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माला न हो तो भी आसानी से कर सकते हैं मंत्रों का जाप, ध्यान रखें ये बातें

Dainik Bhaskar

May 22, 2018, 05:00 PM IST

बिना गिने मंत्र जाप आसुरी जाप कहे जाते हैं, जो शुभ फल नहीं देते।

Hindu Pooja, Mantra Japa, Benefits of Mantra Chant, How to do Mantra Chant
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रिलिजन डेस्क। हिंदू धर्म में मंत्रों का विशेष महत्व है। मंत्रों के जाप का फल तभी मिलता है, जब उससे संबंधित नियमों का पूरी तरह के पालन किया जाए। मंत्र जप के इन नियमों में अहम है- मंत्र संख्या। बिना गिने मंत्र जाप आसुरी जाप कहे जाते हैं, जो शुभ फल नहीं देते। यही वजह है कि निश्चित संख्या में मंत्र जाप के लिए माला का उपयोग किया जाता है।

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार, यदि मंत्र जाप के लिए माला उपलब्ध न हो तो भी एक आसान विधि से निश्चित संख्या में जाप किया जा सकता है। यह तरीका है - करमाला यानी उंगलियों पर मंत्रों की गिनती से मंत्र जाप। जानिए इसकी पूरी विधि…


1. दाएं हाथ की अनामिका यानी रिंग फिंगर के बीच के पोरुओं से शुरू कर कनिष्ठा यानी लिटिल फिंगर के पोरुओं से होते हुए तर्जनी यानी इंडेक्स फिंगर के मूल तक के 10 पोरुओं को गिन मंत्र जाप करें। ऐसा 10 बार करें। इस तरह 100 बार मंत्र जाप की संख्या गिनें।

2. मध्यमा यानी मिडिल फिंगर के बीच के शेष 2 पोरुओं को माला का सुमेरू मानकर पार न करें।

3. दाएं हाथ की अनामिका के बीच के पोरुओं से शुरू करके कनिष्ठा यानी लिटिल फिंगर से होते हुए मध्यमा यानी मिडिल के शुरुआती दो पोरुओं तक आठ की संख्या गिने। इस तरह पूरे 108 मंत्र यानी एक माला पूरी की जा सकती है।

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