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50 की उम्र में शुगर और नमक कम खाएं, ब्लड शुगर और बीपी चेक कराएं, स्ट्रेस से बचें

फिजिशियन डॉ पुनीत सक्सेना से जानते हैं कि पचास साल की उम्र में कैसे खुद को रखें फिट...

Danik Bhaskar | Jul 03, 2018, 07:17 PM IST
50 साल की उम्र में आठ घंटे से ज्य 50 साल की उम्र में आठ घंटे से ज्य

हेल्थ डेस्क. परिवार के हर सदस्य का ख्याल रखने वाले पिता अपनी हैल्थ पर ध्यान नहीं दे पाते हैं। ऑफिस में लंबे समय तक काम करने और घर की जिम्मेदारियों में व्यस्त रहने की वजह से वे अक्सर फिजिकल और मेंटल स्ट्रेस में रहते हैं। पचास साल की उम्र तक आते-आते यही स्ट्रेस कई बीमारियों में तब्दील होना शुरू हो जाता है। फिजिशियन डॉ पुनीत सक्सेना से जानते हैं कि पचास साल की उम्र में कैसे खुद को रखें फिट...

8 घंटे से अधिक काम करने से बचें
50 साल की उम्र में आठ घंटे से ज्यादा काम करने से फिजिकल और मेंटल स्ट्रेस बढ़ता है। इसके अलावा बाहर का खाना, पर्याप्त नींद नहीं लेना, सिगरेट और एल्कोहल का सेवन लाइफ स्टाइल डिजीज के लिए रिस्क फैक्टर है। इससे हाइ ब्लड प्रेशर, मोटापा, डायबिटीज, हार्ट डिजीज, ब्रेन स्ट्रोक और कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ता है। बॉडी में कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ने से थकान महसूस होती है और सांस फूलना शुरू हो जाता है। घुटने और कमर दर्द भी सामान्य परेशानी बन जाता है। इसके अलावा कमर दर्द और एसिडिटी रहती है। बीएमआई को ध्यान में रखते हुए वजन कंट्रोल में रखें। हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करें।

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  • पचास की उम्र में बीमारियां करीब न आएं इसलिए 45 साल की उम्र से ही ध्यान देना शुरू कर देना चाहिए। हैल्दी रहने के लिए डाइट और एक्सरसाइज पर विशेष ध्यान दें।
  • रोजाना डाइट, योगा, मेडिटेशन का फिक्स रुटीन फॉलो करें। सप्ताह में पांच दिन 45 मिनट तक एक्सरसाइज करें। इसमें एरोबिक, साइक्लिंग, रनिंग, वॉक, स्विमिंग और डांस जैसी एक्सरसाइज शामिल करें।
  • इस उम्र में अक्सर मसल्स और हडि्डयां कमजोर होने लगती है। इन्हें मजूबत और लचीला बनाने के लिए हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करें।
  • मेंटल स्ट्रेस को कम करने के लिए नियमित रूप से मेडिटेशन करें। पसंदीदा किताबें पढ़ें। योगा और फिजिकल एक्टिविटी पर ध्यान दें और परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिताएं।
  • 50 साल की उम्र के बाद एनुअल चेकअप जरूर करवाएं। ओवर वेट होने या आनुवांशिक प्रॉब्लम होने पर रेग्युलर चेकअप करवाएं।
  • 8 घंटे की नींद लेना जरूरी है। बीएमआई में वजन कंट्रोल रखें। शुगर समय-समय पर चेक कराते रहें।
  • कोलेस्ट्रोल को कंट्रोल करने के लिए जंक फूड, बाहर का खाना न खाएं। ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहे इसके लिए वजन नियंत्रित रखें, तनाव न लें और नमक का सेवन कम करें।