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आईडिया का शेयर 7% से ज्यादा टूटा, वोडाफोन के विलय में देरी की आशंका से गिरावट

दूरसंचार विभाग वोडाफोन से 4,700 करोड़ की मांग कर सकता है।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Jun 25, 2018, 05:10 PM IST

आईडिया का शेयर 7% से ज्यादा टूटा, वोडाफोन के विलय में देरी की आशंका से गिरावट
  • आईडिया का मार्केट कैप 1,892.84 करोड़ घटकर 24,502.16 करोड़ रह गया
  • आईडिया देश की तीसरी बड़ी टेलीकॉम कंपनी है

नई दिल्ली. आईडिया सेलुलर का शेयर सोमवार को कारोबार के दौरान बीएसई पर 7.18% और एनएसई पर 7.60% लुढ़क गया। शुक्रवार को बीएसई पर शेयर 60.55 पर बंद हुआ था जो सोमवार को 55.90 तक गिर गया। एसएसई पर ये 55.60 तक लुढ़का। आईडिया-वोडाफोन मर्जर की प्रक्रिया में देरी की आशंका की वजह से शेयर में गिरावट आई है। सूत्रों के मुताबिक दूरसंचार विभाग वोडाफोन से 4,700 करोड़ रुपए की मांग कर सकता है जिससे मर्जर की प्रक्रिया में देरी हो सकती है। इसके लिए 30 जून की डेडलाइन तय है।

शेयर 7.18% गिरावट पर बंद

इंडेक्सक्लोजिंगगिरावटसोमवार का निचला स्तर
बीएसई56.20

-4.35 (-7.18%)

55.90

एनएसई56.20-4.35 (-7.18%)55.60

वोडाफोन पर वन टाइम स्पेक्ट्रम फीस बकाया
टैरिफ वॉर के चलते वोडाफोन इंडिया और आइडिया ने पिछले साल मर्जर का फैसला लिया था। वोडाफोन पर वन टाइम स्पेक्ट्रम फीस के 4,700 करोड़ रुपए बकाया हैं। सूत्रों के मुताबिक दूरसंचार विभाग मर्जर से पहले या तो बकाया चुकाने के लिए या फिर बैंक गारंटी देने के लिए कहेगा।

2015 में वोडाफोन ने अपनी चार सब्सिडियरी वोडाफोन ईस्ट, वोडाफोन साउथ, वोडाफोन सेलुलर और वोडाफोन डिजिलिंक को मर्ज कर वोडाफोन इंडिया के नाम से नई कंपनी बनाई थी। उस वक्त दूरसंचार विभाग ने वोडाफोन से वन टाइम स्पेक्ट्रम चार्ज के 6,678 करोड़ रुपए चुकाने के लिए कहा था। वोडाफोन ने इस आदेश को कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश की पालना करते हुए वोडाफोन ने सिर्फ 2,000 करोड़ रुपए चुकाए थे। बताया जा रहा है कि दूरसंचार विभाग ने कानूनी राय ली है कि जिसके मुताबिक अगले हफ्ते तक वोडाफोन से वन टाइम स्पेक्ट्रम राशि चुकाने के लिए कहा जा सकता है।

मर्जर के बाद सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बनेगी
वोडाफोन इंडिया और आइडिया के मर्जर के बाद बाद नई कंपनी का नाम वोडाफोन आइडिया लिमिटेड होगा जो देश की सबसे बड़ी मोबाइल सर्विस ऑपरेटर कंपनी बन जाएगी। जिसकी वैल्यू 1.5 लाख करोड़ रुपए होगी। फिलहाल भारती एयरटेल सबसे बड़ी कंपनी है। आइडिया और वोडाफोन पर इस वक्त करीब 1.15 लाख रुपए का कर्ज है।

मर्जर के बाद क्या होगा शेयरहोल्डिंग पैटर्न ?

वोडाफोन45.1%
आदित्य बिड़ला ग्रुप26%
आइडिया के शेयरधारक28.9%

- वोडाफोन-आइडिया में कुमार मंगलम बिड़ला नॉन एग्जिक्यूटिव चेरयमैन वहीं बालेश शर्मा सीईओ हो सकते हैं।

प्रस्तावित मैनेजमेंट

नाम

पद

कुमार मंगलम बिड़ला

(आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन)

नॉन एग्जिक्यूटिव चेयरमैन
बालेश शर्मासीईओ
अक्षय मूंदरा (आइडिया के सीएफओ)सीएफओ
अंबरीश जैन (आइडिया के डिप्टी एमडी)सीओओ

मोबाइल सब्सक्राइबर मार्केट शेयर

भारती एयरटेल फिलहाल 25.70% के साथ सबसे बड़ी कंपनी है। मर्जर के बाद वोडाफोन-आइडिया 36.67% (18.82%+17.85%) मार्केट शेयर के साथ सबसे बड़ी मोबाइल सर्विस ऑपरेटर कंपनी बन जाएगी।

कंपनीमार्केट शेयर
भारती एयरटेल25.70%
वोडाफोन18.82%
आइडिया17.85%
रिलांयस जियो15.76%
बीएसएनएल9.44%
अन्य12.44%

(31 मार्च 2018 तक)

टैरिफ वॉर ने मर्जर के लिए मजबूर किया
रिलायंस जियो के बेहद सस्ते टैरिफ और डेटा से टेलीकॉम सेक्टर में प्राइस वॉर छिड़ा हुआ है। जियो के आने के बाद कई कंपनियों का कारोबार घटा है। मर्जर के बाद वोडाफोन-आइडिया ग्राहक संख्या के मामले में सबसे बड़ी कंपनी बन जाएगी जो रिलायंस जियो को कड़ी टक्कर दे सकती है। फरवरी से मार्च के दौरान रिलायंस जियो ने सबसे ज्यादा 94.29 लाख ग्राहक जोड़े।

किस कंपनी के कितने ग्राहक ?

कंपनीग्राहक संख्या (मार्च)ग्राहक संख्या (फरवरी)
भारती एयरटेल30.41 करोड़29.57 करोड़
वोडाफोन22.26 करोड़21.70 करोड़
आइडिया21.12 करोड़20.20 करोड़
रिलांयस जियो18.65 करोड़17.71 करोड़

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