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डाउनलोड करेंइंदौर. कविता रैना हत्याकांड में आरोपी बनाए गए महेश बैरागी को तो कोर्ट ने बरी कर दिया, लेकिन खामियों से भरी इस जांच को उत्कृष्ट बताकर और केस स्टडी में शामिल कर पुलिस विभाग स्टाफ के 9 अधिकारियों को 26 जनवरी 2016 की परेड में पुरस्कृत भी करवा चुका है। 9 दिसंबर 2015 को पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर महेश बैरागी को आरोपी घोषित कर दिया। मामले में चालान 7 मार्च को पेश किया गया लेकिन पुलिस को अपनी जांच पर इतना भरोसा था कि 26 जनवरी की परेड में तत्कालीन प्रभारी मंत्री उमाशंकर गुप्ता के हाथों स्टाफ के 9 लोगों को पुरस्कृत करवा दिया गया।
80 लोगों की फौज में विभाग के प्रभारियों ने जिन 9 लोगों को पुरस्कार दिलवाए, उसे लेकर भी खींचतान हुई थी। चालान तो 7 मार्च को पेश किया लेकिन पहले ही 9 लोगों को सर्वश्रेष्ठ बताते हुए पुरस्कृत करवा दिया। टेक्नीकल रिपोर्ट पीएसटीएन डाटा कलेक्शन एनालिसिस क्राइम ब्रांच के विवेक मिश्रा और श्रद्धा यादव ने मिलकर बनाई थी। सिर्फ श्रद्धा यादव को इनाम मिलने से खींचतान शुरू हो गई थी। इस पर अधिकारियों ने जैसे-तैसे मामला दबा दिया था। इसके बाद 15 अगस्त को विवेक मिश्रा को पीएसटीएन डाटा के एनालिसिस के लिए अलग से पुरस्कृत करवाया गया।
26 जनवरी को तत्कालीन प्रभारी मंत्री उमाशंकर गुप्ता द्वारा जब कविता हत्याकांड में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया गया था, तब समारोह में इस जांच का नेतृत्व करने वाले तत्कालीन डीआईजी संतोष कुमार सिंह के चेहरे पर भी इस केस की सफलता की मुस्कान थी।
इन्हें किया था पुरस्कृत
क्राइम ब्रांच के एसआई अशोक सिंह चौहान, एसआई श्रद्धा यादव, एएसआई उमाशंकर यादव, प्र.आर. बलवंत सिंह इंगले, आर. योगेन्द्र चौहान, आर. मनीष तिवारी, भंवरकुआं थाने के एएसआई रविराज सिंह बैस, प्र.आर. मनोज पांडे व आर. भास्कर को पुरस्कार दिए गए।
पीड़ित पक्ष : असली कातिल ढूंढें या पुरस्कार लौटाएं
क विता के पति संजय रैना ने बताया पुलिस विभाग को खुद शर्मिंदा होना चाहिए कि उन्होंने ऐसी जांच की, जिसके कारण दोष साबित ही नहीं हो सका। जिन पुलिस अधिकारियों को इनाम मिला उन्हें मैंने भी बधाई दी थी। नैतिकता के आधार पर इनाम लेने वालों को या तो कातिल को पकड़ना चाहिए या पुरस्कार वापस लौटा देना चाहिए।
पुरस्कार लेने वाले : हम लोगों ने तो पूरी मेहनत की थी
पु रस्कार लेने वाली एसआई श्रद्धा यादव नेे भास्कर को बताया हमने पूरी मेहनत से साक्ष्य संकलित कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। सिर्फ तीन दिन की पीएसटीएन रिपोर्ट इसलिए दी गई क्योंकि वही जरूरी थी। देखिए अधिकारी मामले में अपील करेंगे। वहीं एएसआई उमाशंकर यादव का कहना था जांच में नहीं, हम तो सिर्फ टीम में थे।
सफाई देने वाले : लापरवाही मिली तो दंडित करेंगे
डी आईजी हरिनारायणाचारी मिश्र ने बताया कविता रैना हत्याकांड में कोर्ट के फैसले की बारीकी से हर स्तर पर समीक्षा की जा रही है। पूरे मामले में जिन पुलिसकर्मियों की भी लापरवाही सामने आएगी, उन्हें सजा जरूर दी जाएगी। इनमें वह पुलिसकर्मी भी शामिल हो सकते हैं, जिन्हें गणतंत्र दिवस पर पुरस्कृत किया गया था।
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