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डाउनलोड करें- नक्सलियों ने दंतेवाड़ा के चोलनार में धमाका किया, इसके लिए करीब 50 किलो विस्फोटक रोड पर लगाया था
दंतेवाड़ा. नक्सलियों ने कोंटा इलाके में मुख्यमंत्री रमन सिंह की सभा से 2 दिन पहले सर्चिंग पर निकले छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों पर हमला किया। रविवार को नक्सलियों के आईईडी ब्लास्ट में पुलिस जीप के परखच्चे उड़ गए। हमले में कुल 7 जवान शहीद हुए हैं। इनमें से दो ने इलाज के दौरान दम तोड़ा। पुलिस के मुताबिक, नक्सलियों ने ब्लास्ट के बाद जवानों पर फायरिंग की और उनके हथियार लूटकर ले गए। रोड पर धमाके के लिए करीब 50 किलो विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि नक्सलियों में जवानों से आमने-सामने लड़ने की ताकत नहीं है।
हमले के बाद नक्सलियों ने लूटे जवानों के हथियार
- दंतेवाड़ा के एडिशनल एसपी जीएन बघेल ने हमले की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि सर्चिंग के लिए निकली जीप में 7 जवान सवार थे। नक्सलियों ने ब्लास्ट करने के बाद जवानों पर फायरिंग भी की। इतना ही नहीं वे जवानों की दो एके 47, दो एसएलआर, दो इंसास राइफल और दो ग्रेनेड लूटकर ले गए।
- डीआईजी एंटी नक्सल ऑपरेशन, सुरेंद्र राज पी ने बताया कि हमले के बाद पुलिस और सीआरपीएफ के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। नक्सलियों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया जा रहा है। ब्लास्ट में करीब 50 किलोग्राम आईईडी के इस्तेमाल की बात सामने आई है।
छत्तीसगढ़ पुलिस के 6 जवान शहीद हुए
- शहीद जवानों में हेड कॉन्स्टेबल रामकुमार यादव, कॉन्स्टेबल टीकेश्वर ध्रुव, कॉन्स्टेबल राजेश सिंह, कॉन्स्टेबल वरिन्द्र नाथ, कॉन्स्टेबल सालीगराम और कॉन्स्टेबल विक्रम यादव, कॉन्स्टेबल अर्जुन राजवर शामिल हैं।
40 किलो बारूद का इस्तेमाल 8 फीट गहरा गड्ढा हुआ
वाहन को उड़ाने के लिए नक्सलियों ने पुराना तरीका ही अपनाया। पुल के पास जब मोड़ पर गाड़ी धीमी हुई तो विस्फोट कर दिया। पुलिस अफसरों के अनुसार जिस स्थान पर नक्सलियों ने विस्फोट किया, वहां करीब 8 फीट गहरा गड्ढा हो गया है। गड्ढे और गाड़ी की दशा देखकर अफसर अनुमान लगा रहे हैं कि नक्सलियों ने विस्फोट के लिए करीब 40 किलो बारूद का इस्तेमाल किया होगा। ये बारूद पहले से प्लांट किया गया होगा और तार व बैटरी से जोड़कर ब्लास्ट कर दिया।
चार एके-47 भी लूट ले गए
विस्फोट के बाद नक्सली 4 नग एके-47, 2 नग इंसास और दो हैंडग्रेनेड के साथ ही जवानों के पास मौजूद गोलियां लूटने में कामयाब रहे।
मुख्यमंत्री रमन सिंह की सभा से पहले हमला
- 22 मई को विकास यात्रा के तहत मुख्यमंत्री रमन सिंह कोंटा विधानसभा के दोरनापाल में आम सभा करेंगे। जवान इसी के मद्देनजर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लेने निकले थे। तभी नक्सलियों ने घात लगाकर चाेलनार इलाके में पुल के पास विस्फोट किया।
- रमन सिंह ने घटना पर दुख जताते हुए शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह हमला विकास के विरोध में हुआ है। नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब मिलेगा।
- वहीं, गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने जवानों पर हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, ''नक्सली हमले में 6 जवानों की मौत दुखद है। आईईडी बिछाकर जवानों को निशाना बनाया गया। नक्सलियों में जवानों के साथ आमने-सामने लड़ने की ताकत नहीं है।''
महिलाएं और बच्चे करते हैं जवानों की रेकी
- सुरक्षाबलों के सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षाबलों के मूवमेंट पर नजर रखने के लिए नक्सली आमतौर पर महिलाओं और बच्चों का इस्तेमाल करते हैं। वे तेंदू पत्ता, महुआ और लकड़ी बीनने के बहाने जंगल में मौजूद रहते हैं। जवानों के मूवमेंट की खबर लगते ही पटाखा फोड़कर या दौड़कर नक्सलियों को इसकी सूचना देते हैं।
- बता दें कि अप्रैल, 2017 में रोड ओपनिंग पार्टी पर हुए हमले के लिए रेकी करने वालों में महिलाएं भी शामिल थीं। वे मवेशी चराने के बहाने से उनके काफी करीब से गुजरे थे, इसके कुछ देर बाद ही नक्सलियों ने हमला कर दिया था।
2018 में आईईडी ब्लास्ट की बड़ी घटनाएं
09 अप्रैल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से 5 दिन पहले नक्सलियों ने बीजापुर के पास सुरक्षाबलों की बस को ब्लास्ट कर निशाना बनाया। हमले में डीआरजी के दो जवान शहीद हो गए, जबकि 6 जख्मी हुए थे।
13 मार्च: सुकमा के पलोदी में नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट कर सीआरपीएफ के एंटी लैंडमाइन व्हीकल को उड़ा दिया था। इसमें 212 कोबरा बटालियन के 9 जवान शहीद हो गए थे, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हुए।
- बता दें कि नक्सलियों ने अकेले मार्च महीने में 6 से ज्यादा बार जवानों पर हमले किए। 5 आईईडी ब्लास्ट में सुरक्षाबलों के 9 जवान शहीद हुए।
(सभी फोटो- रमाशंकर साहू)
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