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डाउनलोड करेंइंदौर. अवैध कॉलोनियों को वैध करने के लिए चल रही प्रदेश सरकार की मुहिम के बीच प्रशासन और पंजीयन विभाग ने यहां रहने वाले दो लाख से ज्यादा लोगों को राहत देने की तैयारी कर ली है। कलेक्टर निशांत वरवड़े ने पंजीयन विभाग को आदेश दिए हैं कि वर्तमान वित्तीय वर्ष (2018-19) के लिए तैयार हो रही प्रॉपर्टी की गाइडलाइन में अवैध कॉलोनियों को भी शामिल किया जाए। इसके लिए इन एरिया में जमीन, मकान, फ्लैट के औपचारिक दाम तय कर दिए जाएं।
नगरीय सीमा में 570 से ज्यादा कॉलोनियों को वैध करने की तैयारी की जा रही है। हालांकि इनमें से आधी अवैध कॉलोनियां (द्वारकापुरी जैसी बड़ी कॉलोनियां) गाइडलाइन में शामिल हैं, लेकिन अब सभी के भाव खोले जा रहे हैं। इससे एक बड़ा फायदा आमजन को यह होगा कि इन एरिया में अभी हो रहे कच्चे सौदे, पक्के हो सकेंगे। इनकी व्यवस्थित रजिस्ट्रियां होंगी। साथ ही दाम तय होने से इन्हें बैंक लोन मिलने में भी मदद मिलेगी। वहीं, नोटरी में होने वाले सौदे बंद होंगे, जिससे औपचारिक लेन-देन और सौदे बढ़ेंगे।
गाइडलाइन बढ़ाने की जरूरत नहीं
कलेक्टर ने पंजीयन विभाग को ये भी निर्देश दे दिए हैं कि बेवजह प्रॉपर्टी की गाइडलाइन बढ़ाने की जरूरत नहीं है। यदि किसी तकनीकी कारण से किसी जगह पर गाइडलाइन के दाम बढ़ाने की जरूरत होगी तो वहीं पर जिला मूल्यांकन कमेटी इस मामले में चर्चा कर विचार करेगी। नहीं तो बढ़ोतरी के प्रस्ताव को खारिज कर दिया जाएगा।
नई कॉलोनियों को जोड़ा जाएगा
गाइडलाइन में इस बार पंजीयन विभाग का ध्यान इसी बात पर है कि जो भी नई कॉलोनियां विकसित हो रही हैं, उन सभी को गाइडलाइन में शामिल कर लिया जाए। इससे बार-बार पड़ोस की कॉलोनी के भाव से तुलना कर उनके दाम निकालने व इस पर स्टैंप ड्यूटी लेने की उलझन नहीं रहेगी।
अवैध कॉलोनियों को लेना जरूरी
जिला मूल्यांकन कमेटी के अध्यक्ष एवं कलेक्टर निशांत वरवड़े ने बताया कि शासन अवैध कॉलोनियों को वैध करने की कवायद कर रहा है। यदि इन्हें गाइडलाइन में शामिल नहीं किया तो फिर यहां खरीदी-बिक्री में समस्या आएगी और लोगों को वाजिब दाम नहीं मिलेंगे।
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