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पिछले पांच साल में गुड़गांव और नोएडा में सस्ते हुए घर, हैदराबाद में 40% बढ़ी कीमत

एक वर्ष पहले
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बैंक के 44.51 करोड़ बचत खाताधारकों को फायदा होगा


देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई ने एक माह में दूसरी बार न सिर्फ अपने कर्ज सस्ते करने का ऐलान किया, बल्कि टर्म डिपॉजिट की दरों में भी कटौती की है। इससे जहां एसबीआई के होम और ऑटो लोन सस्ते गए हैं। वहीं, विभिन्न अवधि वाली फिक्सड डिपॉजिट पर ब्याज भी घट गया है। नई दरें 10 मार्च से लागू हो गई हैं।

ताजा कटौती के तहत एसबीआई ने विभिन्न अवधि के लिए एमसीएलआर 0.10-0.15% तक घटाने का ऐलान किया है। इससे एक साल वाला एमसीएलआर 7.85% से घटकर 7.75% पर आ गया है। यह चालू वित्त वर्ष में एमसीएलआर में लगातार 10वीं कटौती है। इस कटौती के बाद एमसीएलआर से जुड़े 30 साल वाले होम लोन की ईएमआई प्रति एक लाख रुपए की राशि पर 7 रुपए कम हो जाएगी। वहीं, सात साल के कार लोन की ईएमआई प्रति एक लाख रुपए की राशि पर पांच रुपए कम हो जाएगी। एसबीआई ने एक साल या इससे अधिक अवधि वाली रिटेल टर्म डिपॉजिट की दर में 0.10% और 7 से 45 दिन तक की एफडी पर 0.5% की कटौती की है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एमडी व सीईओ पल्लव मोहापात्रा ने बताया उनका बैंक 15 मार्च को एमसीएलआर घटाने पर विचार करेगा।

अन्य बैंक भी कर सकते हैं कटौती

हर बैंक की फंड जुटाने की लागत अलग-अलग होती है रिजर्व बैंक ने सीआआर से जुड़े नियमों में ढील दी है। इसलिए अन्य बैंकों के लिए कटौती की गुंजाइश बनी हुई है।
-मदन सबनवीस, चीफ इकोनॉमिस्ट, केयर रेटिंग्स

चेयरमैन बोले- ग्राहकों के चेहरे पर मुस्कान बढ़ेगी

इसके अलावा बैंक ने तिमाही आधार पर एसएमएस सेवा के लिए वसूले जाने वाले शुल्क को भी खत्म कर दिया है। इस बारे में बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा, ‘इस फैसले से हमारे मूल्यवान ग्राहकों के चेहरे पर मुस्कान और बढ़ जाएगी। इस कदम से हमारे ग्राहक एसबीआई से और मजबूती के साथ जुड़ेंगे।

सभी बचत खाताधारकों को जीरो बैलेंस की सुविधा


अब बैंक के सभी बचत खाताधारकों को ‘जीरो बैलेंस’ खाते की सुविधा मिलने लगेगी। इस कदम से 44.51 करोड़ खाताधारकों को फायदा होगा। इसे मैंटेन नहीं करने पर खाताधारकों को पांच से 15 रुपए जुर्माने और टैक्स का भुगतान करना होता है। बैंक ने बचत खातों पर वार्षिक ब्याज दर को घटाकर 3% कर दिया है।


एफडी पर ब्याज की नई दरें

अवधि ब्याज दर

7 से 45 दिन 4%

46 से 179 दिन 5%

180 से 210 दिन 5.5%

211 से 1 साल से कम 5.5%

1 साल से 2 साल से कम 5.9%

2 साल से 3 साल से कम 5.9%

3 साल से 4 साल से कम 5.9%

5 साल से 10 साल से कम 5.9%

20 साल में 46 लाख करोड़ का होगा रियल एस्टेट सेक्टर

बिल्डिंग मटेरियल्स एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन काउंसिल (बीएमटीपीसी) के मुताबिक वर्ष 2040 तक देश का रियल एस्टेट क्षेत्र के बढ़कर 46.2 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। यही नहीं इसका जीडीपी में योगदान 14 फीसदी पर पहुंचने का अनुमान है। वहीं, क्रेडाई के अध्यक्ष सतीश मागर के मुताबिक प्रोजेक्ट्स में देरी और दिवालिया प्रक्रिया ने जरूर प्रभावित किया है लेकिन अब सरकार की कोशिशों से सुधार नजर आने लगा है। अफोर्डेबल हाउसिंग की डिमांड बढ़ रही है। प्रॉपर्टी खरीदने के लिए यह बेहतर समय है।

