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डाउनलोड करेंग्वालियर. शहर में लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं। सड़क हादसों का सबसे अधिक कारण तेज रफ्तार सामने आ रहा है। आए दिन तेज रफ्तार से हादसा होता है। लगातार हो रहे हादसों के बाद भी ट्रैफिक पुलिस सड़कों पर फर्राटा भर रहीं गाड़ियों की गति पर नियंत्रण नहीं लगा पा रही है। ट्रैफिक पुलिस सिर्फ बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों का चालान काटने में व्यस्त है। पिछले 24 घंटों में एक ही दिन में दो युवकों की जान ओवर स्पीड ने ले ली।
दोस्तों के साथ खाना खाने जा रहे थे विशाल मेगा मार्ट के स्टोर मैनेजर, तेज रफ्तार कार की टक्कर से मौत, 2 दोस्त घायल
जबलपुर निवासी शैलेन्द्र पुत्र भगवान सिंह चंदेल करीब 5 साल पहले ग्वालियर आए थे। वह सिटी सेंटर स्थित विशाल मेगा मार्ट में स्टोर मैनेजर थे। सिटी सेंटर में फ्लैट में किराए से रहते थे। शुक्रवार को स्टोर रात करीब 12 बजे बंद हुआ। यहां से वह साथ में काम करने वाले अजीत और पुष्पेन्द्र के साथ घर पहुंचे। यहां से वे थाटीपुर पहुंचे। जहां जयंत शर्मा रहता है। जयंत शैलेन्द्र के साथ काम करता था। पिछले ही महीने उसने नौकरी छोड़ी थी। जयंत के घर पर भिंड से आया उसका दोस्त देवानंद शर्मा मौजूद था। वह दिल्ली जा रहा था। सभी दोस्तों का प्लान बना कि देवानंद को स्टेशन छोड़ देंगे और वहीं होटल पर खाना खा लेंगे। शैलेन्द्र की हीरो होंडा बाइक पर देवानंद और जयंत बैठ गए। अजीत-पुष्पेन्द्र एक गाड़ी पर थे। इनके साथ पुनीत और सौरभ भी गए थे। वे दूसरी बाइक पर थे। यह लोग थाटीपुर से रवाना हुए। रात करीब 12.30 बजे अजीत और पुनीत अपनी गाड़ियों से थोड़ा आगे निकल गए।
शैलेन्द्र ने केवी के सामने स्थित तिराहे से जैसे ही बाइक बस स्टैंड की ओर जाने वाली रोड पर मोड़ी तो सामने से तेज गति में आ रही स्विफ्ट एमपी 07 सीए 7400 के चालक ने टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही शैलेन्द्र उछलकर गिरे और उनकी मौत हो गई। बीच में बैठा देवानंद गंभीर घायल हो गया, जबकि जयंत को हल्की चोटें आईं। जयंत ने अपने दोस्तों को फोन लगाया। दोनों को अस्पताल ले गए। शैलेन्द्र की पहले ही मौत हो चुकी थी। अस्पताल से पुलिस को सूचना दी गई तो उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। सोमवार शाम को उसके परिजन ग्वालियर पहुंचे। कार रिमझिम गौर पत्नी सौरभ गौर निवासी विवेकानंद कॉलोनी सिटी सेंटर के नाम पर रजिस्टर्ड बताई गई है।
एसएएफ के सूबेदार के बेटे की भी तेज रफ्तार ट्रक ने ली जान, पुलिस की कर रहे थे तैयारी
रविवार रात करीब 10 बजे सिकंदर कंपू पर ट्रक की टक्कर से साइकिल सवार जिस युवक की मौत हुई, वह एसएएफ में पदस्थ सूबेदार का बेटा निकला। वह पेट्रोल पंप पर काम खत्म कर घर जा रहे थे। वह पेट्रोल पंप पर काम करने के साथ साथ पुलिस की तैयारी भी कर रहे थे। घटना के तुरंत बाद तो उनकी पहचान नहीं हो सकी थी। लेकिन रात करीब 12 बजे उसकी पहचान जयवीर पुत्र राजभान सिंह भदौरिया निवासी सैनिक कॉलोनी के रूप में हुई। उनकी मौत पर मां का रो-रोकर बुरा हाल था। मां को जैसे ही पता लगा कि उनके बेटे की मौत हो गई तो वह बेसुध हो गई।
1 माह बाद फिर से ताले में बंद हो गया स्पीड राडार
इंदौर में स्कूल बस हादसे के बाद ग्वालियर में शिवपुरी लिंक रोड पर स्कूल बसों की गति जांचने के लिए एक साल से ताले में बंद स्पीड राडार निकाला गया था। एक महीने तक जांच की गई। इसमें 30 बसों पर कार्रवाई की गई। जनवरी के बाद फिर से स्पीड राडार ताले में बंद हो गया। जबकि तेज रफ्तार से लगातार हादसे हो रहे हैं।
इसी मोड़ पर तीसरा हादसा
रविवार रात को जिस मोड़ पर यह हादसा हुआ, वहां पर दो महीने में यह तीसरा हादसा है। इसी जगह होली की रात को एक कार की टक्कर से टेंपो में सवार एक वृद्ध की मौत हो गई थी। 13 मार्च को एक और कार ने बाइक सवार को टक्कर मारी। इस मोड़ पर लगातार हादसे का कारण है कि गांधी रोड की ओर से आने वाले वाहन तेज गति से आते हैं। थाटीपुर की ओर से आने वाले वाहन भी यहां से टर्न लेते हैं। साथ ही बस स्टैंड की ओर से आने वाले वाहन भी यहां से मुड़ते हैं। इसके चलते यह पॉइंट एक्सीडेंट पॉइंट बनता जा रहा है।
एक्सपर्ट व्यू : ट्रैफिक पुलिस सख्ती दिखाए
रिटायर्ड ट्रैफिक डीएसपी राकेश सिन्हा ने बताया कि हादसे होने के कारण पुलिस की सख्ती भी न होना है। ट्रैफिक पुलिस सिर्फ हेलमेट का चालान बनाने में लगी रहती है। ओवर स्पीड वालों पर तो कार्रवाई होती ही नहीं।
स्पीड राडार से भी चेकिंग होगी
ग्वालियर एसपी डॉक्टर आशीष ने बताया कि ओवर स्पीड वाहन दौड़ाने वालों पर कार्रवाई के लिए अभियान चलाया जाएगा। स्पीड राडार से भी चेकिंग होगी।
तय होने वाली थी शादी, मां को बताया तबीयत खराब है
शैलेन्द्र की शादी जल्द ही होने वाली थी। परिजन उसके लिए लड़की ढूंढ रहे थे। उसका बड़ा भाई जबलपुर ऑर्डिनेंस फैक्टरी में है। जब मौत की खबर मिली तो उसके पिता और भाई ग्वालियर आए। इन लोगों ने शैलेन्द्र की मां को बताया था कि उसकी तबीयत खराब हो गई है, इसलिए लेने जा रहे हैं।
सड़क हादसे एक नजर में
| वर्ष | घायल | मौतें | कुल हादसे |
| 2016 | 1599 | 241 | 1927 |
| 2017 | 1968 | 317 | 2285 |
| 2018 | 392 | अभी तक 60 | 452 |
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