--Advertisement--

चेक लिस्ट /मॉड्यूलर किचन के लिए मैटेरियल चुनने से पहले उनकी खूबियों और खामियों को समझें

Dainik Bhaskar

Sep 10, 2018, 06:49 PM IST


how to kitchen interior material
X
how to kitchen interior material
  • comment

लाइफस्टाइल डेस्क. मॉड्यूलर किचन का कॉन्सेप्ट काफी पसंद किया गया है। मॉड्यूलर किचन मिलाजुला स्वरूप है अलग-अलग मैटेरियल और अलग-अलग सेक्शन के इस्तेमाल का, जैसे केबिनेट और बेस यूनिट को आमतौर पर हम रिनोवेट कर सकते हैं, कभी लेमिनेट से, कभी शीट से। ग्रेनाइट जो यूज किया जा सकता है वो अभी भी प्लेटफॉर्म और काउंटर टॉप के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसी तरह मॉड्यूलर किचन में जो मटेरियल इस्तेमाल किया जाता है, उसके अपने फायदे और नुकसान हैं, आइए जानते हैं आर्किटेक्ट आलोक भगत से… 

 

अमेजन से GLEN Kitchen Chimney 6071 खरीदने के लिए यहां क्लिक करें

  • नैचुरल वुड

    नैचुरल वुड

    • नैचुरल वुड या सॉलिड वुड मॉड्यूलर किचन में एक बेस्ट मैटेरियल में काउंट होता है। इसके अंदर टीक, मरिंडी, शीशम जैसी लकड़ी की जो क्वालिटीज़ हैं, वे मॉड्यूलर किचन में केबिनेट डिजाइन करने के लिए इस्तेमाल की जाती हैं। इसके फायदे ये हैं कि ये कई कलर, टैक्सचर,कई ग्रेंस में उपलब्ध है, और इससे नैचुरल लुक मिलता है। 
    • जो नैचुरल वुड इसमें इस्तेमाल किया जाता है, वो काफी ट्रेडिशनल भी है और इससे मॉडर्न लुक भी मिलता है। हम इंटीरियर को अपनी पसंद के अनुसार डिजाइन भी कर सकते हैं। इसे साफ करने में भी आसानी होती है, लेकिन इसके नुकसान ये हैं कि किचन में जो नमी होती है, वो समय बीतने के साथ इस पर अपना असर छोड़ने लगती है। इसलिए अगर लकड़ी की क्वालिटी में जरा भी लापरवाही बरती, तो उसमें डेंट पड़ने के साथ-साथ सरफेस का स्तर ऊंचा-नीचा होकर खराब भी हो सकता है।

     

  • लेमिनेट

    लेमिनेट

    • ये लकड़ी का विकल्प है। इसमें लकड़ी के ऊपर प्लास्टिक की शीट, जो रेजिन या पेपर की होती है, पाई जाती है। लो प्रेशर लेमिनेट और हाई प्रेशर लेमिनेट ये दो प्रकार में पाए जाते हैं। इसके फायदे ये हैं कि ये लंबे समय तक चलते हैं, नमी नहीं पकड़ते और सस्ते होते हैं। 
    • इसके नुकसान ये हैं कि इनको प्रॉपर इंस्टॉलेशन की जरूरत होती है, नहीं तो इसके कोने टूटने लग जाते हैं। इसमें जो मटेरियल यूज होता है, वो रेजिन और प्लास्टिक होता है, तो उसमें से कुछ समय बाद टॉक्सिस गैसें निकलने लगती हैं, जो खाद्य पदार्थों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

     

  • विनियर्स

    विनियर्स

    • लकड़ी में सॉलिड या नैचुरल वुड के जो पतले-पतले टुकड़े होते हैं, वे विनियर्स कहलाते हैं। इसमें लकड़ी होने से नैचुरल लुक आता है। इसके फायदे ये हैं कि इसमें सॉलिड वुड की क्वालिटी होती है, सस्ता होता है और लंबे समय तक चलता है।
    • इसमें ग्लॉस यानी चमक तीन अलग तरह की होती है- बहुत ज्यादा चमकीला, कम चमकीला और मैट इफैक्ट वाला। इसमें वैरायटी काफी है लेकिन इसके नुकसान ये हैं कि अगर इस पर नैचुरल लाइट पड़ी यानी धूप के संपर्क में आकर इनका कलर फीका होने लगता है, साथ ही इसमें स्क्रैच बहुत जल्दी पड़ते हैं।

