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बीबीसी न्यूज़, हंगरी
हंगरी में साल 2015 में पैदा हुए पहले बच्चे की पहचान को लेकर पूरे देश में गर्मागर्म बहस छिड़ी हुई है. उसकी पहचान एक रोमा या जिप्सी के रूप में हो, इसे लेकर विवाद पैदा हो गया है.
पांच हफ़्ते पहले रिकार्डो रैक्ज़ नाम के इस बच्चे के जन्म के बाद स्थानीय मीडिया ने साल के पहले बच्चे के रूप में इसकी चर्चा की थी और रिकार्डो के माता-पिता के साथ उसकी तस्वीर को पहले पन्ने पर जगह दी थी.
हंगरी के दक्षिणपंथी जोब्बिक पार्टी के उपनेता इलोड नोवाक ने फ़ेसबुक पर बच्चे के साथ मां की तस्वीर लगाते हुए कहा था कि रिकार्डो 23 वर्षीय जिप्सी मां की तीसरी संतान है.
उन्होंने लिखा, \"हंगरी मूल के लोगों की आबादी दिन-पर-दिन कम होती जा रही है बहुत जल्दी हम अपने ही देश में अल्पसंख्यक बन जाएंगे. फिर एक दिन ऐसा आएगा जब वे हंगरी का नाम बदलने का फ़ैसला लेंगे? उस वक़्त हम देश के सबसे बड़ी समस्या से रूबरू होंगे.\"
घमासाननोवाक के इस पोस्ट की आलोचनाओं और समर्थन का तांता लग गया. रिकार्डो की पैदाइश ने नस्लवादियों और नस्लवाद विरोधियों को आमने-सामने खड़ा कर दिया है.
इसने कुछ ही दिनों में रिकार्डो को हंगरी का सबसे प्रसिद्ध जिप्सी बना दिया है.
जोब्बिक पार्टी के समर्थक अमूमन यह कहते हुए सुने जाते हैं, \"ये चूहे और परजीवियों की तरह पैदा होते हैं.\"
सरकार और विपक्ष में इसे लेकर घमासान मचा हुआ है.
एक ज़माना था जब यूरोप में कोई भी समारोह जिप्सी ऑर्केस्ट्रा के बिना पूरा नहीं होता था. मीहाई फैटयोल हंगरी के प्रसिद्ध वायलिन वादक थे जो 1920 के दशक से 1970 के दशक तक हंगरी और यूरोप में छाए हुए थे.
वे एक जिप्सी थे. उनकी कांसे की प्रतिमा हंगरी के दक्षिणी शहर माको में बड़े शान से खड़ी है.
पारिवारिक ज़िंदगीमैं माको शहर के टाउन हॉल में रिकार्डो, उसकी मां सिल्विया और उसके पिता पीटर से मिला. यह उनका पहला मीडिया इंटरव्यू था.
माको शहर की मेयर ने हर साल की तरह इस साल भी साल के पहले बच्चे को 250 पाउंड (लगभग 23 हज़ार रुपए) देने का वादा किया है.
रिकार्डो ने मेरी तरफ़ नज़र घुमाई और रोने लगा. उसके मां-बाप ने मुझे दिलासा दिलाया कि कोई बात नहीं यह आपको देखकर नहीं रो रहा है. अभी-अभी इसने दूध पिया है और पेट भरने से दुख रहा है, इसलिए रो रहा है.
पीटर ने अपनी कहानी सुनानी शुरू की. उन्होंने बताया कि उनका परिवार मोका शहर के किनारे बसे एक छोटे से गांव में रहने वाला एकमात्र रोमा परिवार है.
गांव में सभी से उनके अचछे संबंध हैं. उन्होंने कभी भी अपने आप को इससे पहले नस्लीय भेदभाव का शिकार नहीं पाया.
पीटर सामुदायिक काम करते हैं और ट्रैक्टर और हार्वेस्टर चलाना सीख रहे हैं. उनकी दोनों बेटियां अभी किंडरगार्डेन में है.
उनका कहना है,\"मैं एक सुकून भरा पारिवारिक ज़िंदगी चाहता हूं. मैं अपनी ज़िंदगी में मीडिया का दख़ल नहीं चाहता हूं. मैं चाहता हूं कि जब काम से घर पर लौटूं तो मेरा परिवार मेरे पास हो और मैं घर के गर्म खाने का आनंद उठा सकूं.\"
माफ़ीसिल्विया कहती है, \"लोगों को उनके जन्म के वक़्त से ही निशाना नहीं करना चाहिए. मेरा बच्चा जब 18 साल का हो जाएगा तो वे फ़ैसला लेगा कि उसे रोमा के रूप में पहचाना जाए या नहीं. इसमें उसकी क्या ग़लती अगर वे पिछले साल के आख़िरी दिन मध्यरात्रि के कुछ लम्हों बाद ही इस दुनिया में आया तो.
उन्होंने कहा, \'\'हो सकता है कि हंगरी में इससे पहले भी नस्लवाद हो, लेकिन हमने कभी इसे महसूस नहीं किया. हम इस शहर में रहना पसंद करते हैं. यहां सभी हमारे प्रति बहुत दयालु हैं. हमारा बच्चा अब इस मुश्किल भरे वक्त में हमारी ताक़त है.\"
पीटर का कहना है, \"हमें सिर्फ़ चमड़ी के रंग के आधार पर अलग किया जाता है जबकि हमारे दिल, ख़ून और हमारी अत्मा सब एक हैं. रिकार्डो भी दूसरे बच्चों की तरह किंडरगार्डेन और स्कूल जाएगा.\"
इलोड नोवाक ने अपनी टिप्पणी के लिए माफ़ी मांगने से मना कर दिया है और कहा है कि पीटर को माफ़ी मांगनी चाहिए.
मीडिया में भी जिप्सी लोगों की बढ़ती आबादी के बारे में चिंता व्यक्त की जा रही है. ऐसा लगता है कि वे मानने के लिए तैयार ही नहीं हैं कि जिप्सी लोग भी हंगरी के निवासी है.
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