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अर्जेंटीना-इजरायल फुटबॉल मैच पर विवाद: फिलिस्तीन ने कहा- मुकाबला यरुशलम में हुआ तो मेसी की तस्वीरें जलाएंगे

यरुशलम में शनिवार रात 12 बजे इजरायल और अर्जेंटीना के बीच एक फुटबॉल मैच खेला जाना है।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Jun 04, 2018, 03:48 PM IST

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    अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी ने 124 अंतरराष्ट्रीय मैच में 64 गोल किए हैं। - फाइल
    • इजरायल और फिलिस्तीन दोनों ही यरुशलम पर अपना दावा करते हैं
    • संयुक्त राष्ट्र के मान्यता नहीं देने के कारण यरुशलम में नहीं है किसी देश का दूतावास

    खेल डेस्क.फिलिस्तीन फुटबॉल फेडरेशन के प्रमुख जिब्रिल राजोब ने फुटबॉल के अरब और मुस्लिम समर्थकों से अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी की तस्वीरें और उनकी जर्सी की प्रतिकृतियां जलाने का आह्वान किया है। दरअसल, फुटबॉल वर्ल्ड कप से पहले हर टीम को कई वॉर्मअप मैच खेलने हैं। 10 जून को अर्जेंटीना का भी इजरायल के साथ वॉर्मअप मैच है। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार शनिवार रात 12 बजे से माहा के यरुशलम नेबरहुड स्थित एक इजरायली फुटबॉल स्टेडियम में खेला जाएगा। इसी को लेकर राजोब को एतराज है। राजोब ने मुस्लिम और अरब देशों के फुटबॉल समर्थकों से कहा है कि यदि अर्जेंटीना यह मैच खेलता है तो वे विरोध में मेसी की तस्वीरें और जर्सियां जलाएं।

    वॉर्मअप मैच को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा इजरायल

    - राजोब की दलील है कि इजरायल ने राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने के लिए यरुशलम में यह मुकाबला रखा है। बता दें कि इजरायल ने यरुशलम को अपनी राजधानी घोषित किया था, जबकि फिलिस्तीन भी इस अपना अधिकार जताता है।
    - राजोब ने रामाल्ला स्थित अर्जेंटीना के प्रतिनिधि कार्यालय के सामने प्रदर्शन करने का भी आह्वान किया है। उन्होंने अर्जेंटीना से यह मैच रद्द करने की मांग की है। 70 साल पहले इजरायल की स्थापना के समय नष्ट हुए एक पूर्व फिलिस्तीनी गांव पर ही यरुशलम नेबरहुड स्थित है।
    - राजोब ने कहा, "मेसी, यहां मत आओ। नस्लवाद के चेहरे पर बदनामी के दाग मिटाने की कोशिश मत करो।" उधर इजरायल की फुटबॉल फेडरेशन का कहना है कि शनिवार को होने वाले इस मैच में मेसी के खेलने की उम्मीद है।

    अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन को लिखा पत्र, मैच न खेलने की मांग की

    - इस संबंध में राजोब ने अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन को एक पत्र भी लिखा है। पत्र में उन्होंने इजरायल पर इस मैच को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है।
    - राजोब ने पत्र में लिखा है, "इजरायली सरकार ने एक नियमित खेल मुकाबले को राजनीतिक हथियार में बदल दिया है। इजरायल की 70वीं वर्षगांठ मनाने के लिए यह मैच खेला जा रहा है। इस मैच को अर्जेंटीना मीडिया विस्तार से कवर करेगा। "
    - जिस स्टेडियम में मैच होना है, वह पश्चिमी यरुशलम में स्थित है। फिलिस्तीन शहर के पूर्वी हिस्से को भविष्य में राजधानी बनाना चाहता है। इसमें गाजा पट्टी और इजरायल के कब्जे वाला वेस्ट बैंक के क्षेत्र शामिल होंगे।
    - राजोब लंबे समय से फुटबॉल की वैश्विक संस्था फीफा और अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति से भी इजरायल को प्रतिबिंधित करने की मांग कर रहे हैं।

    बड़ा नाम होने के कारण कर रहे मेसी का विरोध
    - अर्जेंटीना के मैच खेलने में सिर्फ मेसी का ही विरोध क्यों के सवाल पर राजोब का तर्क है कि वे बड़ा नाम हैं। रामाल्ला के वेस्ट बैंक टाउन स्थित अर्जेंटीनी प्रतिनिधि के कार्यालय के बाहर पत्रकारों से राजोब ने कहा, "मेसी बड़ा नाम हैं, इसलिए हम व्यक्तिगत रूप से उन्हें टारगेट कर रहे हैं। हमने मेसी की तस्वीरें और उनकी टी-शर्ट जलाने का आह्वान किया है। हमने मेसी का बहिष्कार करने की मांग की है। हालांकि हमें उम्मीद है कि मेसी मैच खेलने नहीं आएंगे।"

    यरुशलम को इजरायल की राजधानी मान चुका है अमेरिका

    - यरुशलम पर इजरायल और फिलिस्तीन दोनों ही अपना दावा करते हैं। हालांकि पिछले साल ही इजरायल ने यरुशलम को अपनी राजधानी घोषित किया था। अमेरिका यरुशलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता भी दे चुका है।

    - एेसे में फिलिस्तीन फुटबॉल एसोसिएशन को लगता है कि यदि अर्जेंटीना ने यरुशलम में इजरायल के साथ मैच खेला तो इजरायली सरकार इसे राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करेगी। इजरायल यह साबित करने की कोशिश करेगा कि अर्जेंटीना भी यरुशलम को इजरायल की राजधानी या उसका हिस्सा मानता है।

    - बता दें कि संयुक्त राष्ट्र और दुनिया के ज्यादातर देश पूरे यरुशलम पर इजरायल के दावे को मान्यता नहीं देते हैं। यही वजह है कि यरुशलम में किसी भी देश का दूतावास नहीं है।

    यहूदियों, मुस्लिम और ईसाइयों तीनों के लिए महत्वपूर्ण है यरुशलम
    - यरुशलम में यहूदियों का सबसे पवित्र स्थल टेंपल प्वाइंट स्थित है। कहा जाता है कि उनका पवित्र स्थल सुलेमानी मंदिर भी यहीं हुआ करता था। उसे रोमनों ने नष्ट कर दिया था।
    - यरुशलम में अल-अक्सा मस्जिद है। मुस्लिमों के यह बहुत पाक स्थल है। वे मानते हैं कि अल-अक्सा मस्जिद वह जगह है, जहां से पैगंबर मोहम्मद जन्नत पहुंचे थे।
    - ईसाइयां का मानना है कि यरुशलम में ही ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था। यहां पर मौजूद सपुखर चर्च को ईसाई बहुत ही पवित्र स्थल मानते हैं।

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    मेसी चौथी बार फीफा वर्ल्ड कप में खेलने उतरेंगे। - फाइल
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Web Title: If Messi Plays In Israel Vs Argentina Friendly Match, Burn His T-Shirts
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