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डाउनलोड करेंग्वालियर. स्मार्ट सिटी के अफसरों ने बुधवार को व्यापारी एवं जनप्रतिनिधियों को प्रजेंटेशन दिखाकर बताया कि महाराज बाड़ा पर महारानी बिल्डिंग एवं गजराराजा स्कूल के खाली हिस्से में फाइव स्टार होटल खोला जाएगा। साथ ही सरकारी प्रेस पर ग्वालियर ग्रांड मार्केट बनेगी और सरकारी गोरखी स्कूल को तीन मंजिला बनाकर मॉडल के तौर पर स्थापित किया जाएगा।
यह काम 200 करोड़ रुपए की लागत से किए जाएंगे। इसके लिए बाड़े को नो व्हीकल जोन भी बनाया जाएगा। शुरूआत जून के पहले सप्ताह से होगी। हालांकि बाड़ा विकास की इस प्लानिंग को देखकर व्यापारियों ने सुरक्षा को लेकर संदेह जाहिर किया और पूछा कि बाड़े पर स्थित बैंक तक कैसे पैसा सुरक्षित ले जा सकेंगे? इस पर सीईओ महिप तेजस्वी ने कहा कि वहां पैसे वाली गाड़ी आसानी से जाएगी। यह जवाब बैंक की गाड़ी को लेकर था। असल में व्यापारी सुरक्षित पैसा लाना-ले जाना कैसे करेंगे, इसे लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। गौरतलब है कि डेढ़ साल पहले ग्वालियर को स्मार्ट सिटी योजना में शामिल किया गया था। लेकिन अभी तक धरातल पर कोई भी प्रोजेक्ट नहीं उतरा है।
अफसरों ने प्रजेंटेशन के जरिए ये दिखाए सपने, जानिए... कहां, क्या होगा बदलाव
- गोरखी स्कूल से लेकर देव स्थान के पास तक दो मंजिला अंडर ग्राउंड अत्याधुनिक पार्क बनेगा। इसके ऊपर सुंदर गार्डन होगा।
- महारानी और गजराराजा स्कूल के पास खराब पड़े भवन का उपयोग हैरिटेज फाइव स्टार होटल में किया जाएगा।
- सुभाष और नजरबाग मार्केट को तीन मंजिला बनाने की प्लानिंग है। यहां पर फुटपाथ पर बैठने वालों को विधिवत शिफ्ट किया जाएगा।
- सरकारी प्रेस को साडा ले जाया जाएगा। उसमें ग्वालियर ग्रांड मार्केट बनेगा।
- डाकघर, बैंक, टाउन हाल आदि ऐतिहासिक इमारतों पर फसाड लाइटिंग लगेगी।
- महाराज बाड़ा की रोटरी की जालियों को हटाया जाएगा। पूरे हिस्से में गार्डनिंग और पाथवे बनेगा।
- टूरिस्ट इनफॉरमेशन सेंटर बनेगा।
खूबसूरत थीम रोड पर भी 21 करोड़ खर्च करने की योजना
बैठक में पार्षद सतीश बौहरे ने पूछा कि सबसे पहला काम कौन सा होगा। उस पर सीईओ ने बताया की राजपथ रोड को पहने बनाया जाएगा, जिस पर 21 करोड़ खर्च होंगे। जबकि सात साल पहले इस रोड को विकसित करने पर ढाई करोड़ खर्च किए गए थे। इसी कारण यह सड़क अभी भी खूबसूरत है।
भास्कर पड़ताल: बाड़ा 9 साल में भी नहीं बना नो व्हीकल जोन
शहर के सबसे प्रमुख स्थल महाराज बाड़ा को विकसित और खूबसूरत बनाने का सपना शहरवासी नौ साल से देख रहे हैं। नगर निगम 2009-10 में बाड़े को नो व्हीकल जोन बनाने के लिए दस करोड़ रुपए का प्रस्ताव बनाया था। जो कि स्मार्ट सिटी की योजना से मिलता जुलता था। इसके लिए टाउन हॉल के पास की दुकानों को तोड़ा गया था। लेकिन निगम अफसरों के बदलते ही योजना भी खत्म हो गई।
- साल 2009 में तत्कालीन महापौर विवेक शेजवलकर (अब भी महापौर) विदेश यात्रा पर गए थे। तब हैरिटेज इमारतों को सुंदर बनाने का साथ-साथ निजी हैरिटेज इमारतों संवारने की योजना बनी थी। उनके हटने के बाद योजना धरी रह गई।
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