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हिमाचल प्रदेश के हेड कांस्टेबल का बेटा बना IIFM का गोल्ड मेडलिस्ट, फारेस्ट्री डिप्लोमा कोर्स टॉप किया

3 वर्ष पहले
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भोपाल.  इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेस्ट मैनेजमेंट (आईआईएफएम) के साल 2016-18 बैच के पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन फॉरेस्ट्री मैनेजमेंट (पीजीडीएफएम) के 29वें बैच का दीक्षांत समारोह शुक्रवार को कैंपस में आयोजित हुआ। ग्रीन मैनेजर्स को बीओजी वाइस चेयरमैन सिद्धांत दास ने ब्रांड मैनेजर ऑफ सस्टेनेबल डेवलपमेंट कहकर संबोधित किया। इस मौके पर 95 स्टूडेंट्स को डिप्लोमा वितरित किए गए।

-कन्वोकेशन गाउन पहनकर डिप्लोमा ले रहे स्टूडेंट्स के पेरेंट्स गौरवान्वित महसूस कर रहे थे, क्योंकि उनके बच्चों ने एक ऐसा मुकाम हासिल किया है, जो कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में देश को मार्गदर्शन देगा। श्री दास ने कहा कि इस साल रूरल बैकिंग, माइक्रो-फाइनेंस, के अलावा कंसल्टिंग फर्म्स और सीएसआर के लिए भी रिक्रूटर्स आए। इस मौके पर आईआईएफएम के नए डायरेक्टर डॉ. पंकज श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।

 

स्मार्ट सिटी की जगह बनानी थी ग्रीन सिटी...
-हिमाचल प्रदेश से आईआईएफएम में पढ़ने आए अतुल शर्मा को चेयरमैन गोल्ड मेडल उनकी एकेडमिक उपलब्धियों के लिए मिला। अतुल मप्र स्टेट फॉरेस्ट के लिए एक्सपर्ट एडवाइजर के तौर पर अपनी सेवाएं देंगे। अतुल के पिता हिमाचल में हेड कांस्टेबल है। पिता ब्रज शर्मा कहते हैं, लोग सोचते हैं कि छोटी नौकरी में कैसे बेटे को पढ़ाया, लेकिन एक ही संतान होने की वजह से सब मैनेज हो गया। पारिवारिक स्थिति घर के बड़े-बुजुर्गों की वजह से भी ठीक थी। बाकी यहां की 4.8 लाख रुपए फीस अन्य संस्थानों के मुकाबले कहीं कम थी।

-अतुल कहते हैं, मुझे लगता है कि स्मार्ट सिटी की बजाए देश में ग्रीन सिटी बनने का प्रोजेक्ट आना चाहिए था क्योंकि एक तरफ स्मार्ट सिटी के लिए हजारों-लाखों पेड़ कटेंगे जिससे पर्यावरण को जाहिर तौर पर नुकसान पहुंचेगा।
रिसर्च एक्जीक्यूटिव बनी है सिल्वर मेडल होल्डर...
-सिल्वर मेडल पाने वाली दिल्ली की श्रद्धा मंडल को रूझान मैनेजमेंट एजुकेशन में था, जिसकी वजह से इन्होंने यह कोर्स चुना। श्रद्धा कहती हैं, यह कोर्स सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि दूसरों की जिंदगी को बेहतर बनाने की दिशा में काम करने की ट्रेनिंग देता है। यही वजह है कि इस कोर्स में एडमिशन लिया। फिलहाल मेरी जॉइनिंग केंटर पब्लिक दिल्ली में हुई है जो कि रिसर्च ब्यूरो है। मुझे रिसर्च एसोसिएट की प्रोफाइल मिली है और आंध्र प्रदेश गर्वमेंट के एक प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया है।

औसत पैकेज बढ़कर 7 लाख पैकेज 
2018 के प्लेसमेंट में पास आउट बैच का औसत पैकेज 5.5 लाख रुपए से बढ़कर 7 लाख रुपए हुआ।
27 स्टूडेंट्स को 8 लाख प्लस पैकेज मिला।
32 स्टूडेंट्स को मिली सरकारी एजेंसियों में जॉब।
95 स्टूडेंट्स को मिला 100 फीसदी प्लेसमेंट।

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