तेलगांना राज्य के निर्माण की वजह से हैदराबाद में सबसे ज्यादा बढ़ी कीमतें

हाउसिंग डॉट कॉम और प्रॉपटाइगर के ग्रुप सीईओ ध्रुव अग्रवाल ने कहा कि भारत के रियल एस्टेट बाजार में चल रही मांग में कमी आई है। इसकी वजह से अधिकांश शहरों में आवासीय संपत्ति के दाम में गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि हैदराबाद अपवाद के रूप में सामने आया है तो इसकी वजह यह है कि वर्ष 2015 में यहां प्रॉपर्टी के रेट काफी कम थे। यही नहीं, राज्य का विभाजन कर नए राज्य तेलंगाना का निर्माण भी इसकी वजह है। प्रॉपर्टी विशेषज्ञ मनोज सिंह मीक ने कहा कि नोटबंदी, जीएसटी और रेरा की वजह से प्रॉपर्टी मार्केट सुधार के दौर में था। इसलिए बीते पांच सालों में कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं हुअा।


बेंगलुरू में औसत कीमत 11% बढ़कर 5194 रुपए/वर्गफुट

हालांकि, हैदराबाद में अपार्टमेंट का औसत मूल्य 40 प्रतिशत बढ़कर 5,318 रुपए प्रति वर्ग फुट हो गया। मुंबई में औसत मूल्य 15 प्रतिशत बढ़कर 9,446 रुपए प्रति वर्ग फुट पर अा गया है। जबकि, बेंगलुरू में औसत अपार्टमेंट मूल्य 11 प्रतिशत बढ़कर 5,194 रुपए प्रति वर्ग फुट तक है। अहमदाबाद, चेन्नई, कोलकाता और पुणे में आवास की कीमतों में केवल 2-4 प्रतिशत की मामूली वृद्धि हुई।


यस बैंक के शेयर में 35 फीसदी की उछाल दर्ज

यस बैंक के शेयरों में लगातार दूसरे कारोबारी दिन तेजी देखी गई। बुधवार को इसके शेयर 35 प्रतिशत बढ़ गए और 28.80 रुपए के स्तर पर बंद हुए। एसबीआई ने यस बैंक में 49 प्रतिशत हिस्सेदार खरीदने की बात कही है, जिसके चलते निवेशकों की धारणा सकारात्मक हो गई है। आईसीआईसीआई, एचडीएफसी और कोटक महिंद्रा बैंक ने भी निवेश में दिलचस्पी दिखाई है।

11 साल बाद टाटा मोर्टस का शेयर डबल डिजिट में

टाटा मोटर्स के शेयरों में बुधवार को 6.43 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। बीएसई में यह शेयर 99 रुपए के स्तर पर बंद हुआ। 11 साल में यह पहला मौका है जब टाटा मोटर्स के शेयर की कीमत 100 रुपए से कम हुई है। कंपनी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा था कि कोरोनावायरस के फैलाव से इसका सप्लाई चेन डगमगाया है। इस कारण कुछ नुकसान संभव है।

बंधन बैंक छठा सबसे मूल्यवान बैंक, इंडसइंड बैंक को पीछे छोड़ा

एजेंसी | मुंबई

कोलकाता मुख्यालय वाला बंधन बैंक इंडसइंड बैंक को पीछे छोड़कर देश का छठा सबसे मूल्यवान बैंक बन गया है। बंधन बैंक के शेयर बीएसई में बुधवार को 0.56% बढ़त के साथ 376.45 रुपए पर बंद हुए। बैंक का मार्केट कैप 60,616.67 करोड़ रुपए हो गया। वहीं, इंडसइंड बैंक के शेयर 5.80% गिरकर 853.65 रुपए के भाव पर बंद हुए। इससे बैंक का मार्केट कैप घटकर 59,202.80 करोड़ रुपए रह गया।

