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कर्नाटक चुनाव: कुमारस्वामी का पहला प्यार फिल्में थीं, उनकी प्रोड्यूस की एक फिल्म 365 दिनों तक परदे पर रही

3 वर्ष पहले
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बेंगलुरु. एचडी कुमारस्वामी किंग मेकर से खुद किंग बन गए। 23 मई को कर्नाटक के सीएम पद की शपथ लेंगे। लेकिन जिस कुमारस्वामी को राजनीति का एक मंझा खिलाड़ी माना जा रहा है, एक वक्त था जब वो राजनीति से दूर फिल्में बनाते थे। फिल्में ही उनका पहला प्यार हुआ करती थीं। लेकिन वक्त के साथ पहला प्यार दूर होता गया और पिता की राजनीतिक विरासत हावी होती गई। नतीजा आज हम सबके सामने है। जिस तरह से आज राजनीति में कुमारस्वामी का बोलबाला है वैसे ही उन्होंने फिल्मों में भी काफी छाप छोड़ी है। साल 2003 में कुमारस्वामी की प्रोड्यूस की गई फिल्म 'चंद्र चकोरी' इतनी पसंद की गई कि एक साल तक थियेटर से उतरी ही नहीं। 

 

एक एक्टर को कॉपी करते थे कुमारस्वामी
हरदणहल्ली देवगौड़ा कुमारस्वामी यानी एचडी कुमारस्वामी ने बेंगलुरु यूनिवर्सिटी से साइंस में ग्रेजुएशन किया है। लेकिन पढ़ाई खत्म होने के साथ ही उन्होंने फिल्मों में बतौर फाइनेंसर काम शुरू किया। इसके बाद चेननामिका बैनर तले फिल्म प्रोड्यूस करने लगे। चंद्र चकोरी जैसी हिट फिल्में इसी बैनर तले बनीं। 
- कुमारस्वामी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि कन्नड़ अभिनेता राजकुमार उनके फेवरेट थे। कॉलेज के दिनों में वो राजकुमार की तरह ही कपड़े पहनते थे और उन्हीं की स्टाइल को कॉपी किया करते थे।

 

पत्नी की हार का लिया बदला 
कुमारस्वामी ने 2018 विधानसभा चुनाव में दो जगहों से नामांकन भरा था। पहली रामनगर विधानसभा सीट और दूसरी चन्नापट्टना। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रामनगर से नामांकन भरने के बाद वो दोबारा अपने क्षेत्र में गए ही नहीं, लेकिन बड़ी आसानी से चुनाव जीत गए। वहीं चेन्नापट्टन से कुमारस्वामी ने अपनी पत्नी की हार का बदला लेने के लिए नामांकन भरा था। कुमारस्वामी ने चेन्नापट्टन से सी पी योगेश्वर को हराया। बता दें कि 2013 में योगेश्वर ने कुमारस्वामी की पहली पत्नी अनीता को हराया था।
- चुनाव प्रचार के दौरान कुमारस्वामी ने अपनी स्पीच में वोटर्स से अपील की थी अगर उन्होंने उनका ध्यान नहीं रखा तो वो ज्यादा दिनों तक जिंदा नहीं रहेंगे। बता दें कि कुमारस्वामी की दो बार हार्ट सर्जरी हो चुकी है।

 

कुमारस्वामी से जुड़े फैक्ट्स
-  कुमारस्वामी ने 1996 लोकसभा चुनाव में कनकपुरा सीट से चुनाव जीतकर राजनीति में एंट्री ली। 
- 1999 में विधानसभा चुनाव में कुमारस्वामी को हार का मुंह देखना पड़ा। पांच साल बाद 2004 में रामनगर से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे।
- कुमारस्वामी रामनगर से कभी नहीं हारे। साल 2004 में कांग्रेस के साथ मिलकर जेडीएस ने सरकार बनाई। लेकिन 2006 में काग्रेस का साथ छोड़कर बीजेपी से हाथ मिला लिया। कुमारस्वामी चाहते थे कि वो सीएम बनें। हुआ भी वैसा ही। बीजेपी से समझौते के तहत जेडीएस और बीजेपी का 20-20 महीने का सीएम बनना तय हुआ। जिसके बाद कुमारस्वामी 4 फरवरी 2006 से 9 अक्टूबर 2007 तक कर्नाटक के सीएम रहे।