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अपने समुदाय के बाहर से भी जीवनसाथी चुने लगे हैं उच्च वर्ग के लोग : रिपोर्ट
अपने समुदाय के बाहर से भी जीवनसाथी चुने लगे हैं उच्च वर्ग के लोग : रिपोर्ट
ये रुझान मौजूदा यूजर्स से मिली जानकारी के मुताबिक हैं, जिनमें 1,50,000 से अधिक लोग शामिल हैं। पंजीकृत यूजर्स की जनानांकीय जानकारियों और पसंद के अध्ययन के आधार पर इन आंकड़ों से दिलचस्प बातों का पता चला।
पंजीकृत लोगों की अधिकतम संख्या के मामले में पांच शीर्ष देशों में भारत, अमेरिका, यूएई, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन शामिल हैं। अमेरिका में रहने वाले उच्च वर्ग के लोगों के लिहाज से सबसे अधिक पंजीकरण कैलिफोर्निया, टेक्सास, वाशिंगटन, न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी से हुए हैं। भारत में शीर्ष पांच राज्य महाराश्ट्र, दिल्ली, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु हैं।
इलीट मेट्रोमेनी के यूजर बेस में 31 फीसदी महिलाएं और 69 फीसदी पुरुष हैं। 6 फीसदी सदस्य विदेशों के शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों में पढ़े हैं, जिनमें हारवर्ड, स्टैनफर्ड, प्रिंसटन, येल, एमआईटी, कॉरनेल, शिकागो बूथ, केलॉग, व्हार्टन, डार्टवर्थ, एनयूएस, लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, ऑक्सफोर्ड, लंदन स्कूल ऑफ बिजनेस, इनसीड और एचईसी पेरिस शामिल हैं।
जबकि भारत में ये लोग आईटीएस, आईआईटी, आईआईएम, आईएसबी, एक्सएलआरआई, एसपी जैन, एम्स, नेशनल लॉ स्कूल और इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया जैसे संस्थानों से पढ़े हैं।
इनमें 78 फीसदी महिला यूजर्स हैं जो 20 से 29 वर्ष की उम्र के जीवनसाथी तलाश रही हैं और जबकि 84 फीसदी पुरुष 25 से 35 वर्श उम्र के हैं। भारत में 32 फीसदी महिलाओं के प्रोफाइल खुद महिलाओं द्वारा पंजीकृत किए गए हैं जबकि ऐसे पुरुष 43 फीसदी हैं। दिलचस्प बात है कि अमेरिका में रहने वाले लोगों के लिए यह आंकड़ा क्रमश: 16 फीसदी और 15 फीसदी है।
भारत में 29 फीसदी महिला यूजर्स और 38 फीसदी पुरुष यूजर्स सिर्फ भारत में ही साथियों की तलाश कर रहे हैं जबकि अमेरिका में रहने वाले 59 फीसदी महिला यूजर्स और 24 फीसदी पुरुष यूजर्स सिर्फ अमेरिका में रहने वाले साथी चाहते है।ं
78 फीसदी हिंदी बोलने वाली महिला यूजर्स अन्य भाषाएं बोलने वाले साथी की तलाश कर रही थीं जबकि हिंदी बोलने वाले 59 फीसदी पुरुष यूजर्स अन्य भाषाएं बोलने वाली साथी के लिए तैयार थे ।
शीर्ष 5 समुदायों के 40 फीसदी लोग अन्य समुदायों के साथियों के लिए तैयार थे जबकि पंजीकृत लोगों के लिहाज से शीर्ष पांच भाषाएं हिंदी, मराठी, तेलुगू, तमिल और मलयालम थे। 29 फीसदी महिलाओं और 33 फीसदी पुरुषों ने विदेशों में पढ़ाई की है।
--आईएएनएस