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डाउनलोड करेंजाेधपुर. करोड़ों रुपए के गेहूं घोटाले की आरोपी आईएएस निर्मला मीणा को गुरुवार को एसीबी ने कोर्ट में पेश कर 7 दिन का रिमांड मांगा, लेकिन 2 दिन का रिमांड मिला। दोपहर बाद कोर्ट से स्पेशल युनिट में पूछताछ शुरू की तो मीणा ने बिल्कुल सहयोग नहीं किया। बोली गुरुवार का उपवास है इसलिए उसकी तबीयत ठीक नहीं है। एसीबी ने दो-तीन बार ज्यूस पिला कर दो जनों से आमने-सामने पूछताछ का प्रयास किया, मगर उसमें भी मीणा ने जवाब नहीं दिए। सिर्फ यही कहा कि गेहूं उसने मंगवाया था और सप्लाई कर दिया। इस तरह 6 घंटे बिता दिए और शाम हो गई तब मीणा को उदयमंदिर थाने भिजवा दिया और एसीबी पूरे दिन किसी भी सवाल का जवाब नहीं ले पाई।
- एसीबी के सामने एक दिन पहले ही सरेंडर करने वाली निलंबित आईएएस मीणा को सुबह दस बजे एसीबी ने एसीबी मामलों की अदालत में पेश किया। वे आज बिना मुंह ढंके ही एसीबी के साथ आई। इन दौरान कोर्ट में अन्य प्रकरण की कार्यवाही चलने के कारण, उन्हें दुबारा दोपहर 12 बजे बाद बुलाया गया। अदालत में पेश होने के बाद एसीबी की ओर से सात दिन का रिमांड मांगा गया, लेकिन न्यायाधीश ने दो दिन के रिमांड पर मीणा को भेजा। इसके बाद दोपहर एक बजे एसीबी की टीम उसे लेकर स्पेशल यूनिट पहुंची। यहां पर जांच अधिकारी मुकेश सोनी ने घोटाले के तथ्यों के आधार पर पूछताछ शुरू की। गुरुवार को उपवास था, ऐसे में शाम को भाई टिफिन लेकर आया। इसके बाद उपवास खोला।
ठेकेदार और बाबू को बुलाकर भी पूछताछ
- गेहूं घोटाले के मामले में एसीबी ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की खाद्यान्न शाखा के बाबू शिवप्रकाश शर्मा तथा राशन डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल गहलोत को स्पेशल यूनिट बुलाया गया। इन दोनों को मीणा के सामने बिठाकर पूछताछ शुरू की। एसीबी ने दोनों से पूछताछ के आधार पर कड़ियां जोड़ने की कोशिश की लेकिन मीणा ने जांच में सहयोग नहीं किया।
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