--Advertisement--

​जब पति-पत्नी की उम्र में हो ज्यादा अंतर, तो हैप्पी मैरिड लाइफ के लिए इन बातों को रखें ध्यान

इस बात को नकारा नहीं जा सकता कि हसबैंड-वाइफ के बीच उम्र का बड़ा अंतर संबंधों पर कई तरह से असर डालता है।

Dainik Bhaskar

Jul 08, 2018, 03:26 PM IST
स बात को नकारा नहीं जा सकता कि ह स बात को नकारा नहीं जा सकता कि ह

लाइफस्टाइल डेस्क. इस बात को नकारा नहीं जा सकता कि हसबैंड-वाइफ के बीच उम्र का बड़ा अंतर संबंधों पर कई तरह से असर डालता है। यह प्रभाव मानसिक, मनोवैज्ञानिक और शारीरिक रूप से भी हो सकता है। जिसके असर आपके रिश्ते पर भी पड़ता है। लेकिन सिर्फ 3 बातों को अपनाकर आप इस तरह की सम्स्याओं से बचकर हैप्पी मैरिड लाइफ जी सकते हैं।
मानसिक तैयारी

  • अक्सर यह कहा जाता है कि महिला अपनी उम्र से पहले ही मैच्योर हो जाती हैं। यानी 30 साल के यवुक की तुलना में उसी उम्र की यवुती ज्यादा मैच्योर होती है।
  • ऐसे में यदि महिला की उम्र कुछ साल ज्यादा हो तो फर्क नहीं पड़ता, लेकिन जब फर्क 10-12 साल तक हो तो दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
  • ऐसी स्थिति में उम्र के फासलों से होने वाली परेशानियों के लिए पहले से तैयार रहें। यदि आप मानसिक रूप से तैयार हैं तो कई परेशानी तो स्वत: ही हल हो जाएंगी।
  • किसी का साथ और अनुभव भी आपका मैच्योरिटी लेवल बढ़ा सकता है। एक-दूसरे को समझें तो दिक्कत नहीं आएगी।

जीवनशैली में बदलाव

  • लाइफ स्टाइल में कुछ असमानताएं होने की संभावना रहती है। जैसे, विवाह के बाद मनोरंजन के प्रति दोनों का नजरिया अलग होता है।
  • हो सकता है कम उम्र के पति को पार्टियों में जाना अच्छा लगता हो और बड़ी उम्र की पत्नी को टीवी देखना। फिजिकल इंटीमेसी में भी दिक्कतें आ जाती हैं।
  • ऐसे में ध्यान रखें कि यदि आप अपने रिश्ते में प्यार को जगह देंगे तो ऐसी कोई भी दिक्कत नहीं आएगी।
  • मनोरंजन के मामले में आप तय करें कि कुछ पार्टी में पत्नी के साथ जाएंगे और कुछ में अपनी उम्र के लोगों के साथ।
  • एक-दूसरे में इंटरेस्ट डेवलप करें तो फिजिकल रिलेशन भी बना रहेगा।

दूसरों की बातों पर न दें ध्यान

  • सामाजिक तथा पारिवारिक स्थितियां अक्सर चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं। लोग कई बार उम्र के बारे में अशिष्ट टिप्पणियां कर बैठते हैं।
  • उम्र के फासले दूरियां बढ़ा देते हैं। अपने कॅरिअर में अलग पायदानों पर होने के कारण दोनों की महत्वाकांक्षाओं और भविष्य की योजनाओं में अंतर आ सकता है।
  • ऐसे में समाज के पूर्वाग्रह को बदलने में वक्त लगेगा। आप खुद को समाज के हिसाब से बदल लें, या लोगों की टिप्पिणियों को नजरअंदाज करें।
  • दो लोग आपस में समझदारी से एक-दूसरे के साथ जीवन-निर्वाह करने को तैयार हैं तो किसी को कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।

X
स बात को नकारा नहीं जा सकता कि हस बात को नकारा नहीं जा सकता कि ह
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..