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नियम / पेट्रोल-डीजल डलवाने पर आपके वाहन में आए खराबी तो उपभोक्ता फोरम में करें शिकायत

वाहन में डीजल की जगह पेट्रोल डाला तो पंप मालिक को देना होगा हर्जाना।

Danik Bhaskar | Sep 13, 2018, 06:28 PM IST

भोपाल. अगर आप अपनी कार में ईंधन ले रहे हैं और पंप पर काम कर रहे व्यक्ति ने कार में पेट्रोल की जगह डीजल डाल दिया तो आप नुकसान के हकदार हैं। इसके लिए सबसे जरूरी है कि जो भी फ्यूल डाला है उसका तुरंत बिल लें। इसके बाद पंप मालिक से शिकायत कर गाड़ी सुधरवाने में आने वाले खर्च की मांग कर सकते हैं। दूसरी स्थिति में अगर फ्यूल में कोई मिलावट है और आपका वाहन खराब हो गया है तो फ्यूल को आप डिब्बे में रख लें। इसके बाद उपभोक्ता फोरम में इसकी शिकायत कर सकते हैं।

उपभोक्ता फोरम तक मामले को पहुंचाएं

  1. उपभोक्ता कोर्ट में ऐसे करें शिकायत

    अगर उपभोक्ता किसी विक्रेता के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाना चाहते हैं तो नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन की वेबसाइट http://nationalconsumerhelpline.in/ पर जाना होगा। यहां वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर ऊपर शिकायत रजिस्ट्रेशन टैब पर क्लिक करना होगा। तुरंत ही अगले स्क्रीन पर दो विकल्प दिखेंगे। पहला, शिकायत रजिस्टर करें और दूसरा शिकायत की जानकारी देखें।

    1. अगर आवेदक नई शिकायत रजिस्टर करना चाहते हैं तो आप्शन 1 पर क्लिक करें।

    2. अगर पहले ही वेबसाइट पर शिकायत जमा कर रखी है तो आप्शन 2 पर क्लिक करें।

    3. इसके अलावा जिले के उपभोक्ता फोरम में जाकर लिखित शिकायत भी की जा सकती है।

  2. इस बात का ध्यान दें

    शिकायत जमा करने से पहले वेबसाइट पर शिकायतकर्ता को अकाउंट रजिस्टर करना होगा, रजिस्ट्रेशन टैब इसी दोनों विकल्पों वाली स्क्रीन पर साथ ही में होता है। शिकायत जमा करने के लिए आवेदक को फोरम/ कोर्ट में मामूली फीस जमा करनी पड़ती है।

  3. शिकायत पत्र में क्या लिखें

    शिकायत को विस्तार से तथ्यों के साथ लिखना चाहिए। इसमें घटना का विवरण चरणबद्ध तरीके से होना चाहिए। उपभोक्ता के साथ क्या गलत हुआ, कितना नुकसान हुआ आदि और साथ में दर्ज की जाने वाली शिकायत की सच्चाई साबित हो सके उसके लिए सारे सबूत भी देने होंगे।

  4. कंपनी या व्यापारी के बारे में डिटेल दें

    जिसके खिलाफ शिकायत है उस कंपनी/ व्यक्ति का पूरा नाम, पता और फ़ोन नंबर की जानकारी के साथ, सामान/ सर्विस का पक्का बिल, सामान/ सर्विस के साथ मिली हुई वारंटी या गारंटी के कागज़ विक्रेता के धोखा देने के कारण उपभोक्ता को हुए नुकसान का मूल्य विक्रेता के तय की गए बात मुकरने से उपभोक्ता को हुए मानसिक, शारीरिक, आर्थिक नुकसान की विस्तृत जानकारी के सबूत भी देने होते हैं।

  5. भोपाल की एक घटना से समझिए

    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पेट्रोल पंप पर एक कार में पेट्रोल की जगह डीजल डाल दिया गया। इससे ग्राहक की कार खराब हो गई। उपभोक्ता को हुई परेशानी को देखते हुए फोरम ने पंप मालिक को 24 हजार रुपए हर्जाना देने के आदेश दिए हैं। दरअसल, घोड़ा नक्कास क्षेत्र में पेट्रोल पंप मालिक विश्वास परनामी और उनके कर्मचारी गोवर्धन प्रजापति के खिलाफ जिला उपभोक्ता फोरम में अनिमा जैन द्वारा वर्ष 2016 में परिवाद पेश किया गया था।

  6. क्या था पूरा मामला ?

