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भास्कर लाइव : घाटों पर जेसीबी लगाकर चंबल की रेत का हो रहा अवैध उत्खनन

3 वर्ष पहले
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मुरैना.   रेत का उत्खनन थम नहीं पा रहा है। वे-खौफ माफिया चंबल नदी के घाटों पर जेसीबी लगाकर रेत का अवैध उत्खनन कर रहे हैं। उत्खनन की हकीकत परखने के लिए दैनिक भास्कर टीम ने शनिवार को विंडवा घाट पर पहुंची तो जेसीबी की मदद से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में रेत भरा जा रहा था। कुछ ट्रैक्टर चंबल नदी पार कर राजस्थान के मोरोली घाट पर पहुंचकर रेत भरकर ला रहे थे। इस रेत को विंडवा घाट के आस-पास डंप किया जा रहा था तो कुछ ट्रैक्टर-ट्रॉली रेत भरकर शहर की ओर रवाना हो रहे थे। भास्कर टीम ने माफियाओं के इस दुस्साहस को कैमरे में कैद किया।  


भीषण गर्मी में चंबल की धार कमजोर हो गई है इसलिए ट्रैक्टर-ट्रॉली नदी के रास्ते फर्राटे भरते हुए राजस्थान व मध्यप्रदेश की सीमा में आवागमन कर रहे हैं। राजस्थान के मोरोली घाट पर भारी मात्रा में रेत है तो इस रेत को लाकर विंडवा घाट के पास डंप किया जा रहा है। यह रेत हर रोज शहर में आ रहा है। लेकिन पुलिस, प्रशासन व वन विभाग की टीम इसे रोकने में नाकाम साबित हो रही है। घाट पर पहुंचकर कार्रवाई तो दूर शहर में पहुंच रहे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के पहिए भी टास्कफोर्स नहीं रोक पा रहा। 

चौकी पर नहीं दूर बैठते वन कर्मचारी  
नेशनल हाईवे पर रेत का परिवहन रोकने के लिए वन विभाग ने चौकी बनाई है। यहां वन विभाग के कर्मचारी भी तैनात किए गए हैं और एसएएफ जवान भी मौजूद हैं। लेकिन यह सभी कर्मचारी चौकी पर न बैठकर काफी दूर जाकर बैठते हैं और वहीं से ड्यूटी की खानापूर्ति होती है। कारण यह है कि माफियाओं के ट्रैक्टर-ट्रॉली कई बार टक्कर मारकर चौकी को ध्वस्त कर चुके हैं इस भय से कर्मचारी इस चौकी से दूर ही बैठे दिखते हैं जिनके सामने से रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली दिन भर निकलते हैं। 

 

 

इन घाटों पर हो रहा रेत का उत्खनन 
चंबल के रेत का उत्खनन विंडवा घाट के अलावा भर्रा, बटेश्वरा, चिन्नौनी, कैंथरी, गुनापुरा, गुर्जा, बरवासिन, गडौरा, कुथियाना, भानपुर, जैतपुर, पिपरई, बंधा, पिढावली, कैमरा, तोर, तिलावली के अलावा अंबाह-पोरसा में चंबल सटे गांव में जमकर हो रहा है। लेकिन टास्कफोर्स किसी भी घाट पर पहुंचकर कार्रवाई करने का साहस नहीं जुटा सकी है। 


इसलिए पीछे हट रही पुलिस
डेढ़़ साल पहले टास्कफोर्स ने चंबल के बरवासिन घाट पर पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया था। लेकिन वहां माफियाओं ने टास्कफोर्स का मुकाबला किया और दिनभर गोलीबारी होती रही। इस दौरान एक जेसीबी कीचड़ में फंस गई थी। काफी प्रयास के बाद टास्कफोर्स की टीम इसे लेकर नहीं आ सकी। जैसे ही फोर्स इस स्थान से हटा माफिया इस जेसीबी को निकालकर ले गए। हालांकि इस दौरान एक युवक की मौत हो गई थी। इस कार्रवाई के बाद टास्कफोर्स कोई कार्रवाई रेत को पकडऩे के लिए नहीं की है। इस कारण माफिया वे-खौफ होकर रेत का उत्खनन कर रहा है। 

 

 

एक साथ निकलते ट्रैक्टर रोकना नहीं संभव
मुरैना के डीएफओ अभिषेक तोमर ने बताया कि प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के स्थानांतरण के चलते टास्कफोर्स की कार्रवाई संभव नहीं हो पा रही। वन चौकी पर कर्मचारी तैनात रहते हैं लेकिन रेत के ट्रैक्टर-ट्रॉली एक साथ निकलते हैं जिन्हें रोकना संभव नहीं हो पाता क्योंकि यह बैरियर इतना सशक्त नहीं है।   
 

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