जो पापड़ आप बड़े स्वाद से खाते हैं जानिए वो क्यों बॉडी के लिए होता है खतरनाक, डॉ बोले, इस कारण बाजार के बजाए घर में बना पापड़ ही खाना सही

सामान्य खाना 4 घंटे में पच जाता है लेकिन पापड़ के बारे में ये जानकार आपका भ्रम हो जाएगा दूर

dainikbhaskar.com

Mar 25, 2019, 12:01 AM IST
Health hazards of papad

हेल्थ डेस्क। दिखने में हल्का लगने वाला पापड़ आपकी सेहत को नुकसान पहुंचाने वाला होता है। मैक्स हॉस्पिटल नईदिल्ली की न्यूट्रीशनिस्ट मंजरी चंद्रा ने बताया कि एक पापड़ को पचने में तीन से पांच दिन लगते हैं। जबकि हम जो सामान्य आहार खाते हैं वो 4 घंटे में ही पच जाता है। दिल, किडनी और हाई ब्लड प्रेशर वाले
मरीजों को खासतौर पर पापड़ को अवॉइड करना चाहिए। हालांकि घर में बने पापड़ को खाने में दिक्कत नहीं होती।


हल्का होने के बावजूद जल्दी क्यों डाइजेस्ट नहीं हो पाता पापड़
दरअसल पापड़ रिफाइंड चीजों जैसे बारीक बेसन, नमक आदि से बना होता है। इसमें फाइबर जैसी कोई चीज नहीं होती। इसलिए इसे खाने के बाद आंतों पर भारी दबाव पड़ता है। यह बारीक चीजों से बना होता है इसलिए आंतों में जाने के बाद पाचक रसों के साथ मिलता है और आंतों में पेस्ट के रूप में बन जाता है। इसी कारण आंतों की पाचन क्षमता घट जाती है।

सेहत को नुकसान कैसे पहुंचाता है?
पापड़ बनाते समय इसमें प्रिजर्वेटिव डाले जाते हैं। प्रिजर्वेटिव में सोडियम मिलाया जाता है। इससे पापड़ का स्वाद तो बढ़ जाता है लेकिन यह सेहत से जुड़ी समस्याएं पैदा करता है। पापड़ को तलने पर इसमें खासी मात्रा में तेल आ जाता है। सेंक लिया जाए तो इसमें आर्किलेमाइड बनता है जो कि न्यूरोटॉक्सिन है, और इसे कार्सिनोजेन भी कहते हैं। इसमें सोडियम बेंजाइट का प्रयोग इसलिए करते हैं ताकि यह लंबे समय तक खराब न हो। इसी कारण से इसे सेंकने पर कैंसर पैदा करने वाले तत्व बनते हैं।

एक चपाती के बराबर कैलोरी होती है दो पापड़ में
- दो पापड़ में एक चपाती के बराबर कैलोरी होती है।
- जो खाना लंबे समय तक आंतों में रहता है वह सड़ने लगता है जिससे पेट में गैर-जरूरी बैक्टीरिया बनने लगता है।
- आंतों की भीतरी परतों को नुकसान होता है। आंतों की बीमारी और एसिड रिफ्लक्स की शिकायत हो सकती है।
- आंतों की पाचन व सोखन क्षमता को घटा सकता है।
- ऐसा आहार आंतों में विटामिन और मिनरल कम कर देता है।
- जिन्हें शुगर की तकलीफ है और पाचन ठीक नहीं है, उनके लिए यह और परेशानी भरा हो सकता है।

एक्सपर्ट Tip
डॉ. चंद्रा के अनुसार, घर में साबुदाना, दाल, आलू के जो पापड़ पहले बनते थे वो हानिकारक नहीं होते थे क्योंकि इनमें किसी तरह का प्रिजर्वेटिव नहीं मिलाया जाता था। सभी घरेलु शुद्ध पदार्थों से इन्हें तैयार किया जाता था। आप कभी-कभी पापड़ खाते भी हैं तो घर में बने पापड़ खाने में कोई दिक्कत नहीं है। बाजार में मिलने वाले पापड़ मैदा से तैयार किए जाते हैं। मैदा पानी के साथ फूलता है। घर में बने पापड़ को भी अच्छी तरह से भूनकर खाना चाहिए।

X
Health hazards of papad
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना