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बच्चों का आधार कार्ड बनवाना है इतना आसान, 5 से 15 साल की उम्र में बायोमैट्रिक अपडेट कराना न भूलें

बच्चों का ड्राइविंग लाइसेंस और वोटर आईडी नहीं बनता है, ऐसे में आधार कार्ड सरकारी पहचान पत्र है।

Danik Bhaskar | Sep 05, 2018, 06:00 PM IST

यूटिलिटी डेस्क. हर आदमी को अपने अपने नवजात शिशु का आधार कार्ड बनवाना चाहिए। माता-पिता के आधार की सहायता से जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर बच्चे का आधार कार्ड बनवाया जा सकता है। 5 से 15 साल की उम्र में बच्चे का बायोमैट्रिक अपडेट कराना जरूरी होता है। क्योंकि अब स्कूल में दाखिले के दौरान बच्चों का भी आधार मांगा जा रहा है। अगर कोई व्यक्ति नवजात शिशु का आधार कार्ड बनवाना चाहता है तो उसे क्या करना होगा ? इस खबर में इसकी पूरी प्रक्रिया को बता रहे हैं।


बच्चों का आधार कार्ड ऐसे बनवाएं


बच्चे की उम्र 5 साल से कम है तब...

1. पांच साल से कम उम्र के बच्चों का आधार कार्ड बनवाने के लिए आपको सिर्फ आधार कार्ड पंजीकरण केंद्र में जाकर उसके नाम का फॉर्म भरना होगा। यहां आपको बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र और अपने आधार कार्ड की कॉपी भी देनी होती है।


2. आवेदनकर्ता की उम्र पांच साल से कम है, तो उसकी बायोमैट्रिक जांच नहीं होगी। यानी उसके फिंगर प्रिंट और रेटिना का स्कैन नहीं लिया जाता है।


बच्चे की उम्र 5 साल से अधिक है तब...

1. पांच साल से अधिक उम्र के बच्चों के लिए पंजीकरण फार्म भरना अनिवार्य है। साथ ही उनसे जन्म प्रमाण पत्र की कॉपी और स्कूल का पहचान पत्र जमा कराना होगा।

2. अगर स्कूल का आईडी नहीं है तो स्कूल के लेटर हेड पर लिखित रूप से घोषणा पत्र जमा करवाना होता है। हालांकि, यदि उस समय बच्चा स्कूल या किसी भी शिक्षा संस्थान का हिस्सा नहीं है, तो माता-पिता का आधार कार्ड पर्याप्त माना जाएगा, बशर्ते उसे कोई गजटेड ऑफिसर या क्षेत्र के तहसीलदार ने सत्यापित किया हो।

कौन से एड्रेस प्रूव स्वीकार होंगे ?

बच्चे का प्रमाण पत्र अनिवार्य रहेगा। इसके साथ ही एड्रेस प्रूफ के तौर पर किसी राजपत्रीय अधिकारी/क्षेत्री सांसद या विधायक/तेहसीलदार/ग्राम पंचायत या उसके बराबर प्राधिकरण द्वारा जारी प्रमाण पत्र (तस्वीर सहित) ही मान्य होगा। इसके अलावा अन्य एड्रेस प्रूफ स्वीकार्य नहीं किए जाएंगे।

आधार कार्ड बनवाने के फायदे

1. आधार कार्ड आपकी सर्वश्रेष्ठ पहचान पत्र है जो देश में हर जगह स्वीकारर्य है।

2. सरकारी कार्यक्रमों से लेकर विदेशी में सरकार द्वारा छात्रवृत्ति हासिल करने तक आधार मदद करता है।

3. स्कूल के अलावा बच्चों के बचत खातों के लिए भी यह जरूरी है।

4. बैंक में नाबालिग का बचत खाता खुलवाने के लिए अभिभावक का आधार कार्ड अनिवार्य है।

5. बच्चों का ड्राइविंग लाइसेंस और वोटर आईडी नहीं बनता है, ऐसे में आधार कार्ड बतौर सरकारी पहचान पत्र है।