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डाउनलोड करेंशिमला. कसौली गोलीकांड की जांच रिपोर्ट में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। डीसी ने केस में 133 पन्नों की जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी। इसमें मौके पर मौजूद सभी प्रशासनिक अफसरों के बयान दर्ज हैं। इसमें कहा है कि मौके पर 14 पुलिसकर्मी मौजूद थे। इसमें दो क्यूआरटी (क्विक रिएक्शन टीम) के जवान एके 47 से लैस थे। टीसीपी अफसर शैलबाला को गोली मारने के बाद आरोपी विजय मौके से फरार हो गया लेकिन, पुलिस ने उसके ऊपर गोली नहीं चलाई। रिपोर्ट मिलने के बाद अब सीएम की ओर से कार्रवाई की जानी है।
#छोटी-छोटी गलतियां पड़ीं भारी
पहली गलती: रिपोर्ट के मुताबिक जब आरोपी ने आत्महत्या की धमकी दी थी तो उसे हिरासत में लेने की देरी पुलिस ने की। अगर उसे पकड़ लेते तो न वह शैलबाला से बहस कर पाता और न ही उनपर फायर।
प्रशासनिक गलती: कार्रवाई करने से जाने से पहले ही लाइसेंस धारकों के हथियार कब्जे में लेने या प्रशासन के पास जमा करवाने की प्रक्रिया को अमल में लाया जाना चाहिए। इसकी भी अनदेखी की गई।
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