रिजर्व बैंक ने बंधन बैंक पर नई शाखाएं खोलने पर लगा प्रतिबंध कुछ शर्तों के साथ 25 फरवरी को हटा लिया था। सितंबर 2018 में आरबीआई ने बंधन बैंक पर बिना मंजूरी नई शाखाएं खोलने पर रोक लगा दी थी। साथ ही शेयरहोल्डिंग के नियमों का पालन नहीं कर पाने पर बैंक के चीफ एक्जीक्यूटिव चंद्र शेखर घोष की सैलरी फ्रीज करने का आदेश दिया था। बंधन बैंक की देश के अलग-अलग हिस्सों में 937 शाखाएं हैं। साल 2015 में बैंक ऑपरेशन में आया था। अप्रैल 2014 में बैंक को एक यूनिवर्सल बैंक खोलने के लिए सशर्त मंजूरी मिली थी।

भारत को अब तक व्यापार में 25 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ

एजेंसी ने कहा कि कोरोनावायरस का भारत की अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ रहा है। भारत को व्यापार में अब तक लगभग 25.70 हजार करोड़ का नुकसान हो चुका है। चीन में मैन्युफैक्चरिंग के स्लोडाउन से सबसे ज्यादा प्रभावित 15 देशों में भारत शामिल है। चीन में मैन्युफैक्चरिंग स्लोडाउन से वैश्विक व्यापार प्रभावित हो रहा है। इससे अब तक पूरी दुनिया में 5,000 करोड़ डॉलर (करीब 3.70 लाख करोड़ रु.) का निर्यात घट गया है।

कोरोनावायरस से वैश्विक अर्थव्यवस्था को 148 लाख करोड़ रु. के नुकसान की आशंका, सालाना ग्रोथ रेट 2.5% से नीचे रहेगी

एजेंसी | नई दिल्ली

दुनिया के सौ से ज्यादा देशों में फैल चुका कोरोनावायरस चीन के साथ साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी रोग बन चुका है। संयुक्त राष्ट्र की ट्रेड एंड डेवलेपमेंट एजेंसी ने कहा है कि कोरोनावायरस से वैश्विक अर्थव्यवस्था को 2 लाख करोड़ डॉलर (148 लाख करोड़ रुपए) का नुकसान होने की आंशका है। दुनिया के कई देश इसकी वजह से मंदी में जा सकते है। साथ ही वैश्विक सालाना विकास दर के 2.5% से नीचे आने का अनुमान है।

संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ने कहा कि कोरोना वायरस से फैली महामारी के दुखद मानवीय परिणामों के अलावा इससे आर्थिक अनिश्चितता भी फैल गई है। हमारा अनुमान है कि ग्लोबल इकोनॉमी इस साल आर्थिक सुस्ती में रहेगी और आर्थिक विकास दर 2% से नीचे आ सकती है। इस मानवीय त्रासदी से इस साल हजारों लोगों की मौत के साथ साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था को 1 लाख करोड़ डॉलर का नुकसान होगा। एक प्रारंभिक अनुमान के आधार पर वैश्विक अर्थव्यवस्था को चीन सहित कुल 2 लाख करोड़ डॉलर का नुकसान होने की आशंका है। इसमें सबसे बुरी तरह प्रभावित तेल व कमोडिटी आयातक देश होंगे। इन देशों की विकास दर लगभग 1 फीसदी तक कम होगी। रिपोर्ट के मुताबिक वर्ल्ड इकोनॉमी के लिए यह तबाही का दौर साबित हो रहा है। अर्थव्यवस्था 0.5 फीसदी की रफ्तार से आगे बढ़ रही है। ग्लोबल सप्लाई चेन टूटने से पहले ही खस्ताहाल अर्थव्यवस्था को गिरते कच्चे तेल की कीमतों ने दोहरे संकट में फंसा दिया है। मुश्किलों से गुजर रहा इंटरनेशनल फाइनेंशियल मार्केट कोरोना से कितना और प्रभावित होगा, यह बताना मुश्किल है।

विशेषज्ञों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि इस संकट से बाहर निकलने में अकेले सेंट्रल बैंक सक्षम नहीं हैं। इसके लिए आक्रामक वित्तीय खर्च के साथ उचित मैक्रो-इकोनॉमिक पॉलिसी बनानी होगी।

तेल कीमतों में गिरावट से भारत को फायदा - विशेषज्ञ


कीमतें कम होने से देश का चालू खाता घाटा और महंगाई कम होगी। मूडीज के एनर्जी इकानॉमिस्ट क्रिस लफाकिस ने कहा सुस्त अर्थव्यवस्था और बढ़ते महंगाई के दौर में यह सबसे फायदेमंद है। कोटक रिसर्च ने कहा कि क्रूड कीमतों के नीचे आने से ऑटोमोबाइल, एविएशन, सीमेंट, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा।


