दिया जाए। उनका स्वयं का और उनके परिवार का गुजारा उनके द्वारा हर रोज कमाने से ही चलता है। अब जब उनके पास काम नहीं है तो ऐसे में उनके सामने रोजगार के साथ-साथ अपना व अपने परिवार का पेट पालने की समस्या भी आ गई है।

श्रीबालाजी युवा सेवा समिति ने दी चाय-पानी की सेवा : श्रीबालाजी युवा सेवा समिति, बेरी की ओर से सफाई कर्मचारियों व पुलिस कर्मचारियों के लिए चाय- पानी की व्यवस्था कर रही है। समिति के प्रधान प्रवीन जांगड़ा, महासचिव सोमबीर कादयान योगेश नितिन ने बताया कि सफाई कर्मचारी और पुलिस कर्मचारी डाक्टर हमारे लिए दिन रात एक कर रहे हैं इसलिए समिति रोजाना चाय पानी की व्यवस्था करेगी।

हाईवे पर सड़क किनारे ढाबों पर खड़े लंबी दूरी के ट्रक।

बेरी में दिहाड़ी मजदूरों और जरूरतमंद के लिए शुरू हुई रसोई में भोजन तैयार करती महिलाएं।

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