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डाउनलोड करेंमुंबई. फैशन मुग़ल कार्ल लजेरफेल्ड का एक विवादित बयान वायरल हो रहा है। दरअसल, #MeToo कैंपेन पर बात करते हुए कार्ल ने मॉडल्स को लेकर यह विवादित बयान दिया है। उन्होंने एक अंग्रेजी मैगजीन से बातचीत में कहा कि अगर मॉडल्स को पेंट उतारने में परेशानी होती है तो उन्हें मॉडलिंग छोड़ देनी चाहिए। कार्ल का दावा है कि पिछले साल लॉन्च किए गए कैंपेन का सहारा कई महिलाएं उन लोगों पर झूठे आरोप लगाने के लिए ले रही हैं, जिनका साथ उन्हें नहीं मिल सका। डिजाइनर ने मॉडल्स के बचाव के तरीकों की आलोचना की...
- कार्ल ने इस इंटरव्यू में मॉडल्स के बचाव के लिए अपनाए जा रहे नियमों की आलोचना की है। ये नियम खासकर स्टूडियो में फोटो सेशन के लिए बनाए गए हैं। कार्ल कहते हैं कि उन्होंने कहीं पढ़ा कि फोटोग्राफर्स को पोज लेने से पहले मॉडल से पूछ लेना चाहिए कि वह सहज महसूस कर रही है या नहीं। इस तरह के नियमों को वे सही नहीं मानते। इसी को लेकर कार्ल ने कहा कि मॉडल्स को अगर अपनी पेंट उतारने में परेशानी होती है तो उन्हें मॉडलिंग में आने की बजाय मठ में जाना चाहिए। उन्हें वहां किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी।
लजेरफेल्ड बोले- मैं टेंपलर का बचाव नहीं कर रहा
- इंटरव्यू में कार्ल लजेरफेल्ड ने सफाई दी कि वे कार्ल टेंपलर का बचाव नहीं कर रहे हैं,जिन्होंने ने फरवरी में बिना अनुमति के एक मॉडल का अंडरवियर खींच दिया था। बता दें कि कार्ल टेम्पलर न्यूयॉर्क बेस्ड फैशन स्टाइलिस्ट हैं।
कौन हैं कार्ल लजेरफेल्ड
- 84 साल के लजेरफेल्ड जर्मन क्रिएटिव डायरेक्टर,आर्टिस्ट और फोटोग्राफर हैं। वे 1958 से लगातार फैशन इंडस्ट्री से जुड़े हुए हैं। दुनियाभर में उनकी पहचान उनके सफ़ेद बालों, ब्लैक सनग्लासेस और हाई स्ट्रेच्ड कालर से है।
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