कच्चा तेल दो फीसदी फिसला


तेल उत्पादन में बढ़ोतरी करने के बाद वायदा बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल 2.02 प्रतिशत फिसलकर 36.47 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। हालांकि, भारतीय रुपए की विनिमय दर 46 पैसे मजबूत हो कर 73.70 रुपए प्रति डालर हो गई।

तेल उत्पादन में कटौती के प्रस्ताव से शुरू हुआ विवाद

कोरोना वायरस की वजह से बने हालात के मद्देनजर शुक्रवार को तेल उत्पादन में कटौती के ओपेक प्लस के नए प्रस्ताव को रूस ने नामंजूर कर दिया। उत्पादन में कटौती के प्रस्ताव के पीछे ये दलील दी गई थी कि रोजाना 15 लाख बैरल कमी करने से दुनिया में तेल उत्पादन में 3.6 फीसदी की गिरावट आएगी जिससे कीमतों पर नियंत्रण होगा। कटौती में पांच लाख बैरल का हिस्सा गैर ओपेक देशों के खाते में था।

भारत के साथ एक महीने के अंदर विवाद सुलझाएंगे

मलेशिया के कमोडिटी मंत्री मोहम्मद खैरुउद्दीन अमान रजाली ने कहा कि पाम ऑयल के मुद्दे पर भारत के साथ जारी विवाद को एक महीने के अंदर सुलझा लिया जाएगा। मलेशिया के रुख में यह बदलाव पिछले महीने महीयुद्दीन यासिन के प्रधानमंत्री बनने के बाद आया है। इससे पहले महातिर मोहम्मद वहां के पीएम थे और वे अक्सर भारत विरोधी बयान दिया करते थे।

चीनी खरीदकर भारत को मनाने में जुटा मलेशिया

एजेंसी | नई दिल्ली

मलेशिया अब भारत के साथ व्यापारिक रिश्ते सुधारने पर जोर दे रहा है। इसके तहत उसने भारत से चीनी आयात बढ़ा दिया है। साल 2020 में अब तक मलेशिया 3,24,405 टन चीनी का आयात भारत से कर चुका है। यह पूरे 2019 में हुए चीनी आयात का लगभग तीन गुना है। 2019 में मलेशिया ने भारत से कुल 1,10,000 टन चीनी का आयात किया था। 2020 के आकड़े मलेशिया द्वारा किसी एक साल में भारत से सबसे ज्यादा चीनी आयात करने का रिकॉर्ड भी है। मलेशिया ने 2008 में भारत से 3,13,406 टन चीनी का आयात किया था।

भारती इन्फ्राटेल के शेयर 6.61% बढ़कर बंद हुए

नई दिल्ली | भारती इन्फ्राटेल के शेयर एनएसई में बुधवार को 6.61% बढ़त के साथ 224.95 रुपए पर बंद हुए। कोल इंडिया के शेयर 5.54% की तेजी रही।

एसएमएस सेवा के लिए तिमाही आधार पर वसूला जाने वाला शुल्क भी समाप्त किया गया

एसबीआई ने एक माह में दूसरी बार सस्ते किए कर्ज, फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज घटाया, बचत खाते पर सिर्फ 3% ब्याज

सुस्ती का दौर: अहमदाबाद, चेन्नई और पुणे में 2 से 4 फीसदी ही बढ़ी कीमत

न्यूयॉर्क के हडसन यार्ड्स में 1100 फीट की ऊंचाई पर बना व्यूइंग प्लेटफॉर्म, 2600 रुपए में यहां से देख सकेंगे शहर का नजारा


फरवरीः इक्विटी फंड में निवेश 11 महीने में सर्वाधिक स्तर पर

सेंसेक्स में मामूली बढ़ोतरी, रिलायंस 3.6 फीसदी उछला

सोने का भाव 516 रुपए टूटकर 44,517 रुपए प्रति 10 ग्राम पर

प्राइस वॉर: सऊदी अरब और यूएई बढ़ाएंगे कच्चे तेल का प्रोडक्शन

शेयर बंद भाव बदलावयस बैंक 29.05 7.80 36.71%जी एंटरटेनमेंट 209.00 14.55 7.48%भारती इन्फ्राटेल 224.95 13.95 6.61%कोल इंडिया 166.70 8.75 5.54%हीरो मोटोकॉर्प 2,037.05 81.00 4.14%

