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ओल्ड एज केयर: दूध में भीगे हुए मखाने और सिंघाड़े के हलवे से बुजुर्गों की हडि्डयां बनेंगी मजबूत

बुजुर्गों को मूंग, अरहर, तुअर जैसी दालों में घी, जीरा और लहसुन का छौंक लगाकर खिलाएं।

Danik Bhaskar | Aug 04, 2018, 08:01 PM IST

हेल्थ डेस्क. बारिश के मौसम में बुजुर्गों को हडि्डयों में दर्द, पाचन समस्या, कब्ज, सांस फूलना आदि आमतौर पर देखा जाता है। इस दौरान पाचन सही रखने के लिए फलियों की सब्जी, दही, मटर की दाल, चौला आदि नहीं खाना चाहिए। पानी में इंफेक्शन फैलने की वजह से इस मौसम में डाइजेशन सिस्टम की समस्या आम हो जाती है। इसके अलावा एक बड़ा कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का कम होना भी है। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर के प्रोफेसर डॉ. मोहन लाल जायसवाल के मुताबिक इस मौसम में दूध में भीगे हुए मखाने और सिंघाड़े के हलवे से हडि्डयां बनेंगी मजबूत होने के साथ पेट की समस्या में भी कमी आती है।

8 प्वाइंट्स: मानसून में डाइट में क्या बदलाव करें
- बारिश में मौसम में पानी को उबालकर ठंडा करके ही पीएं। बुजुर्गों को मूंग, अरहर, तुअर जैसी दालों में घी, जीरा और लहसुन का छौंक लगाकर खिलाएं।
- गुनगुने एक लीटर पानी में एक लौंग, दो इलायची, सौंफ आदि डालकर दिनभर इस पानी को पिएं। इससे डाइजेशन सिस्टम अच्छा रहेगा और कब्ज की शिकायत दूर होगी।
- सॉफ्ट ड्रिंक्स, ठंडा पानी, आइसक्रीम और ठंडी लस्सी नहीं पिए इससे गला खराब या गले में टॉन्सिल हो सकते हैं, इससे लेने से बचें।
- मखाने को घी में सेंककर चुटकी हल्दी, सेंधा नमक और जीरा पाउडर छिड़क कर खाना चाहिए या मखाने दूध में भिगोकर खाएं।
- एक चम्मच घी में सिंघाड़ा पाउडर का हलवा बनाकर खाएं। एक गिलास दूध में आधा चम्मच शुद्ध देशी घी, एक चौथाई हल्दी, मिलाकर पिएं।
- इस मौसम में खासतौर पर हरे पत्तेदार सब्जियां या फलियां नहीं खानी चाहिए। छोटी काली अरहड़ का पाउडर बना कर कैस्टर ऑयल, एक चम्मच सेंधा नमक मिलाकर गुनगुने पानी के साथ लें।
- कैस्टर के बीजों को पीसकर पाउडर बना लें एक छोटी चम्मच गाय के दूध के साथ लें। पेट साफ रखने के लिए सौंफ, धनिया, जीरा, अजवाइन समान मात्रा में मिलाकर पीसकर रख लें। एक चम्मच सुबह-शाम खाने के बाद खाएं।
- 50 वर्ष पार हैं तो सेहतमंद रहने के लिए नियमित व्यायाम करें और सुबह पार्क में लंबी सांस के साथ वॉक करें।