    परिवाद में अनिमा ने बताया कि उन्होंने 8 अप्रैल 2016 को एक पुरानी कार खरीदी थी। वह 26 मई 2016 को कार में पेट्रोल भरवाने के लिए परनामी के पंप पर गई। वहां कर्मचारी से पेट्रोल डालने के लिए, लेकिन कर्मचारी ने गाड़ी पर डीजल डाल दिया। इसके बाद बिल मांगा तो उसने 282.94 रुपए का बिल दिया। बिल में पेट्रोल की जगह डीजल लिखा था। उन्होंने इसकी शिकायत पंप के प्रबंधक से की। प्रबंधक ने उन्हें बिल पर लिखकर दिया कि कार में गलती से पेट्रोल की जगह डीजल डाल दिया गया है। उसने कार में डीजल से होने नुकसान वाले की भरपाई करने का भी वादा किया, लेकिन बाद में मुकर गया।

  7. उपभोक्ता कोर्ट में ऐसे करें शिकायत

    अगर उपभोक्ता किसी विक्रेता के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाना चाहते हैं तो नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन की वेबसाइट http://nationalconsumerhelpline.in/ पर जाना होगा। यहां वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर ऊपर शिकायत रजिस्ट्रेशन टैब पर क्लिक करना होगा। तुरंत ही अगले स्क्रीन पर दो विकल्प दिखेंगे। पहला, शिकायत रजिस्टर करें और दूसरा शिकायत की जानकारी देखें।

    1. अगर आवेदक नई शिकायत रजिस्टर करना चाहते हैं तो आप्शन 1 पर क्लिक करें।

    2. अगर पहले ही वेबसाइट पर शिकायत जमा कर रखी है तो आप्शन 2 पर क्लिक करें।

    3. इसके अलावा जिले के उपभोक्ता फोरम में जाकर लिखित शिकायत भी की जा सकती है।

  8. इस बातों का रखें ध्यान

    शिकायत जमा करने से पहले वेबसाइट पर शिकायतकर्ता को अकाउंट रजिस्टर करना होगा, रजिस्ट्रेशन टैब इसी दोनों विकल्पों वाली स्क्रीन पर साथ ही में होता है। शिकायत जमा करने के लिए आवेदक को फोरम/ कोर्ट में मामूली फीस जमा करनी पड़ती है।

  9. शिकायत पत्र में क्या लिखें

    शिकायत को विस्तार से तथ्यों के साथ लिखना चाहिए। इसमें घटना का विवरण चरणबद्ध तरीके से होना चाहिए। उपभोक्ता के साथ क्या गलत हुआ, कितना नुकसान हुआ आदि और साथ में दर्ज की जाने वाली शिकायत की सच्चाई साबित हो सके उसके लिए सारे सबूत भी देने होंगे।

  10. कंपनी या व्यापारी के बारे में डिटेल दें

    जिसके खिलाफ शिकायत है उस कंपनी/ व्यक्ति का पूरा नाम, पता और फ़ोन नंबर की जानकारी के साथ, सामान/ सर्विस का पक्का बिल, सामान/ सर्विस के साथ मिली हुई वारंटी या गारंटी के कागज़ विक्रेता के धोखा देने के कारण उपभोक्ता को हुए नुकसान का मूल्य विक्रेता के तय की गए बात मुकरने से उपभोक्ता को हुए मानसिक, शारीरिक, आर्थिक नुकसान की विस्तृत जानकारी के सबूत भी देने होते हैं।

  11. भोपाल की एक घटना से समझिए

    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पेट्रोल पंप पर एक कार में पेट्रोल की जगह डीजल डाल दिया गया। इससे ग्राहक की कार खराब हो गई। उपभोक्ता को हुई परेशानी को देखते हुए फोरम ने पंप मालिक को 24 हजार रुपए हर्जाना देने के आदेश दिए हैं। दरअसल, घोड़ा नक्कास क्षेत्र में पेट्रोल पंप मालिक विश्वास परनामी और उनके कर्मचारी गोवर्धन प्रजापति के खिलाफ जिला उपभोक्ता फोरम में अनिमा जैन द्वारा वर्ष 2016 में परिवाद पेश किया गया था।

  12. क्या था पूरा मामला ?

    परिवाद में अनिमा ने बताया कि उन्होंने 8 अप्रैल 2016 को एक पुरानी कार खरीदी थी। वह 26 मई 2016 को कार में पेट्रोल भरवाने के लिए परनामी के पंप पर गई। वहां कर्मचारी से पेट्रोल डालने के लिए, लेकिन कर्मचारी ने गाड़ी पर डीजल डाल दिया। इसके बाद बिल मांगा तो उसने 282.94 रुपए का बिल दिया। बिल में पेट्रोल की जगह डीजल लिखा था। उन्होंने इसकी शिकायत पंप के प्रबंधक से की। प्रबंधक ने उन्हें बिल पर लिखकर दिया कि कार में गलती से पेट्रोल की जगह डीजल डाल दिया गया है। उसने कार में डीजल से होने नुकसान वाले की भरपाई करने का भी वादा किया, लेकिन बाद में मुकर गया।