टॉप-5 गेनर्सएनएसई 50

शेयर बंद भाव बदलावगेल 90.20 10.25 10.20%टाटा स्टील 297.30 25.00 7.76%टाटा मोटर्स 98.35 7.35 6.95%इंडसइंड बैंक 845.15 57.95 6.42%बीपीसीएल 402.00 21.85 5.16%

टॉप-5 लूजर्सएनएसई 50

एजेंसी | नई दिल्ली

बीते पांच साल के दाैरान गुड़गांव में 7 प्रतिशत और नोएडा में आवासीय प्रॉपर्टी की कीमतों में 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि दक्षिण भारत के शहरों की स्थिति बेहतर है। हैदराबाद में वर्ष 2015 से लेकर अब तक अपार्टमेंट की कीमतों में 40 प्रतिशत का उछाल आया है। यह आकलन रियलटी पोर्टल प्राॅपटाइगर ने किया है।

प्रॉपटाइगर की रिपोर्ट के मुताबिक नोएडा व गुड़गांव में आवासीय प्रोजेक्ट्स में देरी और बड़े डेवलपर्स के दिवालिया होने से लोगों का भरोसा प्रॉपर्टी में घटा है। दक्षिण भारतीय शहरों में ज्यादा मांग की वजह से रियल एस्टेट सेक्टर ठीक स्थिति में है। रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली से सटे हरियाणा के गुड़गांव में औसत आवास कीमतें मार्च 2015 में प्रचलित दरों से 7 प्रतिशत घटकर 5,236 रुपए प्रति वर्ग फुट रह गईं। इसी तरह, उत्तर प्रदेश के नोएडा में 3,922 रुपए प्रति वर्ग फुट तक कीमत रह गईं। प्रॉपटाइगर ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में भारत के अधिकांश प्रमुख आवासीय बाजारों में संपत्ति के मूल्यों में गिरावट देखी गई है। लंबे समय तक मांग में गिरावट के बाद भी प्रॉपर्टी अब भी लोगों में आकर्षण हैं।

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2017-18 में कमाए 2,434 करोड़

एसबीआई ने 1 अप्रैल 2017 से मिनिमम बैलेंस न रखने पर शुल्क लगाया था। वर्ष 2017-18 में इससे एसबीआई को 2,433.87 करोड़ की आय हुई थी। 2018-19 में सरकारी बैंकों 1,996 करोड़ वसूले थे।

मिनिमम बैलेंस की अनिवार्यता भी खत्म कर दी गई है

कई प्रोजेक्ट में देरी और बड़े ग्रुपों पर दिवालिया कार्रवाई नोएडा, गुड़गांव में कीमताें में गिरावट की मुख्य वजह

प्रॉपर्टी एनालिसिस }बीते पांच साल में देश के बड़े शहरों में रेसीडेंशियल प्रॉपर्टी की कीमतों का ट्रेंड

न्यूयॉर्क|अमेरिका के शहर न्यूयॉर्क में मौजूद हडसन यार्ड्स बिल्डिंग में 1,100 फीट की ऊंचाई पर व्यूइंग प्लेटफॉर्म बनाया गया है। विजिटर 36 डॉलर (करीब 2,660 रुपए) का टिकट लेकर इस प्टेलफॉर्म से शहर का नजारा देख सकते हैं। 16 डॉलर अतिरिक्त खर्च करने पर शैंपेन भी सर्व की जाती है। यह प्लेटफॉर्म बुधवार को ही आम लोगों के लिए खोला गया है। प्लेटफॉर्म ग्लास से बना है।

एजेंसी | नई दिल्ली

इक्विटी म्यूचुअल फंड योजनाओं में पूंजी प्रवाह फरवरी में बढ़कर 10,730 करोड़ रुपए पहुंच गया। यह 11 महीनों में उच्च स्तर है। यह स्थिति तब है जब कोरोना वायरस के प्रभाव की चिंता के बीच शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। कुल मिलाकर म्यूचुअल फंड उद्योग से शुद्ध रूप से 1,985 करोड़ रुपए की पूंजी निकासी हुई। यह निकासी अल्प अवधि (लिक्विड फंड) समेत विभिन्न योजनाओं से हुई। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) के अनुसार इक्विटी और इक्विटी से जुड़ी योजनाओं में शुद्ध निवेश बढ़ा है। फरवरी में 10,760 करोड़ रुपए पहुंच गया जो जनवरी में 7,547 करोड़ रुपए था। यह मार्च 2019 के बाद सर्वाधिक है। उस समय इक्विटी योजनाओं में 11,756 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश हुआ था।

