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डाउनलोड करेंचंडीगढ़. सेक्टर-8 में मंगलवार रात गोपाल स्वीट्स के मालिक शरणदीप सिंह से कैश से भरा बैग लूट लिया गया। बैग में 6.50 लाख रुपए थे। लुटेरे ने शरणदीप और उनके गार्ड दिलीप से हाथापाई की और बैग छीनकर फरार हो गया। सूत्रों के मुताबिक कैश इससे कई गुना ज्यादा था, जिसे डिस्क्लोज नहीं किया जा रहा है। लूट की वारदात कैमरे में कैद हुई और सीसीटीवी फुटेज पुलिस के पास है। वारदात के बाद पुलिस ने शहर भर में नाके लगाए, लेकिन ट्रिपल राइडिंग कर रहे लुटेरों को पकड़ नहीं पाए।
गाड़ी में चाबी लगा रहे थे, तभी लुटेरे ने मारा हाथ
- वारदात रात 10.12 बजे की है। सेक्टर-11 में रहने वाले गोपाल स्वीट्स के मालिक शरणजीत ने बताया- मैं रोज की तरह दुकान का दिन भर का कैश लेने सेक्टर-8 मध्यमार्ग में अपनी शॉप पर पहुंचा।
- कार दुकान के पीछे पार्किंग में खड़ी की। कैश बैग लेकर प्राइवेट गार्ड दिलीप के साथ बाहर निकला। जैसे ही कार की चाबी लगाने लगा, तभी सामने से एक लड़का आया और बंदूकनुमा चीज दिखाकर धक्का दिया।
- इसके बाद बैग छीनने लगा। दिलीप बचाव में आया तो लुटेरे ने जेब से लाल मिर्च निकालकर उसकी आंखों में डाल दी। लुटेरा भागने लगा तो दिलीप ने उसके पैर पर डंडा भी मारा। सामने से लुटेरे का साथी आने लगा तो मैंने बैग छोड़ दिया। मैं, दिलीप और गोपाल स्वीट्स के एफएंडबी मैनेजर अशोक लुटेरों के पीछे भागे। लुटेरे के दो साथी एक्टिवा पर आगे खड़े थे, वो उनके साथ बैठकर फरार हो गया। बैग में करीब 6.50 लाख का कैश मौजूद था। (हालांकि गोपाल स्वीट्स के मैनेजर ने पुलिस को पहले काफी ज्यादा कैश होने की जानकारी दी थी।)
जनवरी 2017 में भी इसी तरह लूट का शिकार बने शरणजीत
शरणजीत दूसरी बार लूट का शिकार हुए हैं। इससे पहले 1 जनवरी 2017 को रात 9:30 बजे सेक्टर-8 में दुकान की सेल के पैसे बैग में लेकर सेक्टर-11 में अपने घर पहुंचे थे। कार पार्क कर जैसे ही अपने घर में दाखिल होने लगे तो एक लड़का उनके पास आया और बैग छीनकर एक्टिवा में इंतजार कर रहे साथी के साथ फरार हो गया था। सेक्टर-11 थाने ने तब केस दर्ज किया था, लेकिन आरोपियों का आज तक कुछ पता नहीं चल सका है।
इसके बाद भी मौके पर ही सोती रही पुलिस
- शहर में क्रिमिनल बेखौफ हैं और डीजीपी तेजिंदर सिंह लूथरा अपनी डांस पार्टीज और नए एसएचओज लगाने के एक्सपेरिमेंट में बिजी हैं।
- शरणजीत सिंह से लूट के बाद गश्त करने वाली थाना-3 पुलिस का ट्रक यानी लीमा व्हीकल मौके पर पहुंचा। लीमा में मौजूद पुलिसवालों ने तुरंत आरोपियों को तलाशने के बजाय ट्रक एक कोने में लगा दिया। ड्राइवर सीट पर बैठा मुलाजिम तो सीट पर ही सोने लगा। वह भी तब जब उसके थाने के एसएचओ शेरसिंह, एरिया डीएसपी कृष्ण कुमार और क्राइमब्रांच इंचार्ज मौके पर थे।
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