  • पीवीसी

    पीवीसी

    • पीवीसी पॉलीविनाइल क्लोराइड का शॉर्ट फॉर्म है। सिंथेटिक प्लास्टिक पॉलीमर के रूप में इसे बनाया जाता है। यह बहुत ज्यादा टफ और मजबूत होता है, इसलिए मॉड्यूलर किचन केबिनेट बनाने के लिए बेस्ट मैटेरियल माना जाता है। 
    • पीवीसी का फायदा ये है कि इसमें बहुत सारे कलर उपलब्ध होते हैं। वॉटरप्रूफ होता है और इसमें दीमक नहीं लगती है। इसके अलावा ये सस्ता होता है, इसका इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस दोनों ही काफी आसान है, लेकिन इसका जो नुकसान है वह यह है कि यह जल्दी ही आग पकड़ लेता है, थोड़े समय बाद ही पीला पड़ने लगता है। इसके जॉइंट थोड़े समय बाद लूज होने लगते हैं।

     

  • स्टेनलेस स्टील

    स्टेनलेस स्टील

    • जो लोग किचन में लुक के तौर पर एल्युमीनियम या प्लास्टिक का यूज करना चाहते हैं, उसके लिए स्टेनलेस स्टील बहुत अच्छा रहता है। इसके फायदे ये हैं कि इसमें कभी जंग नहीं लगेगी, दाग नहीं लगते, आसानी से मेंटेन हो सकता है, और नमी व गर्मी से इन पर कोई असर नहीं पड़ता, यानी किचन की गर्मी से इस पर कोई फर्क नहीं पड़ता। आसानी से साफ हो जाते हैं। 
    • ज्यादातर किचन के केबिनेट डोर मैटेरियल में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके नुकसान ये हैं कि इसमें ज्यादा कलर उपलब्ध नहीं है, टकराने पर ही इसमें डेंट लग सकते हैं। धीरे-धीरे दरवाजे खोलने-बंद करने में ये आवाज करने लगते हैं।

  • एक्रेलिक

    एक्रेलिक

    • एक्रेलिक दरअसल पॉलीमिथाइल मेथाक्रिलेट होता है। ये मटेरियल मॉड्यूलर किचन में अभी-अभी बहुत ज्यादा पॉपुलर होता जा रहा है। ये एक्रेलिक्स, प्लेक्सिग्लास, ल्यूसाइट आदि अलग-अलग फॉर्म में उपलब्ध है। इसके फायदे ये हैं कि ये नॉन-टॉक्सिक होता है यानी इससे कोई भी गैस नहीं निकलेगी, जिससे खाने में कोई नुकसान नहीं होगा। 
    • हाई ग्लॉस यानी चमक ज्यादा होती है, किचन थोड़ा बड़ा-बड़ा दिखेगा, भरा हुआ नहीं दिखेगा। इसमें नमी नहीं लगती, स्क्रैच नहीं पड़ता, बहुत सारे कलर्स में उपलब्ध है। इसके नुकसान ये हैं कि ये बहुत ज्यादा कमजोर होता है। 
    • हर दूसरे दिन साफ करना पड़ता है, इसमें धूल बहुत जल्दी चढ़ जाती है, बहुत आसानी से दिखेगी। ये लेमिनेट की तुलना में काफी महंगा है।

     

  • एल्युमीनियम

    एल्युमीनियम

    • सबसे ज्यादा पॉपुलर मटेरियल है, जिसे मॉड्यूलर किचन में इस्तेमाल किया जाता है। इसका फायदा ये है कि इस पर किसी भी मौसम का कोई असर नहीं पड़ता। सस्ता भी है, तो इंस्टॉलेशन का ज्यादा खर्चा नहीं होगा। 
    • आसानी से साफ-सफाई कर सकते हैं, लंबे समय तक चलेगा, कोई नमी नहीं बैठेगी, कभी आग नहीं पकड़ेगा, जंग नहीं लगेगी। नुकसान ये है कि इसमें डेंट पड़ जाते हैं, इधर-उधर से मुड़ जाएगा और कुछ समय बाद शोर करने लगेगा।

COMMENT
Astrology
Click to listen..
विज्ञापन

किस पार्टी को मिलेंगी कितनी सीटें? अंदाज़ा लगाएँ और इनाम जीतें

  • पार्टी
  • 2019
  • 2014
336
60
147
  • Total
  • 0/543
  • 543
कॉन्टेस्ट में पार्टिसिपेट करने के लिए अपनी डिटेल्स भरें

पार्टिसिपेट करने के लिए धन्यवाद

Total count should be

543
विज्ञापन