लार्ज कैप फंड में 1607 करोड़ रुपए का निवेश: यह पूंजी बड़ी, मझोली, छोटी कंपनियों वाली योजनाओं में लगाई गई। आंकड़े के अनुसार फरवरी में बड़ी कंपनियों के फंड में 1,607 करोड़ रुपए, मझोली कंपनियों के फंड में 1,451 करोड़ रुपए और छोटी कंपनियों के फंड में 1,498 करोड़ रुपए निवेश किए गए।

एमएफ की 42 कंपनियों का एसेट 2.3% घट गया

62 अंकों की बढ़ोतरी के साथ 35,697.40 पर बंद हुआ सेंसेक्स

एजेंसी | मुंबई

शेयर बाजार में बुधवार को भारी उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में सेंसेक्स 62 अंक बढ़त के साथ बंद हुआ। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के चलते बाजार भी आशंकाओं की गिरफ्त में है। कारोबार के दौरान 30 शेयरों वाला सेंसेक्स एक समय 386 अंक तक चढ़ गया। अंत में यह 62.45 अंक या 0.18 प्रतिशत की तेजी के साथ 35,697.40 पर बंद हुआ। एनएसई निफ्टी 6.95 अंक या 0.07 प्रतिशत की तेजी के साथ 10,458.40 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स में हीरो मोटोकॉर्प, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक और एलएंडटी लाभ में रहे। टाटा स्टील, इंडसइंड बैंक, ओएनजीसी, एसबीआई और इंफोसिस में गिरावट दर्ज की गई। रिलायंस के शेयर 3.60 फीसदी उछलकर 1153.25 के स्तर पहुंच गए। कारोबारियों के मुताबिक देश में कोरोनावायरस के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी और विदेश से मिलेजुले रुझानों के चलते निवेशकों में घबराहट बढ़ गई थी ओर बाजार ने अपनी शुरुआती बढ़त खो दी। शंघाई, हांगकांग, सियोल और टोक्यो में शेयर बाजार नुकसान के साथ बंद हुए।

इस संकट से सबसे बुरी तरह तेल और कमोडिटी का आयात करने वाले देश प्रभावित होंगे

 }संयुक्त राष्ट्र की ट्रेड एंड डेवलेपमेंट एजेंसी ने कोरोनावायरस से प्रभावित अर्थव्यवस्था पर रिपोर्ट जारी की


एजेंसी|नई दिल्ली

रुपए की विनिमय दर में वृद्धि के बीच दिल्ली में सोना बुधवार को 516 रुपए टूटकर 44,517 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया। एचडीएफसी सिक्युरिटीज के मुताबिक सोमवार को सोना 45,033 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। इसके विपरीत चांदी का भाव 146 रुपए बढ़कर 47,234 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गया। सोमवार को चांदी 47,088 रुपए किलो पर बंद हुई थी। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया बुधवार को कारोबार के दौरान करीब 36 पैसा मजबूत हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव 1,661 डॉलर प्रति आउंस और चांदी का भाव 17.03 डॉलर प्रति आउंस रहा।

कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय बाजार में रूस को मात देने साथ आए दोनों देश

एजेंसी |नई दिल्ली

वैश्विक ऑयल मार्केट में रूस और सऊदी अरब के बीच प्राइस वार छिड़ा हुआ है। बुधवार को सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी आरामको ने मार्केट में हर रोज 10 लाख बैरल ऑयल का प्रोडक्शन बढ़ाने की घोषणा की है। आरामको के इस कदम से ऑयल की प्राइस वार और बढ़ने की आशंका है। सऊदी अरब का साथ देते हुए यूएई ने भी इसी तरह की घोषणा की है। इससे आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमत में नरमी का रुख जारी रह सकता है। सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में करीब 30 फीसदी की गिरावट आई थी। इससे दुनियाभर के शेयर बाजार भी प्रभावित हुए।

2019 में जितनी चीनी खरीदी थी उसका तीन गुना तीन महीने में खरीदा

नई दिल्ली, गुरुवार 12 मार्च, 2020
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