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चंडीगढ़ से शिमला के बीच हेली टैक्सी सर्विस चलाने एमओयू साइन, मई के आखिर तक शुरुआत

3 वर्ष पहले
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चंडीगढ़.  हिमाचल प्रदेश के चीफ मिनिस्टर जयराम ठाकुर ने प्रेस क्लब में मीट द प्रेस के दौरान चंडीगढ़ से शिमला जाने वाले टूरिस्टों की सुविधा के लिए हेली टैक्सी सर्विस शुरू करने की बात कही। इसके लिए उड़ान-2 योजना के तहत पवन हंस के साथ एमओयू साइन हो चुका है। मई के अंत तक यह सुविधा शुरू हो जाएगी। चंडीगढ़ के अलावा चार अन्य डेस्टिनेशन के लिए यह सुविधा शुरू होगी। इनमें शिमला-धर्मशाला, शिमला रामपुर, चंडीगढ़-कुल्लू, झाखड़ी रामपुर आदि शामिल हैं।

 

 

एयरपोर्ट छोटा होने के कारण हो रही मुश्किलें

सीएम ने कहा कि हिमाचल के लिए गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री ने उड़ान सेवा की शुरुआत शिमला से की थी, लेकिन एयरपोर्ट छोटा होने के कारण यहां से मीडियम साइज का एयरक्राफ्ट ही ऑपरेट हो पा रहा है। वह भी पूरा लोड नहीं ले पा रहा है। चंडीगढ़ से शिमला के बीच टूरिस्ट्स का आना-जाना लगा रहता है। लोग यहां से एयर कनेक्टिविटी चाहते हैं, लेकिन शिमला के एयरपोर्ट की भौगोलिक परिस्थितियों के चलते इसे एक्सपेंड करना मुश्किल हो रहा है। हम शिमला के नजदीक जमीन तलाश रहे हैं, ताकि वहां पर नया एयरपोर्ट बनाया जा सके। 

 

चंडीगढ़ के अलावा चार अन्य डेस्टिनेशन के लिए यह सुविधा

ठाकुर ने कहा कि कल्लू के एयरपोर्ट को एक्सटेंड करने के सवाल पर उन्होंने कहा यह एयरपोर्ट भी छोटा है। यहां से भी छोटे एयरक्राफ्ट ऑपरेट हो रहे हैं। रनवे छोटा होने के कारण यहां से ऑपरेट होने वाले एयरक्राफ्ट ज्यादा पैसेंजर्स का लोड नहीं ले पाते हैं। हमने इसका विस्तार करने की कोशिश की, लेकिन जगह की कमी होने के कारण हम नहीं कर सके। 

 

शिमला से चंडीगढ़ के बीच हेली टैक्सी मई के अंत तक संभव

 

सीएम ने कहा कि कुल्लू एयरपोर्ट को एक्सपेंड करने के लिए ब्यास नदी पर ब्रिज बनाकर यहां पर रनवे बनाने को लेकर बीते दिनों एक स्टडी करवाई थी, लेकिन ब्यास नदी में कभी-कभी पानी ज्यादा आ जाता है, ऐसे में रनवे को नुकसान पहुंचने की संभावना रहती है। इसके अलावा इस प्रोजेक्ट पर पैसा भी ज्यादा खर्च हो रहा है। 

 

चंडीगढ़ से अपना शेयर लेने के लिए आप क्या कर रहे हैं...
महा पंजाब के विलय के बाद अलग-अलग राज्यों का गठन हुआ। चंडीगढ़ में हिमाचल अधिकारियों की तैनाती को लेकर शेयर 7.19 फीसदी  तय किया गया था। चंडीगढ़ प्रशासन में हिमाचल से हेल्थ, एजुकेशन व अन्य डिपार्टमेंट में हिमाचल की हिस्सेदारी को लेकर लंबे समय से मांग उठ रही है। इस पर सीएम ने कहा कि यह मुद्दा हमारे ध्यान में है। जो शर्तें उस वक्त तय हुई थीं, उसके मुताबिक हिमाचल को उसका हिस्सा मिलना चाहिए। इस दिशा में प्रदेश सरकार केंद्र से बात कर अपना हक मांगेगी।

 

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